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पीसांगन खून से सने हाथों से करती रही घर का कामकाज, पति को इसलिए उतारा मौत के घाट
खून से सने हाथों से करती रही घर का कामकाज, पति को इसलिए उतारा मौत के घाट

बहुचर्चित धारसिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। जांच के बाद मृतक की पत्नी को कातिल मानकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपिता को पुलिस बुधवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेगी।




थानाधिकारी कंवर पाल सिंह शेखावत के अनुसार मृतक धारसिंह का विवाह पिचौलिया निवासी संतोष कंवर से करीब 25 वर्ष पूर्व हुआ था। इनके वैवाहिक जीवन से तीन पुत्रियां सुनीता पूजा व अंकिता व दो पुत्र दिनेश व दीपक हुए। पति वैवाहिक जीवन की शुरुआत के 10 वर्षों तक मजदूरी करता था।




बीते डेढ़ दशक से वह बकरियां चराता था। आरोपित पत्नी संतोष कंवर 22 मार्च को सोहन रेगर के खेत पर गेहंू निकलवाने गई थी। शाम को घर लौटी तो पति ने चाय बनाने को कहा,लेकिन पत्नी ने मना कर दिया। बाद में पति डेयरी पर दूध लेने चला गया। इस दौरान इनके बच्चे जेठ के घर टीवी देखने चले गए थे, जिनको संतोष कंवर ने रात्रि 9 बजे घर बुलवाकर सुला दिया।




पुत्र दिनेश को सुलाने से पूर्व पति को देखने भेजा। तब पति बाड़े के पिछवाड़े अमरुराम चौकीदार के पुराने मकान में भजन गा रहा था। छोटी बेटी अंकिता मेहंदी लगाने लग गई। रात्रि करीब 9.30 बजे जब अंकिता दिनेश व दीपक सो गए। इसी रात संतोष ने पति का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। मौत को पूरी तरह अंजाम देने के लिए उसने भारी पत्थर पति के सिर पर दे मारा।

पुलिस के अनुसार हत्या के बाद संतोष रिश्ते में जेठ पूनमसिंह के घर का दरवाजा खोल लेट गई। संतोष को रातभर नींद नहीं आई। सुबह पिचौलिया से जयपुर के लिए जब रोडवेज बस रवाना हुई तब इसने खून से सने हाथ व कपड़े धोकर खाना बनाना शुरू कर दिया। बाद में इसतरह का व्यवहार किया जैसे उसने कुछ नहीं किया।

यह रही हत्या की वजह

पुलिस अनुसंधान में आरोपित पत्नी ने बताया कि उसके गांव में कई लोगों से अवैध संबंध थे। इसे लेकर उसका पति आए दिन शराब के नशे में लड़ाई झगड़ा करता रहता था। इससे परेशान होकर उसने पति की हत्या कर दी। इस दौरान संतोष ने अपने कथित प्रेमियों के नाम हत्या में शामिल कर पुलिस को बताए। एएसा कर वह पुलिस को गुमराह करती रही। इस दौरान पुलिस को संतोष पर शक हुआ। थानाधिकारी कंवर पाल सिंह शेखावत, एएसआई अमरचंद, कान्स्टेबल रेखराज चौधरी, प्रकाश जाखड़, रामाकिशन चौधरी, राजूदेवी देवासी, आचार्य रामकुमार शास्त्री, संजयसिंह डांगा, मुखराम डूडी, रामकंवरी के प्रयासों से हत्याकांड से राजफाश हो गया।

गुमराह करने में रही सफल

हत्याकांड को लेकर उद्देलित ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने जब जिला मुख्यालय पर करीब 400 लोगों की मौजूदगी में हत्याकांड का राजफाश करने के लिए धरना प्रदर्शन किया। तब भी आरोपित पत्नी ग्रामीणों के साथ लगातार जाती रही। इसके मासूम पुत्रों ने पिता के हत्यारों को पकडऩे व हत्याकांड का राजफाश करने के लिए थाना अधिकारी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक से पत्र व्यवहार किया

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