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बाड़मेर गलत खाता संख्या सीडिंग कर 7.70 लाख का गबन,दो मामले दर्ज

-कोष कार्यालय ने 7.20 लाख रूपए वसूले,समस्त पेंशनर्स के खातांे की सीडिंग की जांच के निर्देश

बाड़मेर, 22 जून। जिले मंे सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनान्तर्गत पेंशनर्स के बैंक खातांे के जरिए भुगतान प्रक्रिया मंे सैंध लगाकर 307 पेंशनर्स की 7 लाख 70 हजार 600 रूपए का गबन करने का मामला सामने आया है। कोष कार्यालय की विभिन्न टीमांे की ओर से की गई जांच के दौरान जालसाजी का खुलासा होने के बाद धोरीमन्ना एवं गुड़ामालानी पुलिस स्टेशन मंे मामले दर्ज कराने के साथ 7 लाख 20 हजार 350 रूपए वसूले गए है। जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते के मुताबिक समस्त उपखंड एवं विकास अधिकारियांे को समस्त पेंशनर्स की भामाशाह पोर्टल पर बैंक खाते से सीडिंग किए जाने की जांच कराने के निर्देश दिए गए है। साथ ही इस तरह के प्रकरण सामने आने पर कानूनी कार्यवाही करने को कहा गया है।

कोषाधिकारी दिनेश बारहठ ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि ई-मित्र संचालक एवं एसबीआई धोरीमन्ना के लिए बैकिंग कारेस्पोंडेंस का कार्य करने वाले व्यक्ति ने जालसाजी करते हुए बैंक मंे व्यस्क एवं अव्यस्क व्यक्तियांे के फर्जी खाते खुलवाए। इसके बाद उसने ई-मित्र संचालक के रूप मंे कार्य करते हुए इन फर्जी खातांे को भामाशाह पोर्टल पर पेंशनर्स के साथ सीडिंग कर दिया। सीडिंग करते समय मूल खाता संख्या के आगे शून्य लगाकर एक फर्जी खाते के साथ एक से छह पेंशनर्स के पीपीओ को सीड कर दिया। इस तरह उसने 284 प्रकरणांे मंे 7 लाख 19 हजार 850 रूपए की पेंशन राशि की हेराफेरी की। इसमंे कोष कार्यालय की ओर से 6 लाख 69 हजार 600 रूपए संबंधित बैंक के जरिए वसूले गए है। कोषाधिकारी बारहठ ने बताया कि एक अन्य मामले मंे 8 खातांे के साथ 23 पेंशनर्स के पीपीओ को सीड कर 50 हजार 750 रूपए हड़प लिए गए। इस मामले मंे समस्त राशि संबंधित बैंक की ओर से वसूली करवाई जा चुकी है। इसमंे एसबीआई,एडीबी शाखा गुड़ामालानी के बीसी की ओर से यह जालसाजी करने की आशंका है। उनके मुताबिक कोष कार्यालय एवं उप कोष कार्यालय से पेंशनर्स के खातांे मंे पेंशन राशि हस्तांतरित करने पर यह पेंशन की राशि मूल पेंशनर्स के बजाय फर्जी खातांे मंे हस्तांतरित होती रही। इस राशि को संबंधित बैंकिंग कारेस्पोंडेंस अथवा फर्जी खाता धारक की ओर आहरित किया जाता रहा। इस तरह 307 पेंशनर्स की राशि जालसाजी के जरिए हड़प ली गई।

जोधपुर डिस्कॉम ने लिए कृषि एवं घरेलू उपभोक्ता के हित में अनेक निर्णय




बाड़मेर, 22 जून। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने कृषि एवं घरेलू श्रेणी उपभोक्ताओं के हित मंे अनेक निर्णय लिए है।




प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने बताया कि कृषि कनेक्शन के लिए उपयोग में ली जाने वाली विद्युत मोटर के भार की वास्तविक जांच की प्रक्रिया के निर्धारण के लिए एक समिति गठित की जाएगी। इससमें किसान प्रतिनिधि, भारतीय मानक ब्यूरो एवं डिस्कॉम प्रतिनिधि होंगे। इनके की ओर से निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप कृषि कनेक्शन मोटर का भार निर्धारण किया जाएगा। प्रबंध निदेशक ने बताया कि कृषि कनेक्शन के लिए उपयोग में लिए जाने वाले ट्रांसफार्मर में छोटी खराबी होने पर उसे मौके पर ही मरम्मत का कार्य किया जाएगा, पूर्व में इसे सहायक अभियंता कार्यालय में जमा कराने पर ही मरम्मत का कार्य किया जाता था।उन्हांेने बताया कि कृषि उपभोक्ताओं के ट्रांसफार्मर जलने पर उसे सहायक अभियंता कार्यालय में लाकर जमा कराता है एवं नया ट्रांसफार्मर अपने कनेक्शन स्थान तक ले जाने में सहयोग करता है। उन्हें बदलने में सहयोग पर पूर्व में 300 रूपये का भुगतान सहयोग राशि के रूप में आगामी बिलों की राशि में समायोजित करने का प्रावधान है, अब ट्रांसफार्मर जलने पर जो उपभोक्ता सहयोग करता है उसे ट्रांसफार्मर तुरन्त ही दे दिया जाएगा। साथ ही सहयोग राशि 300 के स्थान पर 700 कर दी गई है। प्रबध्ंा निदेशक ने बताया कि बिल जारी होने से पूर्व उपभोक्ता को मीटर रीडिंग के बारे में जानकारी देने के लिए उपभोक्ता को मीटर रीडिंग के पश्चात उसके पठन एवं उपभोग की सूचना उसके पंजीकृत नम्बर पर एसएमएस द्वारा भेजी जाएगी। इसी तरह मुख्यमंत्री विद्युत सुधार योजना कार्यक्रम के तहत विद्युत कनेक्शन पर डिस्कॉम शन्ट केपेसिटर उपलब्ध करवाया जाएगा।

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