सोमवार, 15 जून 2020

जैसलमेर साईबर सैल की बडी कार्यवाही, आॅनलाईन ठगी का पर्दाफाश, प्रार्थी के खाते से ठगे गए चालीस हजार रूपये प्रार्थी के खाता में जमा हुए वापस




 जैसलमेर  साईबर सैल की बडी कार्यवाही, आॅनलाईन ठगी का पर्दाफाश,
प्रार्थी के खाते से ठगे गए चालीस हजार रूपये प्रार्थी के खाता में जमा हुए वापस 
प्रार्थी ने जताया पुलिस अधीक्षक का आभार

घटना का संक्षिप्त विवरण 


जैसलमेर दिनांक 07.05.2020 को प्रार्थी श्री चंद्रप्रकाश पुरोहित निवासी जैसलमेर ने उपस्थित थाना कोतवाली, जैसलमेर होकर एक रिपोर्ट वदी मजमून की पेश की कि वक्त करीब 03 बजे के आस पास मेरे मोबाईल पर एक विजय नामक व्यक्ति का फोन आया ओर कहा कि मेरे कुछ पैसे आने वाले है लेकिनलाॅन लिया हुआ होने के कारण बैक वालों ने खाता बंद कर दिया आप अगर फोन पे या पेटीएम चलाते हो तो मैं आपके खाता में पैसे डला दुंगा आप मुझे बाद में वापस कर देना तब मैने कहा कि मैं फोन पे वगैरा नहीं चलाता हॅु तो उक्त शख्स ने कहा कि आप अपने खाता नम्बर बता दो मैं उसमें पैसे डाल दुगा तब मैने उसको मेरे खाता नम्बर बताये तो उसने कहा कि लेन देन सफल नहीं हो रहा है आप अपने खाता पर जारी एटीम के नम्बर बताओ तब मैने दोस्त विजय के विश्वास में आकर एटीम के नम्बर बता दिया तथा बाद में ओटीपी भी उसको बता दिये जब मेने फोन काटा तो उस व्यक्ति ने मेरे खाता से चालीस हजार रूपये ठगी करके निकाल दिये वगैरा रिपोर्ट पर प्र्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।जैसलमेर



जैसलमेर कार्यवाही पुलिस


ज्ञात रहे कि साईबर अपराध की रिपोर्ट की जानकारी आने पर जिला पुलिस अधीक्षक डाॅ0 किरन कंग सिद्वू के आदेशानूसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार बैरवा के निर्देशन में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थित साईबर सैल प्रभारी मुकेश बीरा के नेतृत्व में कानि0 भीमराव सिंह व हेमराजसिंह राठौड एवं थाना कोतवाली में तैनात कानि0 राकेश कुमार द्वारा प्रकरण की सम्पूर्ण जानकारी ली जाकर बैक से पता किया कि पैसा किस खाते में गया है जिस पर बैक से प्राप्त जानकारी अनुसार सम्बधित गेटवे सिक्युरिटी एजेन्सी के मेल पर मेल भेजा जाकर त्वरित कार्यवाही की गई। जिस पर उक्त गेटवे कम्पनी के द्वारा ठगे गये चालीस हजार रूपये आगे डिलीवरी होने से रोककर उसका ई मेल जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भिजवाया गया। जिसकी सूचना कानि0 भीमरावसिंह द्वारा प्रार्थी श्री चन्द्रप्रकाश को दी गई तो उन्होने अपना खाता को चैक किया तो उनके खाता में अलग अलग हिस्सों में कुल चालीस हजार रूपये जमा होना पाए गए जिस पर प्रार्थी द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक एवं साईबर टीम का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में इस प्रकार की गलती नहीं दोहराने एवं आमजन को इसके बारे में समझाईस करने की बात कही।

जिला साईबर टीम द्वारा इससे पूर्व भी काफी परिवादीयों को उनकी गाढी कमाई जो कि अन्जान ठगों के द्वारा ठगी जाती थी उसको वापिस दिलवाने में अहम भूमिका निभाई है। इस कडी में जिले की आमजन को जिला पुलिस अधीक्षक जैसलमेर द्वारा अपील की जाती है कि आप अपनी मेहनत की कमाई को किसी अन्जान व्यक्ति को ठगी के रूप में न सौपें तथा किसी प्रकार का आॅनलाईन लेन देन करने से पहले विशेष सावधानी बरते तथा निम्नलिखित बातों का ध्यान देवें:-




01 अपनी सोशल आईडी का पासवर्ड अपने मोबाईल नम्बर नहीं रखें तथा पासवर्ड बनाते वक्त स्पेशल करेक्टर का उपयोग करेे।

02 किसी अन्जान फोन पर अपना मोबाईल पर पिन नम्बर, ओटीपी, सीवीसी नम्बर एवं अन्य जानकारी नहीं देवे।

03 फेसबुक पर किसी अन्जान व्यक्ति की रिक्वेस्ट को स्वीकार नहीं करे।

04 आपके व्हाटस अप एवं मैसेजर पर आपके किसी जानकार द्वारा पैसे माॅगने पर उसकी सम्पूर्ण तस्सली करने के बाद ही पैसे उसके खाता में जमा करवावे।

05 अपना मोबाईल किसी के हाथ में ना देवे क्यों कि किसी व्यक्ति के द्वारा आपका व्हाटसअप हैक कर जानकारी चुरा ली जावेगी।

06 सोशल साईटस पर प्रापत होने वाले लिंक को बिना जानकारी के टच नहीं करे।

07 ओएलएक्स पर दिखाई जाने वाली मंहगी गाडियों को सस्ती दर पर खरीदने के लालच में नहीं आयें।

08 अपने बैक खाता की जानकारी किसी के साथ में भी शेयन नहीं करे।










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