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अजमेर जिला कलेक्टर करेंगे केसलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ाने का प्रयास

केसलेस और डिजीटल लेनदेन अपनाना है आसान - जिला कलेक्टर


अजमेर, 29 नवम्बर। जिला कलक्टर जिले में केसलेस डिजीटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करेंगे। यह निर्देश निति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमिताभ कांत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से देश के जिला कलेक्टर्स को प्रदान किए। अजमेर कलेक्टर श्री गोयल ने डिजीटल केसलेस सोसायटी बनाने के लिए दिसम्बर के पश्चात ट्रांजेक्शन चार्जेज, केसलेस को इंसेंटिव तथा केस पर टेक्स के बारे में वीडियो कांफ्रेंस के दौरान केन्द्र सरकार के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया।

जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल ने बताया कि मोबाईल को तकनीक के माध्यम से अपना पर्स बनाकर केसलेस और डिजीटल लेनदेन किया जा सकता है।यह बहुत आसान हैं। उन्होंने बताया कि केसलेस भुगतान के लिए 5 प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवायी जा रही है। आधार एनेबल पैमेंट सिस्टम के लिए व्यक्ति का बैंक खाता आधार तथा मोबाईल नम्बर से लिंक होना चाहिए। आधार नम्बर याद होने पर किसी भी पीओएस मशीन से ट्रंाजेक्शन किया जा सकता है। व्यक्ति के लिए उसका अंगूठा अथवा आंखों के आयरिस पासवर्ड की तरह काम करेंगे। इससे होने वाला ट्रांजेक्शन 15 से 20 सैकण्ड का समय लेता है। इससे फण्ड ट्रांस्फर, बैलेंस जानकारी, पैसा जमा कराना व निकालना तथा इंटरबैंक ट्रांजेक्शन किए जा सकते है। यह सबसे सुरक्षित माध्यम है क्योकि इसके लिए पासवर्ड अंगुष्ठछाप अथवा आयरिस है। इसके उपयोग से पीओएस मशीन युक्त समस्त दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में भुगतान किया जा सकता है। ट्रांजेक्शन होने के तुरन्त बाद मोबाईल पर बैलेंस की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि समस्त बैंकों द्वारा जारी किए गए डेबिट, क्रेडिट एवं एटीएम कार्ड के द्वारा पीओएस मशीन में कार्ड स्वेप करके पासवर्ड डालने पर आॅनलाइन भुगतान किया जा सकता है। ऐसे व्यक्ति जिनके पास किसी बैक का खाता अथवा कार्ड नहीं है वे किसी भी बैंक से निर्धारित राशि का प्रिपेड कार्ड जारी करवा सकते है। यह कार्ड एटीएम कार्ड की तरह सभी जगह इस्तेमाल किया जा सकेगा और राशि कार्ड में भराई गई रकम मे से कम होती जाएगी। इसी प्रकार व व्यक्ति जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है और सामान्य जीएसएम तकनीक के फोन रखते है। इन फोन को सामान्यतः केवल वार्तालाप के लिए ही इस्तेमाल किया जाता है। अन्य फीचर नहीं होते है के द्वारा भी आॅनलाईन ट्रांजेक्शन किया जा सकता है। इसके लिए सामान्य एवं स्मार्ट फोन जो जीएसएम आधारित है में स्टार 99हेस डाॅसल करने पर बैंक के संक्षिप्त नाम के प्रथम तीन अक्षर अथवा आईएफएससी कोड के पहले चार अक्षर टाईप करके सेन्ड करना होगा। इसके पश्चात फण्ड ट्रांस्फर एमएमआईडी का विकल्प चुनना होगा। अगलग कदम के रूप में जिसे भुगतान करना है। उसका मोबाईल नम्बर और एमएमआईडी डाले और रकम के साथ अपना मोबाईल पिन जो बैंक द्वारा जारी किया हुआ है डालना होगा। प्रक्रिया के अन्त में स्पेस छोड़कर खाता संख्या के आखिरी नम्बर डालकर ओके करते ही पैसा ट्रांस्फर हो जाएगा। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार का डाटा एवं एसएमएस शुल्क नहीं वसूला जाता है। इस प्रक्रिया के सम्पन्न होने में एक मिनट से भी कम समय लगता है।

उन्होंने बताया कि एन्ड्रायड फोन धारक यूनिफाईड पैमेन्ट इंटरफेस के माध्यम से केसलेस ट्रंाजेक्शन कर सकते है। ऐसे व्यक्ति अपनी बैंक का यूपीआई एप डाउनलोड करके इसका इस्तेमाल कर सकते है। व्यक्ति का मोबाईन नम्बर खाते के साथ जुड़ा होना चाहिए। केवल एप में यूनिक आईडी और पिन सैट करके ट्रांजेक्शन किए जा सकते है। प्रीपेड वाॅलेट के द्वारा ट्रांजेक्शन करने के लिए एसबीआई बडी जैसा वाॅलेट मोबाईल अथव कम्प्यूटर में डाउनलोड करना होगा इसमें मोबाईल नम्बर से रजिस्ट्रेशन करके डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड से लिंक करना होगा।

उन्होंने बताया कि माइक्रो एटीएम के माध्यम से बैंकिंग करेंसपोंडेंस सभी बैंकों के कार्ड स्वीकर कर सकते है। ई केवाईसी के द्वारा व खाता खोलने सहित समस्त बैंक के कार्य कर सकते है। इनका केसलेस अर्थव्यवस्था में विशेष योगदान हैं।

टेब और मोबाईल को बना सकते है माइक्रो एटीएम

उन्होंने बताया कि टेब और स्मार्ट फोन को बायो मैट्रिक फिंगर प्रिंट स्केनर के साथ जोड़कर इसे माइक्रो एटीएम में बदला जा सकता है। आयरिस स्केनिंग के साथ आने वाले मोबाईल फोन और आयरिस स्केनर के द्वारा भी माइक्रो एटीएम की तरह उपयोग लिया जा सकता है।

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