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स्वर्ण नगरी जैसलमेर में समारोह पूर्वक बनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

बेटी बचाओं-बेटी पढाओं कार्यक्रम में अहम् भूमिका अदा करें महिलाएं-जिला कलक्टर

षिक्षित होकर महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग होना है-जिला प्रमुख

अधिकाधिक महिलाओ ने निभाई अपनी भागीदारी


जैसलमेर, 08 मार्च/अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बुधवार को शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में जिला स्तरीय समारोह जिला कलक्टर मातादीन शर्मा, जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल, नगरपरिषद सभापति श्रीमति कविता खत्री, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नारायणसिंह चारण, उपवन सरंक्षक डाॅ.ख्याति माथुर, पंचायत समिति सम की प्रधान श्रीमती उषा सुरेन्द्रसिंह भाटी, भू की सरंपच श्रीमती हनीफों, समाजसेवी जुगलकिषोर व्यास, दिनेषपाल सिंह भाटी के आतिथ्य में आयोजित हुआ।

जिला कलक्टर शर्मा ने महिलाओं को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही महिलाओं की समाज में एक अलग पहचान रहीं है एवं उनका स्थान सर्वोच्च रहा है। उन्होंनंे कहा कि आज के युग में भी महिलाओं की समाज में अहम भूमिका है। उन्होंनंे कहा कि महिलाओं को षिक्षित होकर अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों का बोध करते हुए उत्तरोतर विकास कर अपनी अहम भूमिका अदा करनी है। उन्होंनंे महिलाओं को बेटी बचाओं-बेटी पढाओं कार्यक्रम में तनमन से सहयोग करने का आह्वान किया वहीं कहा कि आज के युग में भी हर क्षेत्र में महिलाएं अग्रणीय है एवं उन्हें अपनी क्षमता का परिचय देकर आगे आना है। उन्होंनें कहा कि वे आज के दिवस यह संकल्प लें कि वे आर्थिक रूप से सम्पन्न होगी एवं अपने परिवार व समाज के विकास में अग्रणीय रहेगी।

जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल ने भी महिलाओं को इस दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि हमें इस दिवस को त्यौहार के रूप में मनाना है। उन्होंेनें कहा कि प्रदेष का विकास तभी संभव है जब समाज की आधी आबादी षिक्षित होकर अपना विकास करेगी। उन्होंनंे कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को पुरूषों के बराबर काम करने की शक्ति है केवल उन्हें अपनी शक्ति को पहचानने की जरूरत है वहीं उन्हें प्रदर्षित करने की जरूरत है। उन्होंनंे महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग होने, बेटों की तरह बेटियों को षिक्षित करानें, समाज में प्रचलित कुप्रथा को मिटानें व बेटी बचाने के क्षेत्र में विषेष कार्य करने का संकल्प लेने की सीख दी तभी इस दिवस की उपादेयता सिद्व होगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए ठेरों योजनाएं संचालित की जा रही है उसका पूरा-पूरा लाभ उठाना है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी चारण ने कहा कि इस दिवस पर महिलाओं में जागृति एवं सषक्तिकरण के लिए अतिथियांे ने जो विचार व्यक्त किए है उसको अपने मन में उतार कर अपने जीवन की प्रासंगिता में लावें एवं अपना विकास करें। उन्होंनंे कहा कि आज के परिपेक्ष में पुरूषों से अधिक महिलाएं सषक्त है केवल उन्हें अपनी झिझक को खत्म कर हौसलें के साथ हर कार्य में आगे आना है।

नगरपरिषद की सभापति श्रीमती कविता खत्री ने कहा कि अब जमाना आ गया है कि महिलाओं को जागरूक होने के साथ ही षिक्षित होना जरूरी है। उन्होंनें महिलाओं का आत्मनिर्भर बनने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में दक्षता हासिल करने की आवष्यकता जताई। उन्होंनंे महिलाओं को कन्या भ्रुण हत्या रोकथाम के लिए विषेष कार्य करने एवं महिला लिंग अनुपात में बढोतरी लाने के लिए अहम भूमिका पर भी जोर दिया।

सम समिति की प्रधान श्रीमती उषा सुरेन्द्रसिंह भाटी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि आज के युग में महिला वो बने जिसे आदमी को जरूरत होे। उन्होंनंे कहा कि इसके लिए महिलाओं को अपने आत्मबोध का ज्ञान कर सषक्त बनना होगा एवं षिक्षित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। उन्होंनें कहा कि सरकार महिलाओं को अवसर प्रदान कर रही है लेकिन उसका उपयोग वे तभी कर पाएगी जब हर गतिविधि में वह स्वयं बढ-चढ कर हिस्सा लेगी। उन्होंनंे महिलाओं को अपने संस्कारों में रहते हुए जीवन में बदलाव लाने की सीख दी एवं कहा कि यह दिवस 365 दिन महिलाएं मनाएं।

