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 सरकारी नौकरियों की खान है चूरू का यह मुस्लिम परिवार, जानिए इनकी सफलता के राज


सीकर. यूं तो कामयाबी का कोई पैमाना नहीं है, परन्तु कोई पिता तब खुद को सफल मान सकता है जब उसकी संतान अच्छी तालीम लेकर उससे भी एक कदम आगे निकल जाए। आइए हम मिलवाते हैं आपको एक ऐसे ही परिवार से, जो सरकारी नौकरियों की खान है। ... आगे की स्लाइड्स में देखें इस परिवार की अधिक तस्वीरें




यह परिवार है चूरू जिले की ढाढर ग्राम पंचायत का गांव राणासर के मुस्ताक खां का। मुस्ताक के 5 बेटा-बेटी डॉक्टर-इंजीनियर और बहुएं एईएन-आरजेएस के रूप में सेवाएं दे रही हैं। तालीम के मामले में पिछड़े मुस्लिम समाज के लिए यह परिवार मिसाल है।




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जानिए कौन किस पद पर है कार्यरत




-मुस्ताक खां इसी साल चूरू जिले के सरदारशहर की राउमावि भानीपुरा के प्रधानाचार्य पद से रिटायर हुए हैं।

-इनकी बड़ी बेटी रहीशा बानो एमए/बीएड डिग्रीधारी है। वर्तमान में गांव जसरासर के राउमावि में वरिष्ठ शिक्षिका है।

-दूसरे नम्बर का बेटा डॉ. नवाब अली खां बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं मेडिकल कॉलेज में अस्सिटेंट प्रोफेसर हैं।

-तीसरे नम्बर के बेटे फारूक अली खां ने आईआईटी बीएचयू से कैमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। सउदी अरब की एक नामी पेट्रोलिंग कम्पनी में सीनियर इंजीनियर हैं।

-चौथे नम्बर के बेटे आरिफ खान भी डॉक्टर हैं। पीबीएम अस्पताल में बतौर सीनियर डेमोस्टेटर सेवाएं दे रहे हैं।

-पांचवे नम्बर का बेटा इमरान खां पिता व बड़े भाइयों-बहन की तरह सफल नहीं हो सका। सीनियर के बाद डी फार्मा कर रहा है।

-छठे नम्बर के बेटे इरशाद अली खां ने अच्छी तालीम हासिल की है। एमबीबीएम पूरी कर चुके हैं।

-सबसे छोटी बेटी जुबेदा बानो भी बड़े भाइयों की राह पर चल रही है। एबीबीएस करने के बाद जुबेदा जोधपुर मेडिकल कॉलेज से पैथोलॉजी में पीजी कर रही हैं।







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बहुएं व दामाद भी कामयाब




बहुएं व दामाद की कामयाबी भी इस परिवार में चार चांद लगा रही हैं। बड़े बेटे नवाब खां की पत्नी रूबिना खां बीकानेर में एईएन और बेटे आरिफ खां की पत्नी यास्मिन का आरजेएस में चयन हो चुका है। फिलहाल यास्मिन जोधपुर में प्रशिक्षण ले रही हैं। रहीशा बानो के पति भी वरिष्ठ शिक्षक हैं। इनके अलावा बेटे फारूक अली की पत्नी सिबा खान दिल्ली में रहकर आईएएस की तैयारी कर रही है।




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यह है सफलता का राज




मुस्ताक खां बताते हैं कि वे गणित के शिक्षक रहे हैं। उनका अपने बच्चों की पढ़ाई में गणित पर विशेष जो रहा। मुस्ताक खां का मानना है कि गणित के सवालों को हल करने ट्रिक्स अगर कोई विद्यार्थी समझ ले तो उसे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के चांस बढ़ जाते हैं।

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