सोमवार, 15 जून 2020

बाड़मेर. पीड़ित महिलाओं ने मांग कलेक्टर से न्याय ,आज़ाद सिंह राठोड ने की ज़ोरदार पैरवी






पीड़ित महिलाओं ने मांग कलेक्टर से न्याय ,आज़ाद सिंह राठोड ने की ज़ोरदार पैरवी

बाड़मेर. सदर थाना के पास शिव नगर टाउनशिप की जमीन पर बसे गरीबों के पट्टे सुदा  घरों पर नगरपरिषद की टीम द्वारा रविवार को बुलडोजर चलाने को लेकर आज पीड़ित परिवारों की महिलाऐं कांग्रेस युवा नेता आज़ाद सिंह राठोड के नेतृत्व में जिला कलेक्टर से मिलकर न्याय माँगा, जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने माना  की पट्टासुदा मकानों को तोड़ने का मामला उनके सामने आया हैं ,पुरे मामले की तहकीकात कराएँगे किसी के साथ अन्याय नहीं होगा,।

2009 में टाउनशिप बसाए जाने से पूर्व इन लोगों के कब्जे थे और नगर परिषद ने भूखंड आवंटन के लिए पट्टे भी दे रखे है। करीब 12 सालों से ये परिवार नगर परिषद से कब्जा दिलाने की मांग कर रहे थे, लेकिन नगरपरिषद प्रशासन इस पर सहमत नहीं था।

रविवार सुबह नगर परिषद आयुक्त, आरओ सहित अतिक्रमण दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे और सिर्फ दो परिवारों के कच्चे मकानों पर बुलडोजर चला दिया। सालों से रहे रहे इन लोगों के बर्तन और घर का सामान सड़क कर डाल दिया।

जबकि उसी के आसपास 60 फीट की सड़क व अन्य कई रसूखदारों के अतिक्रमण थे, जिन्हें नगर परिषद की टीम ने छुआ तक नहीं। इस कार्यवाही को लेकर काफी आक्रोश दिखा। असहाय परिवारों ने परिश्रम कर कच्चा आशियाना बनाया था, नगर परिषद ने उसे भी बुलडोजर चलाकर गिरा दिया।

अपने घर टूटते देख महिलाएं आक्रोशित हो गई और विरोध में जेसीबी पर पत्थर भी बरसाए। आंखों से बहते आंसू और हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ाती महिलाओं के दर्द को देखकर भी अफसरों को रहम नहीं आया। 2009 में टाउनशिप बसाए जाने से पूर्व इन लोगों के कब्जे थे, इन्हें वापस कब्जा दिलाना था, लेकिन नगर परिषद की लापरवाही से कब्जा दिला नहीं पाए। 12 साल बाद घर तोड़ दिए।

 कई लोग टाउनशिप की जमीन पर अवैध कब्जे करके बैठे है, जिन्हें शिकायतों के बाद भी नगर परिषद नहीं हटा रही है। जबकि जिस गरीब परिवार का 20 साल से कब्जा था और टाउनशिप के समय उसे हटाकर फिर से कब्जा दिया जाना था। इसके लिए नगर परिषद में 2012 में राशि तक जमा है। ऐसे गरीब परिवारों के कब्जों को तोड़ दिया।

नगरपरिषद ने पट्‌टे दिए, आठ साल बाद भी कब्जा नहीं दिया

पुष्पा देवी पत्नी पृथ्वी सिंह निवासी शिव नगर टाउनशिप को 2012 में नगर परिषद ने भूखंड का पट्टा दिया है, लेकिन कब्जा नहीं करवाया गया। 8 साल से गरीब परिवार कब्जे के लिए भटक रहा था।

रहने के लिए गरीब परिवार ने टाउनशिप की खाली पड़ी जमीन पर खुद ही कब्जा कर ईंटों के कच्चे कमरे बनाए थे। ये परिवार टाउनशिप बसने से पूर्व भी यहां रहता था, जब टाउनशिप के समय इसे हटाया गया और कहा कि वापस इसी जगह पट्टा देंगे। पट्टा तो दे दिया, लेकिन कब्जा नहीं दिया।

रसूखदारों के अतिक्रमण नहीं हटाए

गरीबों के घर तोड़ने को लेकर लोगों ने सवाल भी उठाए कि टाउनशिप में कई जगह रसूखदार लोगों के सड़क पर भी अवैध कब्जे कर रहे है। सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई। नगरपरिषद प्रशासन की मनमानी से गरीबों के घरों को तोड़ आसमान तले रहने को मजबूर कर दिया।

टाउन शिप योजना में इन पीड़ित परिवारों को नगर परिषद हे यह कह कर पत्ते जारी किये थे की उन्हें दूसरी जगह प्लाट दिए जायेंगे ,मगर बारह साल बाद भी इन्हे पत्ते जारी नहीं किये ,रविवार को अचानक इनके रहवासी मकान  नगर परिषद टीम ने ,ये गरीबों के साथ अन्याय हे जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा ,कलेक्टर ने मामले  निष्पक्ष जांच और न्याय देने का भरोसा दिया हैं ,न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा

आज़ाद सिंह राठोड ,युवा कांग्रेस नेता बाड़मेर

महिलाएं झूठ बोल रही है: सभापति

टाउनशिप की जमीन पर अतिक्रमण कर रखा था, हटाने के लिए बोला था लेकिन हटाया नहीं इसलिए टीम ने जाकर गिराया है। महिलाएं झूठ बोल रही है कि उन्हें पहले नहीं बताया गया। पट्टे मेरे समय के नहीं है, पूर्व में दिए गए है। 8 साल हो गए अब मैं भी क्या कर सकता हूं।
-दिलीप माली, सभापति, नगर परिषद बाड़मेर।





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