उपवन संरक्षक डाॅ.ख्याति माथुर, डाईट प्राचार्य श्रीमती लक्ष्मी देवी ने भी महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्हें जागरूक होकर अपने अधिकारों को हासिल करने की सीख ली वहीं हिम्मत के साथ हर फैसले को अपने स्तर से लेने पर भी जोर दिया। इस दौरान छत्रैल की छात्रा शहनाज ने अपनी इच्छाषक्ति की व्यथा सुनाई एवं कहा कि वह पहली गांव की बालिका है जिसने 12वीं कक्षा उर्तीण की एवं अब आगे पढ रही है। उन्होंनें बालिकाओं को षिक्षा अर्जित कराने का संदेष भी दिया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में उप निदेषक महिला एवं बाल विकास श्रीमती स्नेहलता चैहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महिला दिवस एवं महिलाओं के उत्थान के लिए महिला एव बाल विकास विभाग द्वारा की जा रही गतिविधियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के प्रारम्भ अतिथियांे द्वारा माॅं सरस्वती की तस्वीर पर दीप प्रज्जवलित किया गया वहीं डाइट की छात्राओं ने सरस्वती गीत पेष किया। कार्यक्रम में आंगनवाडी कार्यक्रर्ता रेखा ने बेटी बचाओं-बेटी पढाओं पर मारवाडी गीत पेष कर बालिकाओं को पढाने का संदेष दिया।

कार्यक्रम में सहायक निदेषक हिम्मतसिंह कविया, डाॅ.बी.एल.मीणा, श्रम कल्याण अधिकारी भवानी प्रताप चारण, सीडीपीओं उम्मेदसिंह के साथ ही अच्छी संख्या में महिलाएं, आंगनवाडी कार्यक्रर्ता, आषा सहयोगिनी, साथिन भी उपस्थित थी। कार्यक्रम के अन्त में सीडीपीओ उम्मेदसिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया एवं कार्यक्रम का संचालन डाईट व्याख्याता बराईदीन सांवरा ने किया। कार्यक्रम में श्रीमती स्नेहलता, उम्मेदसिंह, महिला सुपरवाईजर विमला दवेरा, श्रीमती कांता आचार्य, श्रीमती सुषीला भाटिया, लेखाधिकारी दीपक पण्ड्या ने अतिथियों का स्वागत किया।श्

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महिला दिवस पर जिला स्तरीय समारोह में श्रेष्ठ कार्य के लिए किया सम्मानित
जैसलमेर 08 मार्च। अन्तर्राराष्ट्रीय महिला दिवस अवसर पर जैसलमेर में शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय समारोह के दौरान अतिथियों ने श्रेष्ठ कार्य करने वाली महिला कार्यकर्ताओं, आषा सहयोगिनी एवं साथिनों को नगद पुरूस्कार एवं प्रषस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर साथिन श्रीमती गीता ग्राम पंचायत रूपसी को 11 हजार रूपये नगद एवं प्रषस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया वहीं सडिया की आंगनवाडी कार्यकर्ता श्रीमती उलफत, संग्रामसिंह की ढाणी की श्रीमती राजा, नाथूसर की कार्यकर्ता श्रीमती बसन्ती को 5100 रूपये नगद एवं मोकला की सहायिका पप्पू कंवर, रामगढ की सहायिका कमला, मोराणी की सहायिका लादूदेवी, आषासहयोगिनी सदराउ रानी एवं धोबा, तरूण बाला, षिव बस्ती पोकरण की मंजूगिरी को 2100 रूपये नगद एवं प्रषस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान जिला कलक्टर मातादीन शर्मा एवं जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल ने श्रम कल्याण विभाग की सहायता योजनान्तर्गत श्रीमती जनेबा को उसके श्रमिक पति की मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये की सहायता राषि प्रदान की गई इसके साथ ही तेलीवाडा की श्रीमती सायरा को प्रसुती सहायता एवं सुश्री प्रियंका को छात्रवृति सहायता से लाभान्वित किया गया। श्रम कल्याण अधिकारी भवानी प्रताप चारण ने बताया कि इस दिवस पर महिला श्रमिकों का निःषुल्क पंजीयन भी किया गया।

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जैसलमेर जिले में होली पर कानून व्यवस्था के लिए निषेधाज्ञा जारी
जैसलमेर 08 मार्च। जिला मजिस्टेªट मातादीन शर्मा ने जिले में होली एवं धुलण्डी के त्यौहार पर साम्प्रदायिक सद्भावना तथा कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए निषेधाज्ञा जारी कर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत प्रावधानों एवं प्रतिबन्धों को लागू किया है।

जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्टेªट शर्मा की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले में किसी भी सम्प्रदाय का कोई भी व्यक्ति ऐसे ऑडियो कैसेट्स आदि नहीं चलाएगा और न ही ऐसे नारे लगाएगा जिससे अन्य सम्प्रदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुचती हो। कोई भी व्यक्ति रंग इस तरह से नहीं खेलेंगें जिससे किसी दूसरे सम्प्रदाय की धार्मिक भावना को ठेस पहंुचती हो एवं किसी धार्मिक स्थानए दुकान पर रंग गुलाल गुब्बारे आदि नहीं फेकेंगे और न ही किसी अन्य को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेंगे। रंग भरे गुब्बारे घातक रसायन धूल, कीचड, ऑयल पेन्ट आदि का उपयोग नहीं करेंगे एवं रंग खेलने के लिए अनिच्छुक व्यक्ति को न तो रंग लगायेंगे एवं न ही उन पर रंग फेंकेगे। इसी प्रकार किसी व्यक्ति या उनके वाहनों पर उनकी अनिच्छा के होते हुए इस प्रकार से रंग इत्यादि नहीं डाले जाएंगें जिससे उनकी साम्प्रदायिक या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहंुचती हो। कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के आग्नेय शस्त्र जैसे रिवाल्वर पिस्टल राइफल बन्दूक एवं एम.एन.गन आदि तथा तेज धारदार हथियार लाठी स्टीक इत्यादि साथ लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं घूमेगा एवं न ही सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन करेगा। इसी तरह कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नहीं करेगा न ही किसी को सेवन करवायेगा तथा अधिकृत विक्रेताओं को छोडकर कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के कारण छोडकर किसी अन्य उपयोग हेतु सार्वजनिक स्थलों मे से मदिरा आवागमन नहीं करेगा।

यह आदेश 10 मार्च से लागू होगा जो 15 मार्च तक प्रभावी रहेगा। यह आदेश समस्त कार्यपालक मजिस्टेªट, पुलिस सीमा सुरक्षा बल एवं अन्य एजेन्सियों के अधिकारियों कर्मचारियों पर जो कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा अवांछनीय गतिविधियों की रोकथाम एवं व्यवस्था की डयूटी के लिए उक्त क्षेत्र में उक्त समय के लिये तैनाती पर नियुक्त किये गए हैए पर प्रभावी नहीं होगा। इस आदेष की अवहेलना करने पर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 एवं अन्य विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।

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स्वास्थ्य सेवाओं के सूचकांकों में आवष्यक रूप से शत्-प्रतिषत लक्ष्य अर्जित करें-जिला कलक्टर
चिकित्सा अधिकारियों को जिले की रेकिंग एक अंक में लाने के दिए निर्देष

जैसलमेर 08 मार्च। जिला कलक्टर मातादीन शर्मा ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे परिवार कल्याण, जननी सुरक्षा योजना योजना, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव इत्यादि में आंवटित लक्ष्यों को 25 मार्च तक शत्-प्रतिषत अर्जित कराने की कार्यवाही करें, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जावें। उन्हांेनंे स्वास्थ्य सेवाओं के सभी सूचकांक में जिले की रेंकिग को एक अंक में लाने के लिए सभी चिकित्सा अधिकारियों को विषेष प्रयास करने के निर्देष दिए।

जिला कलक्टर शर्मा ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की जिला स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्देष दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.एन.आर.नायक, पीएमओं डाॅ.जे.आर.पवांर के साथ ही ब्लाॅक चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा प्रभारी अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंनें चिकित्सा अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाकर अपनी अलग पहचान बनावें। उन्होंनंे बैठक में अनुपस्थित चिकित्सकों के विरूद्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवष्यक कार्यवाही करने के निर्देष दिए। उन्होंनंे आषा सहयोगिनियों से घर-घर जाकर टी.बी. के रोगियों का सर्वे निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करवाने के निर्देष दिए एवं साथ ही कहा कि वे इस सर्वे के दौरान आषा सहयोगिनियों को 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के मतदाता सूची में जुडाने के लिए आवदेन पत्र उपखंड अधिकारी के माध्यम से उपलब्ध करावें ताकि वे ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जुडवाने के लिए कार्यवाही कर सकें।

प्रोत्साहन राषि का समय पर करें भुगतान
जिला कलक्टर शर्मा ने जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री राजश्री योजना के अन्तर्गत लाभान्वित समस्त लाभार्थियों को प्रोत्साहन राषि समय पर प्रदान करने के निर्देष दिए एवं कहा कि जो गेप रह गया है उसको शीघ्र ही शून्य की स्थिति में लावें। उन्होंनें मुख्यमंत्री राजश्री योजना में 7 दिवस में शत्-प्रतिषत भुगतान कराने के निर्देष दिए वहीं जननी सुरक्षा योजना में किसी प्रकार का अन्तर अब रह गया तो संबंधित चिकित्सा अध्ािकारी के खिलाफ कार्यवाही की जावें। उन्होंने जिला स्तरीय एवं ब्लाॅक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे फील्ड क्षेत्र का अधिक से अधिक भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण करें एवं जहां पर कमी पाई जाती है उसमें सुधार लाने की कार्यवाही करें। उन्होंनंे फील्ड स्टाॅफ को पांबद कर सभी कार्यक्रमों में शत-प्रतिषत उपलब्धि अर्जित करने पर विषेष जोर दिया।

