सोशल-मीडिया के 6 इंफ्लूएंसरों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज:प्रतिबंधित गेम का प्रमोशन करने का आरोप, पुलिस जुटी जांच में
सोशल-मीडिया के 6 इंफ्लूएंसरों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज:प्रतिबंधित गेम का प्रमोशन करने का आरोप, पुलिस जुटी जांच में
बाड़मेर सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित जुआ गेमिंग एप्लिकेशन के प्रमोशन करने की शिकायत पर 6 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ बाड़मेर साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज हुई है। पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की ओर से डिजिटल गेमिंग प्रमोशन एप्लिकेशन वाली कंपनियों के माध्यम से फर्जी गेमिंग के वीडियो चलाकर झूठे झांसे दे रहे हैं। जम्मू कश्मीर स्थित बैंकों में पैसा ट्रांसफर होता है। संदेह है कि इन पैसों का उपयोग देश विरोधी एक्टिविटी में लिया जा रहा है।
साइबर थाने के इंचार्ज हनुवंत सिंह ने बताया- परिवादी की रिपोर्ट पर शिकायत दर्ज की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, बाड़मेर शहर के नेहरू नगर निवासी बाबूलाल पुत्र धर्माराम चौधरी ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित जुआ गेमिंग एप्लिकेशन का प्रमोशन करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ साइबर फ्रॉड की शिकायत 7 मार्च को दर्ज करवाई है।
रिपोर्ट में बताया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निंबाराम सारण, इमरती काकी, सीमा चौधरी, डिंपल चौधरी, कपिल उर्फ कपसा कॉमेडी तथा हिम्मताराम खदाव निवासी नागौर प्रतिबंधित जुआ गेम एप्लिकेशन जेडटीएल, ओके विन, तीन पत्ती, रम्मी, एवीएटर आदि का प्रमोशन करके साइबर फ्रॉड कर रहे हैं। उसमें बताया कि इन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर द्वारा डिजिटल गेमिंग प्रमोशन एप्लिकेशन वाली कंपनियों के माध्यम से फर्जी गेमिंग के वीडियो चलाकर झूठे झांसे दे रहे हैं।
इनके झूठे झांसे में बाड़मेर सहित संपूर्ण मारवाड़ के ग्रामीण इलाके के लोग व अधिकतर युवा आते हैं। इस एप्लिकेशन में पैसे डालकर अपनी आय को दोगुना, चार गुना करने के लालच में दिन ब दिन हजारों रुपए इस एप्लिकेशन में लगाकर इस साइबर फ्रॉड के शिकार हो गए।
देश विरोधी गतिविधि में रुपए उपयोग होने की आंशका
इन गेमिंग एप में लगाए जाने वाला पैसा जम्मू कश्मीर स्थित बैंकों में ट्रांसफर होता है। इनका उपयोग देश विरोधी गतिविधियों में लिए जाने का पूर्ण संदेह है। इन गेम एप्लिकेशन में लिए गए पैसे अलग अलग राज्यों के अलग अलग लोगों के नाम से खोले गए खातों में जमा होता है।
अलग अलग खातों में रुपए जमा होने के कारण बैंक को भी कोई संदेह नहीं होता है। उसने रिपोर्ट में बताया कि यह लोग कंपनी में प्रतिदिन 8 से 10 लाख रुपए का फ्रॉड करके पैसे जमा करते थे। इसमें से कंपनी इन लोगों को प्रति रील व वीडियो क्लिप के 70 से 80 हजार रुपए प्रमोशन चार्ज भी देती थी। इसका जिक्र निंबाराम ने एक वीडियो में किया है।

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