रविवार, 28 जून 2020

जैसलमेर,67 साल बाद दिखी थार के मरुस्थल में विश्व की विलुप्त डेजर्ट ग्रिजलड स्कीपर प्रजाति की तितली

जैसलमेर,67 साल बाद दिखी थार के मरुस्थल में विश्व की विलुप्त डेजर्ट ग्रिजलड स्कीपर प्रजाति की तितली 

जैसलमेर सरहदीजिलों बाड़मेर जैसलमेर के परिस्थतिक तत्न्त्र में आये बदलाव के बाद यहाँ विभिन प्रजातियों के पशु पक्षी डेरा डाल रहे ,जिसके चलते प्राणी शास्त्र वैज्ञानिको की जिज्ञासा मरुस्थल की विविधता को लेकर बढ़ी हैं ,वन्य  विशषज्ञ  मरुस्थल की जैव विविधता को लेकर बड़े पैमाने पर कार्य कर रहे   हैं, ऐसे ही मरुथल में प्राणी शास्त्र के विशेषज्ञ डॉ श्याम सूंदर मीणा ने मरुस्थल में 67 साल बाद थार के मरुस्थल में विश्व की विलुप्त डेजर्ट ग्रिजलड स्कीपर प्रजाति की तितली होने का दावा  किया।,  
राजस्थान के थार में मरुस्थल में विश्व की विलुप्त प्रजाति की तितली को जैसलमेर में 67 सालों बाद फिर से देखा गया है। एसबीके राजकीय महाविद्यालय के प्राणी शास्त्र विषय के सह आचार्य डाॅ श्याम सुंदर मीणा ने बताया कि डेजर्ट ग्रिजलड स्कीपर नाम की तितली जिसका वैज्ञानिक नाम स्पिलिया डोरिस इवानिडा है इसे सिंध स्किपर के नाम जाना जाता है। इस तितली को 7 अक्टूबर 2016 को जैसलमेर के अमर सागर क्षेत्र में देखा गया है इस तितली के बारे में सबसे रोमांचक तथ्य है कि भारत में इसे पूरे 67 वर्षों के लम्बे अंतराल के बाद दिखाई दी है।

डाॅ मीणा ने बताया कि फिलहाल वे तितलियों पर रिसर्च कर रहे है। इस बीच उन्होंने पुरानी फोटाे को पहचान के लिए बार फलाई आइडेंटिफिकेशन समूह राजस्थान को भेजा। जिसे देखने के बाद विशेषज्ञों ने 24 जून 2020 को बताया कि इस तितली को अंतिम बार गुजरात के डीसा में वर्ष 1949 में देखा गया था। 67 वर्षों बाद थार के मरुस्थल में जैसलमेर में ही देखी गई है। डाॅ श्याम सुंदर मीणा की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय प्राचार्य अशोक दलाल, डाॅ अशोक तंवर, नरेंद्र कुमार वैष्णव, मेहराब खान, नेमीचंद गर्ग, शीशराम, सीपी बारूपाल आदि ने बधाई दी है।









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