संस्थागत प्रसव में बढोतरी लावें

उन्होंनंे चिकित्सा अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे संस्थागत प्रसव में बढोतरी लाने के लिए विषेष प्रयास करें एवं इसके लिए एएनएम के साथ ही आषासहयोगिनी एवं आंगनवाडी कार्यकर्ता का भी पूरा सहयोग लें। उन्होंनंे आरसीएचओ को निर्देष दिए कि वे टीकाकरण कार्य में शत-प्रतिषत उपलब्धि लावें वहीं जैसलमेर एवं पोकरण शहर में भी जहां टीकाकरण की उपलब्धि कम है उसमें विषेष टीमें गठित कर इस कार्य में अच्छी उपलब्धि लानें की कार्यवही करें। उन्होंनंे चिकित्सा अधिकारियों को अपने चिकित्सालय में सफाई व्यवस्था पर विषेष ध्यान देने के निर्देष दिए। उन्होंनें चिकित्सालयों में पर्याप्त मात्रा में दवाईयों की उपलब्धता सुनिष्चित करने एवं मरीजों को इसका पूरा लाभ देने के निर्देष दिए।

आदर्ष स्वास्थ्य केन्द्रों पर सुविधा उपलब्ध हों

जिला कलक्टर ने निर्देष दिए कि आदर्ष स्वास्थ्य केन्द्र पर निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप सभी सुविधाएं उपलब्ध हों यह सुनिष्चित कर लें। उन्होंनें 108 एवं 104 एम्बुलेंस की ब्लाॅक चिकित्सा अधिकारियों को प्रभावी निरीक्षण करने के निर्देष दिए। उन्होंनंे टी.बी. के रोगियों के संबंध में जिला क्षय अधिकारी द्वारा दिए गए निर्देषों की पालना चिकित्सा अधिकारियांे को करने के निर्देष दिए वहीं अधिक से अधिक रोगियों की बलगम जांच कर उसमें प्रगति लानें के निर्देष दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.नायक व जिला कार्यक्रम प्रबंधक एन.एच.एम आषीष खण्डेलवाल ने बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति पर प्रकाष डाला। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (प.क.) डाॅ.आर.पी.गर्ग, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डाॅ.मुरलीधर सोनी, प्रभारी जिला औषधि भण्डार डाॅ.बी.एल.बुनकर, जिला क्षय अधिकारी डाॅ. बी.के.बारूपाल, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी पोकरण एवं जिले के सामुदायिक एवं प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रांे के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।

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माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण

अधिनियम की प्रभावी पालना सुनिष्चित हों-जिला कलक्टर


जैसलमेर 08 मार्च। जिला कलक्टर मातादीन शर्मा ने अधिकारियों को निर्देष दिए कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम की प्रभावी पालना सुनिष्चित करावें। उन्होंनंे इस अधिनियम के अन्तर्गत माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण के संबंध में जो आवेदन पत्र प्राप्त होते है उसमें त्वरित कार्यवाही कर उन्हें राहत पंहुचानें के निर्देष दिए। उन्हांेनें ऐसे पात्र लोगों को भरण पोषण का अधिकार समय पर दिलानें पर जोर दिया।

जिला कलक्टर शर्मा ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण अधिनियम की क्रियान्विति के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्देष दिए। बैठक में उप खंड अधिकारी रणसिंह, उप अधीक्षक पुलिस नरेन्द्रकुमार दवे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.एन.आर.नायक, सहायक निदेषक हिम्मतसिंह कविया उपस्थित थे। जिला कलक्टर ने उपखंड अधिकारी को निर्देष दिए कि भरण पोषण अभिकरण मे प्राप्त आवेदन पत्रों का समय पर पंजीयन कर समय सीमा में निस्तारण करावें। उन्होंनंे बताया कि इस अधिनियम में उपखंड अधिकारी के निर्णय के विरूद्व जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील करने का प्रावधान है।

जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर उन्हें भरपूर लाभ पंहुचावें। उन्होंनंे पुलिस उप अधीक्षक को कहा कि वे सभी थानाधिकारियों को निर्देषित करें कि वे वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण एवं कल्याण से संबंधित कोई प्रकरण दर्ज होता है तो उसको प्राथमिकता से लेते हुए त्वरित कार्यवाही करें। सहायक निदेषक कविया ने बैठक में विभिन्न बिन्दुओं को रखा।

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