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जयपुर।राजस्थान के बेरोज़गारों के लिए सुप्रीम कोर्ट का 'राहत भरा' आदेश, अब 24 दिसंबर को होगी पटवार मुख्य परीक्षा
राजस्थान के बेरोज़गारों के लिए सुप्रीम कोर्ट का 'राहत भरा' आदेश, अब 24 दिसंबर को होगी पटवार मुख्य परीक्षा

राजस्थान में सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे हज़ारों बेरोज़गार अभ्यर्थियों के लिए सुप्रीम कोर्ट का सोमवार को आया आदेश खुशखबरी लेकर आया है। शीर्ष अदालत ने न्यायिक प्रक्रिया में अटकी पटवारी परीक्षा किये जाने को लेकर हरी झंडी दे दी है।




सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश देते हुए पटवार की मुख्य परीक्षा में लगी रोक हटाने के आदेश दे दिए। राजस्थान बेरोज़गार एकीकृत महासंघ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए इसे संघर्ष की जीत करार दिया है।




सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश आने के बाद अब पटवारी भर्ती की मुख्य परीक्षा कराये जाने का रास्ता पूरी तरह से साफ़ हो गया है। इस आदेश के आने के बाद अब लगभग 60 हज़ार नए अभ्यर्थियों को इस भर्ती में चयन होने का सुनहरा मौक़ा मिलने की उम्मीद है।




जानकारी के मुताबिक़ अब यह परीक्षा 24 दिसंबर को आयोजित किये जाने की तारीख तय हुई है। हालांकि इस सिलसिले में आधिकारिक आदेश निकाले जाने बाकी हैं।




सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक़ अब सामान्य श्रेणी की कट ऑफ के बराबर ही आरक्षित श्रेणी की कट ऑफ़ रहेगी। जिन अभ्यर्थियों की कट ऑफ़ 104, महिला अभ्यर्थी 82 से ज़्यादा है, वो सभी पटवारी मुख्या परीक्षा में भाग ले सकेंगे। अदालत ने इस सिलसिले में राजस्थान अधिनस्त सेवा चयन बोर्ड को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।




ये था मामला

राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने इस साल 13 फरवरी को पटवारी भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया था। इसके परिणाम 17 मार्च को जारी करते हुए उम्मीदवारों की सूची घोषित की थी। यह परीक्षा 4 हज़ार 400 पदों के लिए आयोजित की जा रही थी।




परीक्षा परिणाम में आरक्षित वर्ग के ऐसे कई अभ्यर्थी थे जिनके अंक सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों की तुलना में ज़्यादा थे। लेकिन आरक्षित व्यवस्था के चलते उनका मुख्य परीक्षा के लिए चयन नहीं हो सका था। लिहाज़ा वंचित रहे अभ्यर्थियों ने प्रारम्भिक परीक्षा को चुनौती दी थी।







संघर्ष की हुई जीत

सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने के साथ ही राजस्थान के बेरोज़गारो में ख़ुशी की लहर है। राजस्थान बेरोज़गार एकीकृत महासंघ ने इसे बेरोज़गार युवाओं की संघर्ष की जीत करार दिया है। महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा है कि सरकार से लगातार मांग की जा रही थी कि पटवारी भर्ती में आरक्षित वर्ग को सामान्य श्रेणी के बराबर मौक़ा दिया जाए। इसे लेकर महासंघ की ओर से हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देकर उनकी इस ज़ायज़ मांग पर मुहर लगा दी है।

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