रविवार, 26 नवंबर 2017

दबंगों ने दलित दूल्हे को घोड़ी पर बैठने से रोका, पुलिस पहरे में निकली बारात

दबंगों ने दलित दूल्हे को घोड़ी पर बैठने से रोका, पुलिस पहरे में निकली बारात

दबंगों ने दलित दूल्हे को घोड़ी पर बैठने से रोका, पुलिस पहरे में निकली बारात
जयपुर। राजस्थान में अजमेर जिले के सरवर गांव में करीब एक दशक बाद दलित समाज के युवक की बारात घोड़ी पर निकली। गुरुवार को घोड़ी पर बारात निकलते समय भी विवाद हुआ, दबंगों ने दूल्हे को घोड़ी पर बैठने से रोका। लेकिन सूचना पर गांव पहुंचे पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने दलित दूल्हे की बारात घोड़ी पर निकलवाई।




जानकारी के अनुसार, दलित प्रधान बैरवा का गुरुवार को विवाह था, बारात रवाना होते समय गांव के दबंगों ने दूल्हे को घोड़ी पर बैठने से रोक दिया। दबंगों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि फिर दूल्हे को घोड़ी पर बिठाने का प्रयास किया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस पर बैरवा समाज के लोगों ने जिला कलेक्टर गौरव गोयल व पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह से शिकायत की। कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर व उप पुलिस अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में पुलिस के जवान गांव में भेजे। इसके बाद दूल्हा प्रधान बैरवा घोड़ी पर बैठा।




गांव के दलित समाज के लोगों ने बताया कि इस गांव में कई साल बाद दलित दूल्हा घोड़ी पर बैठा है। गांव की कुछ जातियों के दबंग किसी दलित को घोड़ी पर नहीं बैठने देते, अब तक दूल्हे को पैदल ही जाना होता था। गुरुवार को पहली बार प्रधान बैरवा ने घोड़ी पर बैठने का प्रयास किया तो दबंगों ने रोका, लेकिन प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप से दबंगों को शांत करवाया गया और दलित दूल्हा घोड़ी पर बैठा। एक बुजुर्ग के अनुसार करीब 15 साल पहले भी एक दुल्हा घोड़ी पर बैठा तब भी काफी विवाद हुआ था, इसके बाद दलित दूल्हे पैदल ही जाते हैं।

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