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बाड़मेर।
ब्राह्मण समाज का हिन्दू संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान—वेदांताचार्य ध्यानाराम महाराज

परशुराम जयंती महोत्सव पर निकली शोभायात्रा, कार्यक्रम आयोजित
बाड़मेर।

बाड़मेर जिला मुख्यालय पर भगवान परशुराम जयंती महोत्सव 28 अप्रेल शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जयंती के अवसर पर शुक्रवार सुबह हाईस्कूल मैदान में सभी सैकड़ों की संख्या में ब्राहृमण बंधु एकत्रित हुए। सर्वप्रथम भगवान परशुराम की पूजा अर्चना की। इसके बाद रैली का आयोजन किया गया। रैली को वेदांताचार्य डॉ. ध्यानाराम महाराज, राजस्थान ब्राह्मण महासभा युवा प्रकोष्ठ के एडवोकेट गोपालसिंह राजपुरोहित, राजस्थान ब्राहृमण महासभा के अध्यक्ष मांगीलाल राणेजा, श्यामदास दुलानी, दिनेश गौड़,एसडीएम चेतनकुमार त्रिपाठी ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। सैकड़ों की संख्या में युवा दुपहिया वाहनों पर सवार होकर रैली में शरीक हुए। रैली में सबसे आगे भगवान परशुराम की तस्वीर लगा हुआ रथ चल रहा था। उसके पीछे बाइक पर सवार सैकड़ों की संख्या में युवा परशुराम की जयकारों के साथ चल रहे थे। इसके बाद विभिन्न घटकों की करीब तेरह झांकियां थी। हाईस्कूल मैदान से रवाना होकर स्टेशन रोड, गांधी चौक, फकीरों का कुआ, रॉयकोलोनी, विवेकानंद सर्किल होते हुए राजपुरोहित समाज छात्रावास में संपन्न हुई।

राजपुरोहित समाज छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम वेदान्ताचार्य डॉ. ध्यानराम महाराज, ब्रह्मधाम आसोतरा के सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर वेदान्ताचार्य ने कहा कि ब्राह्मण समाज का हिन्दू संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है। अपने वजूद और इतिहास को पहचान कर ब्राहृमण को आगे बढना चाहिए। हमारी सनातन संस्कृति को भूलना नहीं ​चाहिए। इसके लिए अपने आने वाली पीढी को अपने गौरवशाली इतिहास को बताएं ताकि वो इस पर गौरवान्वित महसूस करे। आज के परिपेक्ष्य में ब्रह्म समाज उपेक्षित हो रहा है। इसका कारण एकता का अभाव है। ब्राहृमण समाज के सभी घटकों को एक साथ मिलकर अपने हक के लिए हूंकार भरनी होगी। तभी समाज के वजूद को ताकत मिलेगी।

इस अवसर पर महासभा की प्रांतीय प्रदेश अध्यक्ष सरस्वती गौड़ ने कहा कि आज ब्राह्मण समाज जिस दिशा में जा रहा है वो सही नहीं है। समाज में एकता नहीं होने के कारण अच्छे पदों व राजनीतिक स्तर पर होने के बावजूद भी पिछड़े हुए है। इसका कारण सभी घटकों ने दायरे सीमित कर दिए है। जब सब ब्राहृमण एक ही समस्या से पीड़ित है तो ये दायरे सीमित करने से क्या फायदा है। सबको एक साथ होकर आगे आना होगा तभी विकास की मुख्य धारा में साथ चल सकेंगे। आज के परिपेक्ष्य में जितनी ज्यादा संख्या होगी, उतनी ही उस समाज की तवज्जो होगी। ऐसे में ब्राह्मण समाज को एक होकर आगे बढना होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा के क्षैत्र में आगे बढाएं। बालिकाओं को पढाई के लिए आगे लाएं और उनको तवज्जो दें। पुरानी रुढीवादी परंपराएं छोड़कर विकास की ओर बढ़े तभी समाज का उत्थान होगा।

राजस्थान ब्राहृमण महासभा के जिलाध्यक्ष मांगीलाल राणेजा ने कहा कि यह खुशी की बात है कि इस जयंती समारोह में ब्राहृमण समाज के सभी घटक एकत्रित हुए है। पहले यह आयोजन बंद था जिसे अब पुन: चालू किया गया है। ऐसे में सभी ब्राह्मण बंधुओं को बधाई। उन्होंने सभी को संकुचित दायरे से बाहर आकर एकता कायम करने की बात कही। इसके अलावा ब्राह्मण समाज के विभिन्न लोगों ने संबोधित करते हुए समाज में एकता बनाए रखने की अपील की । कार्यक्र्म के अंत में बाबूलाल गौड़ ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के विभिन्न घटकों के जिलाध्यक्ष, पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस अवसर पर बाबूसिंह लंगेरा, एडवोकेट गोपालसिंह, बालाराम गौड़, बाबूलाल सारस्वत,दिनेश गौड़ सहित कई कार्यकर्ताओं ने सराहनीय कार्य करते हुए रैली व कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।

महिलाओं ने लिया भाग

परशुराम जयंती महोत्सव में महिलाओं ने बढचढकर हिस्सा लिया। इस अवसर पर महिला प्रकोष्ठ की रेणू गौड़, पिंकी राणेजा, धनवन्ती दवे, शारदा राणेजा, शोभा दवे, अंजना दवे, आभा दवे, मीना शर्मा, पूनम महर्षि, चांदनी मेहता, गुड्डी अवस्थी, प्रेमलता पालीवाल, कंचनजोशी, लक्ष्मी जोशी, सुनिता पालीवाल, गिंजल दवे, भारती व्यास, विजयलक्ष्मी दवे सहित कई महिलाओं ने रैली, झांकियां व कार्यक्रम में भाग लिया।

परशुराम जीवन व दर्शन पुस्तक का विमोचन

कार्यक्रम में प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्यामदास दुलानी की रचित और दाउलाल ठाकुर व ओम जोशी संपादित आध्यात्मिक पुस्तक परशुराम जीवन व दर्शन पुस्तक का विमोचन वेदांताचार्य ध्यानाराम महाराज के हाथों करवाया गया। पुस्तक में परशुराम का जीवन व उनके दर्शन का वैज्ञानिक तरीके से व्याख्या की गई है।

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