लोक अदालत में अलग-अलग रहने वाले जोड़े फिर हुए एक:एक-दूसरे को पहनाई माला, अन्य पैडिंग मामलों का भी हुआ निस्तारण

 लोक अदालत में अलग-अलग रहने वाले जोड़े फिर हुए एक:एक-दूसरे को पहनाई माला, अन्य पैडिंग मामलों का भी हुआ निस्तारण



बाड़मेर कोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें अलग-अलग विचाराधीन मामलों में दो पक्षों से समझाइश कर राजीनामा करवाया गया। इसमें कई सालों से कोर्ट में चल रहे दो तलाक के मामले में पति-पत्नी के समझाइश कर राजीनामा करवाया गया। शादी जोड़ों को एक बार फिर से माला पहनाकर खुशी-खुशी अपने पर भेजा गया। एडवोकेट भजनलाल विश्नोई ने बताया- लोक अदालत में दो बैंच बनाई गई। जिसमें विचारधीन प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

दरअसल, देश भर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया किया गया। शनिवार को बाड़मेर कोर्ट में पैडिंग मामलों की मध्यस्थता कर समझाइश कर जरिए निस्तारण किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत बेंच सदस्य एडवोकेट भजनलाल ने बताया- न्यायालय में पेंडिंग विभिन्न मामलों को निपटने के लिए आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें दो बेंचों का गठन किया गया। राजस्व, बैंकिंग, लाइट विभाग, एमएसीटी, एनआई एक्ट, संपति विवाह व तलाक सहित पेंडिंग मामला को लोक अदालत में लेकर राजीनामा के जरिए प्रकरणों का निस्तारण किया गया है।

वही हिंदू विवाह अधिनियम के तहत दो जोड़े लंबे समय से अलग रह रहे थे। कोर्ट में तलाक की अर्जी पेंडिंग थी। उन दोनों जोड़ो से भी आज लोक अदालत में न्यायाधीश पीयूष चौधरी की ओर से समझाईस की गई। इसके बाद दोनों ही जोड़े साथ में रहने के लिए राजी हो गए। कोर्ट में दोनों ही जोड़ों ने एक दूसरे को माला पहनकर साथ रहने का फैसला लिया। जीवन भर एक दूसरे के साथ रहने का वादा किया। इसके बाद वे खुशी खुशी अपने घर लौट गए। वही लोक अदालत में आए लोगों ने भी इस फैसले की जमकर सरहाना की।



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