मंगलवार, 11 जुलाई 2017

बाड़मेर औद्योगिक घराने करेंगे सीएसआर के तहत शिक्षा में योगदान - मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे करेंगी 5 अगस्त को ज्ञान संकल्प पोर्टल को लॉंच



बाड़मेर औद्योगिक घराने करेंगे सीएसआर के तहत शिक्षा में योगदान

- मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे करेंगी 5 अगस्त को ज्ञान संकल्प पोर्टल को लॉंच

बाड़मेर, 11 जुलाई। राजकीय विद्यालयों को वित्तीय सम्बल प्रदान करने तथा आधारभूत संरचना के सृद्ढ़ीकरण के लिए दानदाता अब शिक्षा विभाग की ओर से विकसित किए जाने वाले ‘ज्ञान संकल्प पोर्टल’ एवं ‘मुख्यमंत्री विद्या दान कोष’ के जरिए अपना सहयोग कर सकेंगे। यह पोर्टल फंडिंग गेप को कम करने में मददगार साबित होगा।

शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने बताया कि शिक्षा विभाग ‘ज्ञान संकल्प पोर्टल’ तथा ‘मुख्यमंत्री विद्या दान कोष’ बना रहा है। इस पोर्टल का उद्घाटन मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे 5 अगस्त को ‘फेस्टिवल ऑफ एज्युकेशन’ में करेंगी। इस पोर्टल एवं कोष का मुख्य उद्देश्य राजकीय विद्यालयों की मूलभूत आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुसार सीएसआर, भामाशाहों, संस्थाओं व क्राउड फंडिंग के माध्यम से आवश्यक धनराशि का संग्रहण एवं प्रबंधन करना एवं विद्यालयों के विकास के लिए विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए दानदाताओ का सहयोग प्राप्त करना हैं। इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भामाशाह और औद्योगिक घराने कॉर्पोरेट सोशियल रेस्पोंसेबिलिटी के तहत जुड़कर सीधे राजस्थान सरकार को शिक्षा में किए जा रहे नवाचारों एवं आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने में अपना सहयोग दे सकते है। इस पोर्टल के माध्यम में भामाशाह एवं औद्योगिक घराने प्रदेश के विद्यालयों को सहयोग देने के उद्देश्य से गोद ले सकते हैं। दानदाता अथवा सीएसआर कम्पनी परियोजना गतिविधि के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाकर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद के माध्यम से परियोजना क्रियान्वित कर सकती हैं। दानदाताओं की ओर से दिए जाने वाले योगदान का उपयोग राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद के द्वारा राज्य सरकार की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुसार विद्यालयों के विकास के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री विद्या दान कोष में दी गयी योगदान राशि को आयकर अधिनियम की धारा 80जी के अन्तर्गत आयकर छूट प्रदान करने तथा विदेशी स्त्रोतों से योगदान प्राप्त करने के लिए ‘फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगूलेशन एक्ट’ के तहत पंजीकरण की आवश्यक कार्यवाही भी राज्य सरकार करेगी।

सहकारी संस्थाआंे मंे चुनाव के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित

-अब नए नियमांे से हांेगे सहकारी सोसायटियांे के चुनाव
बाड़मेर, 11 जुलाई। सहकारी समितियों के चुनाव में अब पांचवी कक्षा की निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी शामिल हो पाएंगे। इसके लिए सोमवार 10 जुलाई को राजस्थान सहकारी सोसायटी नियम, 2003 में आवश्यक संशोधन किया गया है। अब संचालक मण्डल के सदस्यों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य होगी, ताकि सहकारिता क्षेत्र में शिक्षा का लाभ मिल सके तथा उनका प्रबंधन दक्ष हाथों में सौंपा जा सके।

