मंगलवार, 20 दिसंबर 2016

चूरू रतनगढ़ चचेरे भाई की हत्या की, अब भुगतना पड़ेगा आजीवन कारावास



चूरू रतनगढ़ चचेरे भाई की हत्या की, अब भुगतना पड़ेगा आजीवन कारावास
चचेरे भाई की हत्या की, अब भुगतना पड़ेगा आजीवन कारावास

अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश ने चचेरे भाई की हत्या करने के आरोपित भाई को आजीवन करावास की सजा सुनाई है। प्रकरण के अनुसार तहसील के गांव लाछड़सर निवासी रामलाल जाट (20) ने अपने चाचा के बेटे बलराम (10) की हत्या कर शव गढ्डे में दबा दिया था।




अपर लोक अभियोजक राजकुमार चोटिया ने बताया कि 26 मार्च 2015 को तुलछाराम जाट ने राजलदेसर थाने में रिपोर्ट लिखवाई कि उसका भतीजा बलराम 22 मार्च को रात 9 बजे से गायब हो गया। उसकी तलाश की लेकिन वह नहीं मिला।




पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरू की। पुलिस अनुसंधान शुरू होने के बाद रामलाल ने अपने रिश्तेदारों को बलराम की हत्या करने और लाछड़सर स्कूल के मैदान में गढ्डा खोदकर उसका शव गाडऩे की बात कही। इसकी पुलिस ने पुष्टि की तो बात सही निकली। इस पर थानाधिकारी सुभाषचन्द्र शर्मा ने अपहरण व हत्या की धारा में मामला दर्ज कर लिया। आरोपित रामलाल के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। दोनों पक्षों की बहस के बाद न्यायालय ने आरोपित रामलाल को दोषी माना। आरोपित को आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपए का जुर्माने से, अपहरण में सात साल का कारावास एवं तीन हजार रुपए का जुर्माना और साक्ष्य छिपाने पर में 3 साल का कारावास व एक हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।




अदम अदायगी धारा 302 में दो माह का कारावास, धारा 364 में एक माह व धारा 201 में 15 दिन का साधारण कारावास से दण्डित किया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक राजकुमार चोटिया ने की।

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