सोमवार, 6 मई 2019

बाड़मेर,बाल विवाहों की रोकथाम के लिए विशेष चौकसी बरतने के निर्देश

बाड़मेर,बाल विवाहों की रोकथाम के लिए विशेष चौकसी बरतने के निर्देश

-कलेक्ट्रेट,पुलिस अधीक्षक एवं उपखंड अधिकारियांे के कार्यालयांे मंे 24 घंटे सक्रिय रहेंगे नियंत्रण कक्ष।


बाड़मेर, 06 मई। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हिमांशु गुप्ता ने 7 मई को अक्षय तृतीया एवं 18 मई पीपल पूर्णिमा पर होने वाले बाल विवाहांे की रोकथाम के लिए उपखंड एवं विकास अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियांे को विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए है।
       जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने निर्देशित किया कि विगत वर्षाें की भांति इस बार भी जिले में अक्षय तृतीया एवं पीपल पूर्णिमा के अवसर पर बाल विवाह होने की प्रबल संभावनाएं रहेगी। इसलिए समस्त उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी तथा पुलिस अधिकारी आदि अपने-अपने इलाकांे में विशेष चौकसी बरतने के साथ ही अपने अधीनस्थ कार्मिकों, विभिन्न सहायता समूहों, महिला समूहांे, स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता, आंगनवाडी कार्यकर्त्ता साथिन एवं सहयोगिनी, कोर ग्रुप, एनजीओ, पटवारी, नोडल विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, एएनएम एवं अध्यापक आदि को संबंधित क्षेत्रों में सक्रिय करते हुए सूचना तंत्र को मजबूत रखते हुए पूर्ण रूप से निगरानी रखे। साथ ही कहीं पर भी बाल विवाह की जानकारी हो तो उसकी सूचना उच्च अधिकारियों को तत्काल दें। उन्हांेने बाल विवाह पर प्रभावी रोकथाम स्कूली बच्चों के माध्यम से विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में बच्चों को बाल विवाह के नुकसानों की जानकारी देने तथा जबरन बाल विवाह की सूरत में संबंधित बच्चों को संरक्षण के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए है। उन्होंने जिले में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अन्तर्गत नियुक्त बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों को पाबंद किया कि वे अपने कर्त्तव्यों की पुख्ता जानकारी रखें तथा अपनी शक्तियों के प्रयोग करते हुए किसी प्रकार की कौताही नहीं बरतें। जिला कलक्टर गुप्ता ने आमजन मंे बाल विवाह रोकने के लिए जन जागृति करने के निर्देश दिए है।
समझाइश के साथ सहयोग का आश्वासन लेने के निर्देशः जिला कलक्टर ने ऐसे गांवांे अथवा मौहल्लांे मंे बाल विवाह होने की आशंका है, वहां समन्वित रूप से समझाइश कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा विवाह के आयोजन मंे विभिन्न प्रकार की सेवाएं देने वाले पंडित, हलवाई, कार्ड प्रिंटर, पंडाल एवं टेंट मालिक, बैंड बाजा संचालकांे से बाल विवाह मंे सहयोग नहीं करने संबंधित आश्वासन लेने के साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानांे से अवगत कराने के निर्देश दिए गए है।

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