IIT बाबा के साथ मारपीट:नोएडा में बोले- पहले मुझे पीटा, फिर कमरे में बंद किया; थाने के बाहर धरने पर बैठे

 IIT बाबा के साथ मारपीट:नोएडा में बोले- पहले मुझे पीटा, फिर कमरे में बंद किया; थाने के बाहर धरने पर बैठे

  



महाकुंभ में IIT बाबा के नाम से फेमस अभय सिंह के साथ नोएडा में मारपीट हुई। IIT बाबा ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर घटना की जानकारी दी। कहा- पहले मुझे पीटा, फिर कमरे में बंद कर दिया।

आईआईटी बाबा नोएडा में एक निजी चैनल के कार्यक्रम में गए थे। वहां उनके साथ बदसलूकी और मारपीट हुई। इसके बाद नोएडा सेक्टर-26 पुलिस थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर का वापस भेजा

भगवाधारी लोगों ने न्यूजरूम में आकर की मारपीट

IIT बाबा ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर पूरी घटना बताई। IIT बाबा ने पुलिस को दी शिकायत में लिखा- मुझे डिबेट के लिए बुलाया गया था। इस दौरान बाहर से आए कुछ भगवाधारी लोगों ने न्यूजरूम में आकर मेरे साथ हाथापाई की। एक व्यक्ति ने मुझ पर डंडे से भी हमला किया। बाद में मुझे जबरन एक कमरे में बंद कर दिया गया। किसी तरह मैं बचकर बाहर निकला हूं।

गुरु महंत सोमेश्वर पुरी के साथ आईआईटी बाबा महाकुंभ में गए थे। कुछ समय बाद उन्होंने अपने गुरु महंत सोमेश्वर पुरी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इसके बाद महाकुंभ में जूना अखाड़े के शिविर से उन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया था। अखाड़े के प्रवक्ता ने उन्हें 'पढ़ा-लिखा पागल' बताया।

अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि ने कहा- अभय सिंह का कृत्य गुरु-शिष्य परंपरा और संन्यास के खिलाफ है। उसने अपने गुरु को अपशब्द कहे हैं। अभय सिंह साधु नहीं है। वह लखनऊ से ऐसे ही यहां आ गए और स्वयंभू साधु बनकर घूम रहा था। आईआईटी बाबा पर अखाड़े की छावनी और उसके आसपास आने पर रोक लगा दी गई।

महाकुंभ का समापन 26 फरवरी को हो चुका है। दुकानें उखड़ चुकी हैं। पंडाल उखाड़े जा रहे हैं। इस बीच, महाकुंभ न आ पाने वालों को सरकार उनके जिले में संगम स्नान कराने की तैयारी में है। इसके लिए दमकल विभाग की गाड़ियों से सभी 75 जिलों में संगम का जल भेजा जा रहा है।

संगम में अब भीड़ नहीं है। हालांकि, सुबह संगम पर स्नान के लिए काफी श्रद्धालु पहुंचे। अब संगम तक आसानी से गाड़ी ले जा सकते हैं। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने शुक्रवार को महाकुंभ की धरती से विदा लिया। इससे पहले उन्होंने अरैल घाट पर सफाई की। गंगा से कचरा निकाला। सफाई कर्मियों को भोजन कराया

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