पत्नी को चाकू मारकर सूटकेस में पैक किया:फोरेंसिक रिपोर्ट में दावा- जिंदा थी; खुद सुसाइड की कोशिश की,पत्नी के भाई को फोन कर बताया
पत्नी को चाकू मारकर सूटकेस में पैक किया:फोरेंसिक रिपोर्ट में दावा- जिंदा थी; खुद सुसाइड की कोशिश की,पत्नी के भाई को फोन कर बताया
26 मार्च को बेंगलुरु में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या करके उसे सूटकेस में पैक कर दिया था। मामले में सामने आया है कि आरोपी पति राकेश खेडेकर ने पत्नी गौरी अनिल सम्ब्रेकर को चाकू मारने के बाद जिंदा ही सूटकेस में पैक कर दिया था।
फोरेंसिक जांच में सूटकेस में काफी मात्रा में बलगम मिला। बलगम तभी निकलता है जब इंसान जिंदा हो। फोरेंसिक टीम ने बताया- गौरी की मौत सूटकेस के अंदर हुई थी। उसके शरीर पर चोट के भी निशान थे।
राकेश पत्नी की हत्या करने के बाद भागकर पुणे चला गया था। वहां पत्नी के भाई को फोन करके हत्या की जानकारी दी थी। 27 मार्च की शाम को पुलिस ने उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
परिवार के मर्जी के खिलाफ शादी की थी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राकेश और गौरी महाराष्ट्र के रहने वाले थे। गौरी राकेश की फूफेरी बहन थी। उसने राकेश के घर में रहकर ही अपनी पढ़ाई की थी। इसी दौरान दोनों को प्यार हुआ था। वे चार साल तक लिव-इन में भी रहे थे। दो साल पहले परिवार की मर्जी के खिलाफ उन्होंने शादी की थी।
माता-पिता से अनबन के कारण दोनों एक महीने पहले मुंबई से बेंगलुरु शिफ्ट हुए थे। इसके बाद गौरी ने राकेश को नए शहर लाने से नौकरी न मिलने का जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया था। राकेश बेंगलुरु की एक टेक फर्म में काम करता था, जबकि गौरी नौकरी ढूंढ रही थी।
राकेश और गौरी में मामूली झगड़ा हुआ था
26 मार्च को राकेश और गौरी के बीच झगड़ा हुआ था। राकेश ने गौरी को थप्पड़ मारा। इसके जवाब में गौरी ने उस पर चाकू फेंक दिया, जिससे उसे मामूली चोट आई। इसके बाद राकेश ने गुस्से में उसी चाकू से पत्नी के गले पर दो बार और पेट पर एक बार वार किया।
इसके बाद राकेश ने गौरी को मरा हुआ समझकर ट्रॉली बैग में पैक कर दिया। उसने सूटकेस अपने साथ ले जाने की कोशिश की, लेकिन सूटकेस का हैंडल टूट गया। तब राकेश ने सूटकेस बाथरुम में ही छोड़ दिया और फर्श से खून साफ करने लगा। फिर घर बाहर से बंद करके देर रात राकेश अपनी होंडा सिटी कार से पुणे भाग गया।
पड़ोसी को बताया- गौरी ने आत्महत्या की
राकेश मुंबई जाकर अपने माता-पिता से मिलना चाहता था। शहर से बाहर निकलने से पहले उसने अपना फोन बंद कर दिया। पुणे के रास्ते में उसने फोन चालू किया और गौरी के भाई को बताया कि उसने गौरी को मार दिया है।
इस पर गौरी के भाई ने महाराष्ट्र पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बेंगलुरु पुलिस से बात करके राकेश के घर जाकर पता करने को कहा। इस बीच राकेश ने बिल्डिंग के दूसरे किराएदार प्रभु सिंह को फोन करके पत्नी के फांसी लगाने की जानकारी दी।
राकेश ने प्रभु से मकान मालिक और पुलिस को सूचित करने को कहा। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्हें बाथरूम में सूटकेस में गौरी की लाश मिली।
फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश
राकेश को पुणे में 27 मार्च की शाम को गिरफ्तार कर लिया गया था। वह बार-बार अपनी पत्नी के पास जाने की बात कह रहा था। पुलिस के अनुसार वह मानसिक रूप से परेशान होने का नाटक कर रहा था। लेकिन वह बिल्कुल ठीक है और सहानुभूति पाने की कोशिश कर रहा है।
राकेश ने पुलिस को बताया कि उसने गौरी को मारने के बाद खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की थी। उसने फिनाइल और कॉकरोच मारने की दवा पी थी। बेचैनी महसूस होने पर उसने एक बाइक सवार को पूरी बात बताई तो वह उसने राकेश को अस्पताल पहुंचाया था।
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