बुधवार, 25 मई 2011

पत्नी पर जुल्म, चार दिनों से रखा था भूखा



 पत्नी पर जुल्म, चार दिनों से रखा था भूखा
दहेज की मांग पर करता था मारपीट, आठ दिन पहले की थी 40 हजार रुपए की मांग 

सिरोही
 पिछले आठ दिनों से पति के जुल्मो सितम को सह रही घर में नजरबंद एक विवाहिता को उसकी मां की शिकायत पर पुलिस ने मंगलवार को मुक्त कराया। मामला विवाहिता के ससुराल कालंद्री कस्बे का है। 

बनास के रामपुरा गांव निवासी विवाहिता की मां धरमी पत्नी जीवाजी बागरी मंगलवार को सिरोही में एसपी कैलाशचंद्र विश्नोई से मिली एवं अपनी बेटी ज्योति के जुल्मो सितम की दर्दभरी दास्तान सुनाई। उसकी बेटी की शादी कालंद्री कस्बे में करीब डेढ़ साल पहले विक्रम पुत्र वागाजी के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही उसका पति उसे दहेज के लिए परेशान किया करता था। कुछ दिनों तक मांग छोटी रहने पर सबकुछ ठीक रहा, लेकिन समय बीतने के साथ उसकी मांग बढ़ती गई। उसके साथ मारपीट भी की जाने लगी। आठ दिनों पहले ज्योति का पति उसे घर से 40 हजार रुपए लेकर आने को कहा। इनकार करने पर उसे घर में बंद कर दिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी तथा कमरे में बंद कर चार दिनों तक खाना भी नहीं दिया। ज्योति ने किसी तरह मोबाइल पर अपनी आपबीती अपनी मां को बताई। इस पर उसकी मां ने सिरोही आकर एसपी कैलाशचंद्र विश्नोई से मिली एवं लिखित शिकायत की। इस संबंध में एसपी ने कालंद्री के थानाधिकारी बहादुर सिंह को तुरंत प्रभाव से पीडि़ता के ससुराल जाकर उसे बंधन से मुक्त कराने के आदेश दिए। इस पर कालंद्री थानाधिकारी ने विक्रम के घर जाकर ज्योति को मुक्त कराया एवं थाने लेकर आए। तब तक उसकी मां भी सिरोही से कालंद्री पहुंच गई। थानाधिकारी ने आवश्यक कार्यवाही कर ज्योति को उसकी मां के सुपुर्द किया।

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