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बाड़मेर, तहजीबो संस्कृति मंे रहकर अमन और शांति का पैगाम दियाःविश्नोई

-कौमी एकता एवं तालिमी कांफ्रेस का हुआ आयोजन

बाड़मेर, 17 मई। अपनी तपस्या,व्यवहार और इंसानियत का संदेश देकर हर धर्म और जाति के लोगांे के गले लगाकर प्यार बांटने वाले पीर साहब की एक-एक शिक्षा और शब्द एक विशाल संदेश बनकर आज भी न केवल प्रभावशाली है बल्कि पूरी तरह से सार्थकता बनाए हुए है। जिसे अपनाने मंे लोग अपने को गौरवांतित मानते है। यह बात सूजा शरीफ स्थित दरगाह के सालाना उर्स एवं दारूल उलूम फैजे सिदिकिया संस्था के 140 वें सालाना जश्ने दस्तारबंदी के मौके पर आयोजित कौमी एकता एवं तालीमी कांफ्रेस मंे मुख्य अतिथि संसदीय सचिव लादूराम विश्नोई ने भारी तादाद मंे उपस्थित जायरीनांे को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर संसदीय सचिव लादूराम विश्नोई ने कहा कि पीर साहब का संदेश पूरी दुनिया मंे फैल रहा है। तहजीबो संस्कृति मंे रहकर अमन एवं शांति का पैगाम दिया है। संसदीय सचिव ने राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाआंे एवं बिजली की योजनाआंे की विस्तार से जानकारी देते हुए फायदा लेने की बात कही। उन्हांेने शूजा शरीफ मंे इतने विशाल उर्स की चर्चा मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धराराजे से करने की बात करते हुए कहा कि सूजा शरीफ मंे मुख्यमंत्री को आने का आग्रह करेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चौहटन विधायक तरूणराय कागा ने स्थानीय ग्रामीण भाषा मंे अपने उदबोधन मंे कहा कि मोहब्बत और भाई चारे का माहौल इन अल्लाहवालो एवं ईश्वरवालों से फैला है। इसी कारण सूजा शरीफ के इस इदारा ने आज पूरे भारत मंे इल्मी रूहानी मर्कग होकर सूरज की तरह चमक रहा है। पीर साहब की वजह से मुहब्बत और मिलनसारी के दरख्त फलते फूलते रहे है। विधायक कागा ने बच्चांे की कंप्यूटराइज शिक्षा की तारीफ की। उन्हांेने संस्था के सचिव अब्दुल रशीद की मांग पर दरगाह शरीफ के पास सार्वजनिक विश्राम गृह के लिए 5 लाख एवं सूजो का निवाण गांव के कब्रिस्तान मंे सार्वजनिक विश्राम स्थल के लिए तीन लाख के निर्माण करवाने की घोषणा की।

विशिष्ट अतिथि संत श्री परमानंद महाराज ने कहा कि दुनियावी जिन्दगी मंे परेशान लोग सुकुन की तलाश मंे सूफी संतों के स्थान पर आकर राहत महसूस करते है। जो बिगड़ी बात कही न बने वो इनकी बारगाह मंे बन जाती है। इन सूफी संतों ने धर्म और मजहब और बगैर भेदभाव के इंसानियत के दिलांे को जीता है। भारत जैसे प्यारे देश मंे चप्पा चप्पा और दूर दराज इलाकों मंे मोहब्बत की शमा सूफी संतों ने जलाई। पीर साहब जैसे फकीर आज हमारे बीच जिन्दा मौजूद है और यह मिसाल है। इस मौके पर सेड़वा पंचायत समिति के प्रधान पदमाराम मेघवाल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आदूराम मेघवाल, एडवोकेट रूपसिंह राठौड़, जिला महामंत्री कैलाश कोटडि़या, नगर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष नजीर मोहम्मद, समाजसेवी तेजदान चारण, डा.मोहनलाल डोसी, शाह मोहम्मद सिपाही, सचिव अब्दुल रशीद ने भी संबोधित करते हुए कहा कि जब बनाने वाले ने खुदा या ईश्वर ने भेद नहीं किया जो हम लोगांे को मतभेद नहीं करना चाहिए। ईश्वर खुदा ने प्रत्येक इन्सान को बराबरी का हक दिया है। सूरज की रोशनी, बरसात, पानी, धूप, छांव, अनाज इत्यादि मंे कोई भी भेद नहीं है।

कार्यक्रम की शुरूआत मंे दारूल उलूम फैजे सिदीकिया संस्था के विद्यार्थी अरबाब ने हिन्दी भाषा मंे और नसरूदीन ने अंग्रेजी भाषा मंे संस्थान की जानकारी दी। इस मौके पर भाजपा मंडल सेड़वा अध्यक्ष पुरखाराम मांजू, मंडल महामंत्री भरतदान चारण, डा.एम.आर.गढवीर, पाटोदी प्रधान रशीदा बानो, नवोड़ा बेरा सरपंच रोशनअली, पंचायत समिति सदस्य बाबू खान, ब्लाक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी युवराज कागा, मंडल किसान मोर्चा अध्यक्ष हरीराम, डूंगर राठी, राणासर कला सरपंच खेमसिंह, रमजान खान, सैîद रमजान अली, ईशाक मोहम्मद, गनी मोहम्मद सुमरो, अलताफ अहमद, सैैîद भूरेशाह समेत विभिन्न गणमान्य नागरिक मंच पर उपस्थित थे।

