गुरुवार, 8 नवंबर 2018

600 साल पहले इस सुल्तान ने दिया था अहमदाबाद नाम, अब बदलेगा!

600 साल पहले इस सुल्तान ने दिया था अहमदाबाद नाम, अब बदलेगा!

फैजाबाद-इलाहाबाद के बाद अब नाम बदलने की लिस्ट में अहमदाबाद शहर भी जुड़ गया है. जी हां, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने भी कहा है कि अहमदाबाद का नाम बदलने की मांग काफी समय से हो रही है. अब अहमदाबाद का नाम बदलने पर विचार कर रहे हैं. इस शहर का नाम बदलकर 'कर्णावती' हो सकता है. जानिए क्यों अहमदाबाद का नाम  कर्णावती किया जा रहा है और शहर का नाम कैसे अहमदाबाद पड़ा.
600 साल पहले इस सुल्तान ने दिया था अहमदाबाद नाम, अब बदलेगा!

बता दें, गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बयान दिया कि वह पिछले काफी समय अहमदाबाद का नाम बदलने पर विचार कर रहे हैं. उनका कहना है कि अहमदाबाद का नाम बदल कर्णावती किया जा सकता है कैसे पड़ा इस शहर का नाम अहमदबाद: अहमदाबाद शहर भारत में, साबरमती नदी के तट पर मुंबई के उत्तर में स्थित है. देश का इकलौता ऐसा शहर है, जिसे UNESCO ने वर्ल्ड हेरिटेज सिटी के तौर पर शामिल किया गया है. माना जाता है कि 1411 AD में अहमदाबाद शहर को अहमदशाह बादशाह ने बनाया था, जिस वजह से इस शहर का नाम अहमदाबाद रखा गया था.हालांकि इससे पहले अहमदाबाद के आसपास का इलाका 11वीं सदी में बसना शुरू हुआ था. उस समय इसे 'अशवाल' कहा जाता था. चालुक्‍य शासक कर्ण ने अशवाल के भील शासक को युद्ध में हराकर साबरमती नदी के किनारे कर्णावती शहर को बसाया था.बता दें, 600 साल पहले अहमदाबाद को कर्णावती के नाम से भी जाना जाता था. इस शहार की नींव 1411 में डाली गई थी.  शहर का नाम सुलतान अहमद शाह पर पड़ा थाभारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान अहमदाबाद प्रमुख शिविर आधार रहा है. इसी शहर में महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम की स्थापना की और स्‍वतंत्रता संघर्ष से जुड़ें अनेक आंदोलन की शुरुआत भी यही से हुई थी. इसी शहर में महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम की स्थापना की और स्‍वतंत्रता संघर्ष से जुड़ें अनेक आंदोलन की शुरुआत भी यही से हुई थी. अहमदाबाद बुनाई की कारीगरी के लिए भी काफी प्रसिद्ध है. इसके साथ ही यह शहर व्यापार केन्द्र के रूप में बहुत अधिक विकसित हो रहा है.राज्य के मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब अहमदाबाद की बीजेपी मेयर का कहना है कि, वो भी अब कानूनी तौर पर इसे कर्णावती करने का प्रयास करेंगी. वहीं अहमदाबाद का नाम बदल कर कर्णावती रखने को लेकर लोगो में मिली जुली प्रतिक्रिया देखने मिली है. 

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