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केलवा / राजसमंद केलवा: घर में लगी आग में मां सहित दो बच्चे जिंदा जले, दरवाजा बंद होने व लोहे का होने से नहीं टूट पाया


पड़ासली पंचायत के केरिंगजी का खेड़ा के एक मकान में बुधवार सुबह 6 बजे आग से महिला सहित उसके दो बच्चे जिंदा जल गए। आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो गए। कमरे से धुआं उठता देख आस पड़ोस से लोग पहुंच गए और दरवाजा तोडऩे का प्रयास भी किया, मगर अंदर से बंद होने व लोहे का दरवाजा होने से नहीं टूट सका। बाद में ग्रामीण खिड़की तोड़कर अंदर घुसे, तब तक तीनों की जलने व दम घुटने से मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार केरिंगजी का खेड़ा निवासी संतोष कुंवर (25) पत्नी भभूतसिंह राजपूत, उसके पुत्र नरेन्द्र (5) व गजेन्द्र (3) सुबह 6 बजे आग लगने से कमरे में जिंदा जल गए। बताया कि हादसे के वक्त कमरा अंदर से बंद था, जबकि कुछ देर पहले ही भभूतसिंह उठा और बकरियों के लिए डाली लेने के लिए एक अन्य भाई कालूसिंह के साथ खेत पर गया। बाद में लोगों ने रेत, मिट्टी व पानी डालकर आग बुझाने के प्रयास किए, मगर तब तक तीनों ही मौत हो गई। घटना के बाद केलवा थाना प्रभारी भरत योगी मय पुलिस जाब्ते के मौके पर पहुंच गए। प्रथम दृष्टया आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए। विस्तृत जांच के लिए उदयपुर से एफएसएल टीम को बुला लिया।







बच्चे चीखते रहे, नहीं खुला दरवाजा

कमरे से आग लगने पर धुआं उठता देखते ही बाहर चबुतरी पर बैठा नाथूसिंह सहित बड़ी तादाद में लोग पहुंच गए, मगर कमरे का कुंदा अंदर से बंद होने से नहीं खुल पाया। बाद में खिड़की तोड़कर अंदर घुसे। प्रथम दृष्टया दोनों बच्चे सो रहे थे और आग लगने से वे खाट पर ही बिस्तर के साथ जिंदा जल गए। पास में केरोसिन का केन भरा होने से आग ज्यादा भभक गई।







बड़ा हादसा टला

कमरे में दो गैस सिलेंडर भरे हुए पड़े थे, मगर आग नियंत्रित होने से बड़ा हादसा टल गया। आग बढ़ती तो गैस सिलेंडर भी ब्लास्ट हो सकता था।




चाय पीकर गया पति

ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि भभूतसिंह ने सुबह पत्नी संतोष कुंवर के साथ चाय पी। उसके बाद वह बकरियों के लिए डाली लेने के लिए खेत पर गया। तभी पीछे से यह हादसा हो गया। चर्चा यह भी रही कि महिला मानसिक रूप से कमजोर थी, जिसकी वजह से कमरा अंदर से बंद कर आग लगा दी होगी। हालांकि इस बात की पुलिस ने कोई पुष्टि नहीं की। पुलिस ने बताया कि एफएसएल के अलावा अन्य समग्र पहलुओं की जांच के बाद ही आग लगने के कारण स्पष्ट हो पाएंगे।

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