कार्यक्रम का अतिथियांे का संस्था सरपरस्त एवं धर्म गुरू सैैîद गुलाम हुसैन शाह जिलानी, पीर सैैîद हाजी बावाशाह जीलानी, पीर सैैîद फारूक शाह जीलानी, पीर सैैîद मासूम शाह जीलानी, संस्था सचिव अब्दुल रशीद एवं विद्यालय के अध्यापक ईस्माइल खान, गुलाम अली, सलीम खान, जहूर खान, बरकतुल्ला खान, कबूल खान, इब्राहीम खान, सफी मोहम्मद, कयामुददीन ने क्रमशः शाल ओढाकर एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। संस्था कमेटी की ओर से अतिथियांे को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन गुलाम रसूल टाक ने किया। धर्म गुरू पीर सैैîद गुलाम हुसैन शाह जीलानी ने आभार जताया।

सूजा शरीफ की सरजमीं पर हजारांे अकीदतमंदांे का उमड़ा सैलाब

-आस्ताना मंे हाजिरी देकर मांगी अमन चैन की दुआ

बाड़मेर, 17 मई। या अल्लाह हर काम मंे हम कामयाबी अता फरमा और हमारे नसीब को खोल दे। हमारी परेशानियांे,तकलीफों ,बीमारियांे को दूर फरमा और और तन्दुरूस्ती का अता कर। हमारे मुल्क मंे अमन चैन, भाई चारा बना रहे। उसे खुशहाल बना दें। यह इल्तिजा बुधवार को सूजो का निवाण दरगाह दादा मिया पीर सैîद कुत्बे आलमशाह जीलानी के आस्ताना मंे हजारांे जायरीनांे ने दोनांे हाथ ऊपर उठाकर मुस्लिम धर्म गुरू पीर सैîद गुलाम हुसैन जीलानी एवं अन्य सादाते किराम एवं उल्माए किराम की मौजूदगी मंे दुआ मांगी। दरगाह मंे रात भर एवं पूरे दिन जियारत करने वाले जायरीनांे का सैलाब उमड़ता रहा। जायरीनांे ने मजार पर अकीदत के फूल इत्र पेशकर शिरनी भी की। दो दिवसीय उर्स का समापन बुधवार को हुआ। सूजो का निवाण मंे भारी तादाद मंे वाहनांे का मेला लग गया। जायरीन अपने-अपने साधन लेकर यहां पहुंचे। इस मौके पर दरगाह शरीफ एवं दारूल उलूम फैजे सिददीकिया भवन को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। जो बरबस आकर्षण का केन्द्र रही। मंगलवार रात्रि एवं बुधवार सूबह मेला पूरे परवान था। मेले मंे सैकड़ांे खान-पान, व्यजंन, मणिहारी, खिलौने, इत्र टोपी एवं इस्लामी आयटमांे की स्टालें लगी। जायरीनांे ने खूब खरीददारी की। उस मुबारक के आयोजक धर्म गुरू पीर सैîद गुलाम शाह जीलानी का मुबारक चेहरा देखने एवं उनसे मुसाफा करने वालांे की दिन भर हौड़ लगी रही। धर्म गुरू जीलानी ने स्वयं जायरीनांे की व्यवस्थाआंे को देखा। उनकी कुशलक्षेप पूछी। इस मौके पर पुलिस का माकूल बंदोबस्त था। पीर सैîद हाजी बाबा साहब जीलानी, पीर सैîद मासूम शाह जीलानी, पीर सैयद फारूक शाह जीलानी ने भी उर्स की व्यवस्थाआंे का दौरा किया। सामुदायिक चिकित्सा केन्द्र सेड़वा की ओर से जायरीनांे की सहुलियत के लिए चिकित्सा शिविर लगाया गया। बुधवार को उल्लाए किराम के नूरानी बयानात हुए। इससे पूर्व दोपहर को खत्मे बुखारी शरीफ का पाठ हुआ। इस कार्यक्रम मंे छोटा हो या बड़ा, अमीर हो या गरीब प्रत्येक जायरीन ने इस मुबारक मौके पर खास दुआ मांगी। हर कोई अपना दामन फैलाए खड़ा रहा। चौखट चुमने की उत्सुकता और उत्साह अकीदतमंदांे की आंखांे की साफ झलक रही थी। लोगांे का रैले के रूप मंे आना अनवरत जारी रहा। मंगलवार को दोपहर खत्मे बुखारी शरीफ का आयोजन हुआ। जिसमंे हजारांे लोगांे ने अपनी मुंहमांगी दुआ की। बाद नमाजे ईशा संस्था के विद्यार्थियांे ने वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं भाषण तथा नात तकरीरी कार्यक्रम हुए। तत्पश्चात उल्लाए किराम के नूरानी बयानात हुए। जश्ने दस्तारबंदी कार्यक्रम मंे इस वर्ष 19 सफल छात्रांे को सनद से नवाजा गया। उर्स के मौके पर जायरीनांे के लिए शामियाना टेंट, पीने के पानी, भोजन की व्यवस्था की गई। सेड़वा, सम्मो की ढाणी, फकीरांे का निवाण इत्यादि गांवांे मंे जायरीनांे के लिए शर्बत एवं ठंडे पेयजल की व्यवस्था की गई।

इन्हांेने की तकरीरः तकरीर कार्यक्रम मंे पीर सैîद अशरफ शाह साहब, मौलाना डा.मोहम्मद हसन रजा पटना, सैîद आरिफ इकबाल मिस्वाही, सैîद कलीम अशरफ शाह जीलानी, मौलाना मुफ्ती शहाबुददीन कच्छोछा, मुफ्ती अब्दुल सलाम जीलानी लेक्चरार अलीगढ़ युनिवर्सिटी, मौलाना मुफ्ती अनवारूल हक, मुफ्ती मौलाना फहीम सकलेन इत्यादि महशूर हस्तियांे ने तकरीर की।

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