नए नियमांे के मुताबिक प्राथमिक डेयरी सोसायटियों, बुनकर सोसायटियों तथा महिलाओं की सोसायटियों के संचालक मण्डल में सदस्य चुने जाने के लिए पांचवी कक्षा पास होने की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की है। जबकि प्राथमिक कृषि साख सोसायटियों, फार्मिंग सोसायटियों, कंज्यूमर सोसायटियों, गृह निर्माण सहकारी सोसायटियों, अरबन बैंक,प्राथमिक भूमि विकास बैंक, क्रेडिट सोसायटियों, सैलेरी अर्नर्स सोसायटियों, सहकारी यूनियन या सभी केन्द्रीय या अपेक्स कोऑपरेटिव सोसायटियों के लिए आठवी कक्षा पास होने की योग्यता निर्धारित की है। नए नियमों में विशिष्ट वर्गों की सोसायटियों का निर्वाचन राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण के स्तर से करवाने का प्रावधान किया गया है। इसमें सभी अपेक्स सहकारी संस्थाओं, सभी केन्द्रीय संस्थाओं, प्राथमिक कृषि साख सोसायटियों, फार्मर सर्विस सोसायटियों, प्राथमिक भूमि विकास बैंकों, अरबन कोऑपरेटिव बैंकों, कन्ज्यूमर कोऑपरेटिव सोसायटियों, डेयरी समितियों, बुनकर समितियों, गृह निर्माण सहकारी समितियों, क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों, ऐसी सभी सोसायटियां जिनमें पांच लाख रुपए या इससे अधिक की हिस्सा राशि है तथा वे समितियां जिनके संबंध में समय-समय पर राज्य सरकार आवश्यक समझे को सम्मिलित किया गया है। शेष सोसायटियां अपने स्तर से संस्था की साधारण सभा में संचालक मण्डल का निर्वाचन करवा सकेंगी। सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने बताया कि सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली में शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए उनके संचालक मण्डल के निर्वाचन के लिए शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान नियमों में किया गया है। सोसायटियों में राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण तथा संस्था के स्वयं के स्तर से करवाए जाने वाले निर्वाचन के लिए प्रक्रिया को भी नियमों में निर्धारित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस निर्णय से सहकारी समितियों में पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचन संभव हो सकेगा।

कुंपलिया मंे वन महोत्सव के तहत लगाए 500 पौधे
बाड़मेर, 11 जुलाई। गिड़ा पंचायत समिति की कुंपलिया ग्राम पंचायत मुख्यालय पर केयर्न इंडिया एवं आरडीओ के सहयोग से वन महोत्सव के तहत 500 पौधे लगाए गए।

इस अवसर पर सरपंच नगराज गोदारा ने कहा कि ग्रामीण अपने घर मंे कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए। उन्हांेने कहा कि ग्राम पंचायत की ओर से विभिन्न स्थानांे पर पौधारोपण किया जाएगा। गोदारा ने कहा कि लगाए गए पौधे आने वाली पीढि़यों के लिए सुख का आधार बनेगे। इस दौरान केयर्न इंडिया के डा. यू.बी.द्विवेदी ने कहा कि पेड़ पौधे धरती का श्रृंगार है। बदलते पर्यावरण के परिपेक्ष्य मंे वृक्ष आवश्यक है। उन्हांेने कहा कि जहां पेड़ अधिक होते है वहां पर वर्षा भी अधिक होती है, इसलिए मारवाड़ की सूखी धरती पर भी पेड़ पौधे लगाने की जरूरत है। इस अवसर पर केयर्न इंडिया के कृषि एवं प्राकृतिक संसाधन सलाहकार भानु प्रताप सिंह, भुवनेश पाठक, आरडीओ मैनेजर राजेश गुप्ता ,जोगाराम सारण ब्लॉक कोर्डिनेटर, धीराराम,वगताराम सिहाग,कॉपरेटिव व्यवस्थापक डूंगर बाना सुरताराम, उतमाराम मंगलाराम झुरिया समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान जल स्त्रोत का निरीक्षण भी किया गया।






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