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छुट्टियों पर हकर निजी अस्पतालों मे सेवाएं देने वाले चिकित्सकों के पंजीकरण रद्द होंगे



जयपुर / प्रदेश में राजकीय सेवा में कार्यरत चिकित्सकों द्वारा बिना अनुमति अवकाश पर रहकर निजी चिकित्सा संस्थानों में कार्य करने वालों के पंजीकरण निरस्त करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश में मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर को कम करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर सभी स्वीकृत 153 एफआरयू को सक्रिय रखा जायेगा।

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वीनू गुप्ता ने शासन सचिवालय में चयनित 23 फस्र्ट रेफरल यूनिट की समीक्षा हेतु आयोजित वीडियो काॅन्फ्रेंस में यह निर्देश दिये। वीडियो काॅन्फ्रेंस में उन्होंने विस्तार से फस्र्ट रेफरल यूनिट की स्थितियों की विस्तार से समीक्षा की एवं इनके सभी गैप पूर्ण कर इन सभी को सक्रिय बनाये रखने के निर्देश दिये।

श्रीमती गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर को कम करना चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इन्हें कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। प्रसूताओं एवं नवजात शिशु को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराने के लिए प्रदेश में 153 फस्र्ट रेफरल यूनिट स्वीकृत है। इन यूनिट्स में प्रसूति, शिशु रोग, सर्जरी एवं एनेस्थिशिया के विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किये जा रहे हैं एवं इन सभी को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराये जा रहे हैं। प्रमुख शासन सचिव ने फस्र्ट रेफरल यूनिट पर कार्यरत सभी चिकित्सकों से संवेदनशीलता और मानवता की भावना से कार्य कर प्रसूताओं एवं नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों पर कार्यरत चिकित्सकों की लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लिया जायेगा। उन्होंने एफआरयू पर सभी उपकरणों के सक्रिय रखने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए खराब उपकरणों को तत्काल ठीक कराने अथवा बदलवाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

वीडियो काॅन्फ्रेंस में निदेशक आरसीएच डाॅ. वी.के.माथुर, परियोजना निदेशक मातृत्व स्वास्थ्य डाॅ. तरूण चौधरी सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।

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