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धरती पर अंगारे बरसने के साथ होगी बारिश, जानें कब तक रहेगा ऐसा प्रकोप
धरती पर अंगारे बरसने के साथ होगी बारिश, जानें कब तक रहेगा ऐसा प्रकोप

आजकल सूर्य देव आसमान से अग्नि बरसा रहे हैं। भंयकर गर्मी का प्रकोप जोरों पर है। भारत के कुछ भागों में तो तापमान 50 डिग्री के करीब है। जिस वजह से लोग घर में कैद होने को मजबूर हैं। एसी और कूलर भी गर्म लू के थपेड़ों के आगे फेल होते जा रहे हैं। सर्द-गर्म और लू लगने का खतरा जानलेवा भी हो सकता है। गर्म हवाओं के चलते निर्बल या कमजोर व्यक्तियों में इसका खतरा अधिक रहता है । युवाओं की तुलना में बच्चे और वृद्ध इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं । इसी प्रकार मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति भी गर्म हवाओं की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।




मौसम के इस हाल के पीछे ग्रह-नक्षत्रों का बहुत बड़ा हाथ है। भयंकर गर्मी के पीछे बहुत से कारक हैं जैसे सूर्य का ग्रह परिर्वतन 25 मई को हुआ था। सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में प्रवेश कर गए थे। इसके साथ नौतपा भी आरंभ हो गया था। सूर्य, मंगल की युति के साथ शनि से षडाष्टक योग का निर्माण हुआ। इस योग के प्रभाव से अधिक गर्मी के साथ-साथ मध्यांतर में वर्षा के भी योग बने हुए हैं, जो फसल और स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हैं। आने वाले समय में सावधानी बरतने की जरूरत है। 21 जून तक दिन बड़े और रातें छोटी रहेंगी।




सूर्य के आग उगलने के पीछे शनि ग्रह का भी बहुत बड़ा हाथ है। जब क्रूर ग्रह शनि, राहू और मंगल एक दूसरे से संबंध बनाते हैं तो सूर्य अग्नि की भांति तपने लगता है और धरती पर अंगारे बरसने के साथ बारिश भी होती है। जिसका मानव जीवन पर दुष्प्रभाव पड़ता है। जब शनि और राहू एक दूसरे के पास आते हैं तो अपना-अपना विरोधपूर्ण परिणाम देते हैं।

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