महिलाओं को बराबरी हक के साथ बराबर की भागीदारी निभानी चाहिए -रश्मि रानी
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस समापन समारोह में 49 महिलाओं का किया गया बहुमान
जैसलमेर, 8 मार्च। जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता के तत्वाधान में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस का महिला एवं बालिका के समानता के अधिकार से सशक्तिकरण 2025 की थीम पर जिला स्तरीय समापन समारोह कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डीआरडीए हॉल में मुख्य अतिथि श्रीमती रश्मि रानी मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद्, किशोर कुमार तालेपा अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, सक्षम गोयल उपखण्ड अधिकारी जैसलमेर, देरावर सिंह जिला कोषाधिकारी तथा मनोरमा वैष्णव महिला सदस्य भारतीय जनता पार्टी उपस्थिति में सम्पन हुआ। अशोक कुमार गोयल उपनिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग ने विभागीय योजनाओं एवं साप्ताहिक गतिविधियों की विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
इस मौके पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि शिक्षा से महिलाओं को रोजगार से आर्थिक स्वतंत्रता तथा महिला सशक्तिकरण की परिकल्पाना को पूर्ण किया जा सकता है। उन्होने कहा कि समाज मे व्याप्त असमानता का उन्मूलन करने के लिए साझा प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होने कहा कि गर्भावस्था के दौरान कार्यालयों में कार्यरत महिलाकर्मी के प्रति संवेदनशीलता रखनी चाहिए। उपखण्ड अधिकारी जैसलमेर ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हमें महिलाओं की बातो को सुनना चाहिए ना कि हमारे खुद के वक्ततव्य होने चाहिए।
शिक्षा के साथ विधिक जागरूकता का होना अतिआवश्यक
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने कहा कि हमे अधिकारो के प्रति सजग रहना होगा तब ही हम अपने अधिकारो का सही रूप से उपयोग कर पायेगे। उन्होने जिले में महिला शिक्षा के स्तर पर बात करते हुए कहा कि आज भी हमें महिला शिक्षा पर जमीनीय स्तर पर काम करने की जरूरत है। उन्होने निःशुल्क विधिक सहायता के लिए हेल्पलाईल नबंर 15100 के बारे मे बताया।
इस दौरान कोषाधिकरी ने महिला से संवाद करते हुए कहा कि महिला उत्थान के लिए हर महिला को अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होने कहा कि राजकीय कार्यालयों मे पदस्थापित महिला अधिकारी/कर्मचारी यह मानस बना ले कि मुझे परिवार में दो बालिकाओं कों मार्गदर्शित करते हुए राजकीय सेवा में भविष्य निर्माण के लिए सहयोग करना, तो स्वतः ही महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। इसी कड़ी में पकज पंवार ने कहा कि महिलाओं पर प्रश्न चिह्न उठाने वालो को अपनी काबिलियत से प्रत्येक क्षेत्र में परचम लहराकर शांत कर दिया है। उन्होने कहा कि बेटियों को हमे बोझ ना समझ कर उन पर गुमान करना चाहिए तथा उन्हे प्रेरित कर एक नया विश्वास पैदा करना चाहिए, कि तुम नये सवेरे के साथ एक नया इतिहास लिखों।
सेल्फी रही आर्कषण का केन्द्र
कार्यक्रम में महिला एवं बालिका के समानता के अधिकार से सशक्तिकरण की थीम पर निर्मित सेल्फी पॉईन्ट महिलाओं में आर्कषण का केन्द्र रही जिसमें सभी ने उत्सुकता के साथ छायाचित्र लेकर सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यम से प्रसारित किया।
इस कार्यक्रम में शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक, राजनैतिक, खेल एवं विभागीय कार्य का प्रभावी क्रियान्वयन तथा अपने कार्य क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली 49 महिलाओं को सम्मानित किया गया, साथ ही मां यशोदा पुरस्कार से 10 आगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया।
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