गुरुवार, 12 मई 2016

झालावाड़ सफलता की कहानी 28 साल पहले मृत घोषित व्यक्ति राजस्व लोक अदालत में जी उठा!



जिले में आज चार पंचायतों में राजस्व लोक अदालत आयोजित होंगी
झालावाड़ 12 मई। 13 मई शुक्रवार को झालावाड़ जिले में चार ग्राम पंचायतों में न्याय आपके द्वार अभियान के तहत राजस्व लोक अदालतें आयोजित होंगी।

उपखण्ड झालावाड़ में रूण्डलाव, उपखण्ड मनोहरथाना में बड़बड़, उपखण्ड खानपुर में बैसार तथा उपखण्ड भवानीमण्डी में पगारिया ग्राम पंचायत में राजस्व लोक अदालतें आयोजित होंगी।

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झालावाड़ जिले में मंगलवार को न्याय आपके द्वार अभियान - राजस्व लोक अदालत षिविरों में 558 प्रकरण निर्णित

झालावाड़ 12 मई। झालावाड़ जिले में न्याय आपके द्वार अभियान - राजस्व लोक अदालत शिविरों में बुधवार 11 मई को 558 प्रकरण निर्णित किये गये।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में 1, उपखण्ड अधिकारी कोर्ट खानपुर में 297, उपखण्ड अधिकारी कोर्ट झालावाड़ में 98, उपखण्ड अधिकारी कोर्ट पचपहाड़ में 111, उपखण्ड अधिकारी कोर्ट मनोहरथाना में 51 प्रकरण निर्णित किये गये।

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सफलता की कहानी

28 साल पहले मृत घोषित व्यक्ति राजस्व लोक अदालत में जी उठा!


किस्मत भी क्या-क्या रंग दिखाती है। जिन्हें कागजों ने मृत घोषित कर रखा हो वे बरसों तक इस धरती पर जीवित ही घूमते रहते हैं और न्याय पाने के लिये लड़ते रहते हैं। ऐसा ही एक वाकया झालावाड़ जिले में घटित हुआ। गोविन्दपुरा ग्राम पंचायत के धतुरियाकला गांव का 65 वर्षीय कालूलाल मेघवाल राजस्व रिकॉर्ड में 20 मई 1988 को मृतक के रूप में दर्ज किया गया और उसके नाम की जमीन दूसरों के नाम चढाई गई। 28 साल तक कालूलाल राजस्व रिकॉर्ड में मृत रहा। वह जगह-जगह अपने जीवित होने की गुहार लगाता रहा लेकिन प्रतिवादियों ने ऐसा विचित्र जाल रचा कि कालूलाल उसे चाह कर भी काट नहीं सका। कालूलाल ने उपखण्ड न्यायालय में भी वाद प्रस्तुत किया किंतु प्रतिवादियों ने प्रकरण को तरह-तरह के उपाय करके सुलझने ही नहीं दिया।

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की पहल पर जिले में 9 मई से आयोजित किये जा रहे न्याय आपके द्वार अभियान 2016 के तहत 10 मई को ग्राम पंचायत गोविन्दपुरा में राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया गया। उपखण्ड न्यायालय पिड़ावा द्वारा कालूलाल तथा प्रतिवादी पक्ष को इस प्रकरण में सुनवाई हेतु बुलाया गया। दोनों पक्षों को पूर्व सरपंच और पंचायत समिति सदस्यों के माध्यम से समझाया गया तथा पुराने राजस्व रिकॉर्ड की सावधानी पूर्वक तरीके से जांच की गई। ग्रामवासियों से भी प्रकरण के सम्बन्ध में वस्तुस्थिति की जानकारी ली गई। अंत में उपखण्ड अधिकारी रामकिशन मीणा ने न्यायालय का निर्णय सुनाया तथा 20 मई 1988 को दर्ज किये गये गलत नामांतरण को खारिज करते हुए कालूलाल को राजस्व रिकॉर्ड में स्थापित किया। कालूलाल ने भरे गले से न्यायालय और सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आज मेरा फिर से जन्म हुआ है।


सफलता की कहानी

सिंचाई जल का 2 साल पुराना विवाद सुलझा

राजस्व लोक अदालत अभियान ग्राम पंचायत पाड़लिया में ग्राम अरनिया की खसरा नम्बर 674 रकबा 7.15 बीघा, 675 रकबा 0.03, 677 रकबा 2.10 बीघा में सहखातेदारों के मध्य कब्जे एवं सिंचाई के पानी के रास्ते को लेकर गत 10 वर्षों से झगड़ा चल रहा था तथा 2 वर्षों से न्यायालय उपखण्ड गंगधार में लम्बित चल रहा था। आज गुरूवार 12 मई को केम्प में वादीगण रणवीर सिंह, शोभागसिंह पिता किशनसिंह तथा प्रतिवादीगण सरूप पिता भुवान वगैराह उपस्थित हुए। कब्जे का विवाद तथा पानी के रास्ते का विवाद सुलझाने के लिए लोक अदालत की भावना से समझाईश की गई तो दोनों पक्ष राजीनामा करने को तैयार हुए। मौके पर ही दोनों पक्षों में अपने अपने हिस्से की भूमि में एक दूसरे के कब्जे में दखलअंदाजी नहीं करने तथा पानी के रास्ते में व्यवधान उत्पन्न नहीं करने बाबत् राजीनाम हस्ताक्षरित कर दिया। न्यायालय द्वारा राजीनामें के अनुसार स्थाई निषेधाज्ञा जारी कर दी गई तथा दोनों पक्षों को पाबन्द कर दिया गया। इस प्रकार दोनों पक्षों ने पुराना विवाद निपटने से राहत की सांस ली।

- डॉ. मोहनलाल गुप्ता

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