सोमवार, 2 जुलाई 2018

*बालक राजवीर उर्फ गब्बर हत्याकाण्ड का खुलासा*



*बालक राजवीर उर्फ गब्बर हत्याकाण्ड का खुलासा*



जयपुर 2 जुलाई । भरतपुर जिले की थाना वैर पुलिस ने 16 वर्षीय बालक की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिये खेत पर गुप्त रूप से दाह संस्कार कर दिए जाने की घटना का खुलासा कर हत्या के आरोप में मृतक के पिता को गिरफ्तार किया है । बच्चे के द्वारा चचेरी बहन के साथ गलत हरकत करने से नाराज पिता ने ही की थी अपने 16 वर्षीय पुत्र की हत्या ।

पुलिस अधीक्षक भरतपुर श्री अनिल कुमार टांक ने बताया कि 28 जून को बालक राजवीर उर्फ गब्बर जाटव (16)निवासी खोहरी की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिये गुप्त रूप से खेत पर दाह संस्कार कर दिया था। इस सम्बन्ध में एक टीम गठित की गई थी।

श्री टांक ने बताया कि टीम द्वारा गुप्त जानकारी व साक्ष्य संकलन किया गया । मृतक बालक राजवीर के पिता इन्द्रजीत पुत्र भूपसिंह से गहनता से पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि मृतक राजवीर घटना से पूर्व कई माह से अपनी चचेरी बहिन के साथ गलत हरकतें करता था परन्तु वह अपने भाई की हरकतों को सहती रही परन्तु 25 जून की रात्री को राजवीर ने उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। बहन द्वारा भाई की करतूत लडकी मां व ताई को बताया, जिन्होने इन्द्रजीत को बताया । घर की इज्जत खराब होने के डर से उसी दिन इन्द्रजीत द्वारा राजवीर को मारने का निश्चय कर लिया था।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतक राजवीर उर्फ गब्बर अक्सर मोबाइल पर अश्लील फोटो देखता था तथा दिन भर मोबाइल पर ही लगा रहता था । जिस वजह से पिता द्वारा डांटा फटकारा जाता था, परन्तु वह अपने पिता को उल्टा जबाब देता था। 28 जून को भी दिन में घटना से कुछ समय पूर्व दोनों में काफी बहस हुई थी। इन्द्रजीत पूर्व से भी गब्बर से खफा था, तो गुस्से व आवेश मे आकर अपने घर मे रखे कट्टे से गब्बर की कपनटी पर गोली चला दी, जिजसे गब्बर कमरे के दरवाजे पर ढेर हो गया।

उन्होंने बताया कि घटना के बाद इन्द्रजीत ने अपने रिस्तेदारों को फोन कर दिया। जिस पर इन्द्रजीत का साडू बनी निवासी गोठरा, फूफा जलसिंह निवासी रूदावल, साला मोहनसिंह निवासी औड रात्री में ही उसके घर आ गये और किसी को गब्बर की मृत्यु का पता नही चले उसका अपने खेत में चुपचाप दाह संस्कार कर दिया। मृतक की मां श्रीमति मीरा द्वारा साक्ष्य मिटाने के लिये जिस जगह पर खून पडा था, उस जगह को गोबर व मिट्टी से लीप दिया। मृतक के भाई बलवन्त द्वारा चिता में आग लगायी थी। आरोपी इन्द्रजीत द्वारा घटना करना कबूल कर लिया गया है।

श्री टांक ने बताया कि अनुसंधान से मामला नरवली का होना नही पाया गया है। आरोपी इन्द्रजीत को आज सोमवार को गिरफतार किया गया है। प्रकरण का अनुसंधान जारी है।

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