शुक्रवार, 4 अक्तूबर 2019

जयपुर काबीना मंत्री सालेह मोहम्मद के प्रयास फिर रंग लाये पहली बार राज्य के मदरसों में गूंजे बापू के नारे,मनाई गयी जयंती

जयपुर काबीना मंत्री सालेह मोहम्मद के प्रयास फिर रंग लाये 

पहली बार राज्य के मदरसों  में गूंजे बापू के नारे,मनाई गयी जयंती 





जैसलमेर महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती पर राजस्थान भर के मदरसों में महात्मा गाँधी के नारे पहली बार , महात्मा गाँधी की जयंती हर मदरसे में  मनाई गयी ,यह कारनामा राजस्थान सरकार में अलप संख्यक मंत्री सालेह मोहम्मद ने कर दिखाया ,अल्पसंख्यक मंत्रालय ने मदरसों को स्पष्ट निर्देश दे रखे थे की सभी मदरसों में महात्मा गाँधी की जयंती मनाने के साथ मदरसों के बच्चो को गाँधी दर्शन और उनकी जीवनी से रूबरू करैया जाये ,राजस्थान के बांसवाड़ा डूंगरपुर ,जयपुर ,जैसलमेर ,बाड़मेर ,जोधपुर सहित कई शहरों में स्थित मदरसों में महात्मा गाँधी जयंती पर व्यापक पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित हुए जिसकी बकायदा रिपोर्टिंग अलप संख्यक मंत्रालय को की गयी , पोखरण स्थित दारुल उलूम इस्लामिया मदरसे ,बांसवाड़ा के मदरसा महम्मदि खिड़की गोरख  सेकड़ो मदरसों  में एकाएक 'बापू' के नारे लगने लगे। आसपास के दुकानदार अपना कामकाज छोड़कर मदरसे में पहुंच गए। राहगीर भी कुछ देर के लिए वहीं ठहर गए। मदरसे के भीतर से नारों की तेज आवाजें आ रही थी।  मुस्लिम समुदाय के लोगनारे लगा रहे थे। दूसरे लोग भी उनके नारों में अपनी आवाज मिलाने लगे। देखते देखते पोखरण की हर गली में वे नारे गूंजने लगे।मदरसों के बच्चों ने महात्मा गाँधी का रूप भी धारण किया ,मदरसों में गाँधी के जीवन से रूबरू भी कराया गया।
मदरसे में नारे लग रहे थे...जब तक सूरज चांद रहेगा, 'बापू' तेरा नाम रहेगा। 'बापू' अमर रहे। हमारे देश के भाईचारे को कोई ताकत नहीं तोड़ सकती। हम पाकिस्तान को बताना चाहते हैं कि वह भारत की तरफ बुरी नजर से न देखे। इसके बाद जब सब लोग मदरसे में प्रवेश करने लगे तो मुस्लिम समुदाय ने जोर-जोर से नारे लगाने शुरु कर दिए। मोहम्मद उमर बाड़मेर, कारी अब्दुल करीम, मोहम्मद गुल्लामुला, मोहम्मद अयूब अजमेर, मुफ्ती जमालुद्दीन, दीन मोहम्मद पोकरण, इस्माइल दीन और मोहम्मद असद बांसवाड़ा  ने कहा, बापू मानवता के प्रतीक थे। उनके कार्यों को किसी एक देश की सीमा में नहीं रोका जा सकता। महात्मा गांधी ने समस्त मानव जाति के उत्थान का कार्य किया था और वे आजीवन सभी समुदायों की भलाई के लिए काम करते रहे। इनका कहना था कि पाकिस्तान जिनता भी जोर लगा ले, लेकिन वह भारत की एकता और अखंडता को नहीं तोड़ सकता।अल्पसंख्यक मंत्री सालेह मोहम्मद मदरसों के प्रति आम धारणा  को तोड़ मदरसों को राष्ट्र भक्ति  और शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हे इसमें वो सफल भी हो रहे ,अब तक मदरसों को कभी सरकार की और से कभी ऐसे निर्देश नहीं मिले ,मगर पहली बार मंत्री सालेह मोहम्मद ने सभी मदरसों में आदेश भिजवाए की मदरसों में गाँधी जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जाए ,मदरसों में गाँधी जी 150 वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं ,

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