शनिवार, 23 जनवरी 2016

अजमेर उपभोक्ता जागरूकता की कार्यशाला सम्पन्न उपभोक्ता आंदोलन जनआंदोलन बनें - सुश्री नोगिया



अजमेर उपभोक्ता जागरूकता की कार्यशाला सम्पन्न उपभोक्ता आंदोलन जनआंदोलन बनें - सुश्री नोगिया

अजमेर 23 जनवरी। जिला प्रमुख सुश्री वन्दना नोगिया के मुख्य आतिथ्य में भारत सरकार के संस्थान क्वालिटी कन्ट्रोल आॅफ इण्डिया (क्यूसीआई) के द्वारा कन्जयूमर काॅर्डीनेशन कांउसिल (सीसीसी), नई दिल्ली व राजकीय महाविद्यालय नसीराबाद के सहयोग से कन्ज्यूमर अवेएरनेस इन क्वालिटी आॅफ प्रोडक्ट्स एण्ड सर्विसेज विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जिला परिषद के सभागार में शनिवार को किया गया। सुश्री नोगिया ने उपभोक्ता आंदोलन को जनआंदोलन बनाने का आव्हान किया।

संगोष्ठी की मुख्य वक्ता क्यूसीआई की डायरेक्टर शशि रेखा ने उत्पादों व सेवाओं को दिए जाने वाले गुणवत्ता प्रमाण पत्रों तथा आईएसओ आदि की विस्तृत जानकारी पावर पोइन्ट प्रजेन्टेशन से दी और प्रमाणिकरण की विधि व उस पर निरन्तर निगरानी की आवश्कता पर जोर दिया। उपभोक्ताओं की समस्याओं पर की जाने वाली शिकायत प्रक्रिया को विस्तृत रूप से समझाते हुए कहा कि बिना संकोच शिकायत करने की आदत डाले। उन्होंने कहा कि एक उपभोक्ता की शिकायत पर जानी मानी कार कम्पनी को हजारों कारे वापस मंगानी पड़ी। क्यूसीआई के संयुक्त निदेशक राजेश माहेश्वरी ने प्रमाणीकरण की आवश्यकता व उपयोगिता तथा सिस्टम सर्टिफिकेशन विषयों पर अपने उद्बोधन में प्रमाणिकरण की सम्पूर्ण प्रक्रिया को विस्तृत रूप से पावर पोईन्ट प्रजेन्टेशन के द्वारा समझाया तथा कहा कि उपभोक्ता ही सर्वाधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति है। जो किसी उत्पाद को बाजार में सफल अथवा असफल घोषित कर सकता है। ब्यूरो आॅफ इण्डियन स्टेन्डर्स के निदेशक यू.एस.पी. यादव ने आईएसआई व आईएसओ प्रमाण पत्रा प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी रूप से समझाया।

जिला रसद अधिकारी सुरेश सिंधी ने राशन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए इसके विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कार्यकारी तन्त्रा को समय के अनुसार परिवर्तन की आवश्यकता रहती है। राष्ट्रपति सम्मान से सुशोभित वीरेन्द्र सिंह राठौड़ डीटीओ जयपुर में क्वालिटी इन रोड सेफ्टी स्टेन्डर्स विषय पर नवीनतम उपयोगी जानकारी प्रदान की।

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के संयोजक डाॅ. राधेश्याम अग्रवाल ने ग्राहक व उपभोक्ता में अन्तर को स्पष्ट करते हुए एमआरपी के स्थान पर लागत मूल्य अंकित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अधिवक्ता सूर्य प्रकाश गांधी ने उपभोक्ताओं के हो रहे शोषण को विभिन्न उदाहरणों के द्वारा समझाया तथा कहा कि मोबाईल 8 हजार रूपए का व स्क्रीन चेंज कराते समय स्क्रीन की कीमत 7 हजार तक ली जाती है यह अप्रतत्यक्ष शोषण है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अजमेर नगर सुधार न्यास के पूर्व चेयरमेन धर्मेश जैन ने शिकायत तंत्रा में बदलाव की आवश्यकता बतायी।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अजमेर जिला प्रमुख सुश्री वन्दना नोगिया ने आयोजकों को धन्यवाद देते हुए उन्होंने आयोजकों को साधुवाद प्रदान किया।

कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापकगणों व विद्यार्थियों, कई प्रान्तों कें कन्ज्यूमर एक्टिविविटिज में भाग लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में अजमेर जिला ग्रामीण उपभोक्ता संघ व इसके अध्यक्ष जसवन्त सिंह रावत का महत्व पूर्ण योगदान की सराहना की गई। इस अवसर पर क्सीआई की ओर से डाॅ. मधु जैन आयोजन सचिव, डाॅ. मानक जैन, आयोजन समन्वयक व प्रो. अश्विनी गर्ग आयोजन समन्वयक को उल्लेखनीय सहयोग के लिए प्रशस्ति पत्रा से सम्मनित कियागया।

संगोष्ठी के संयोजक प्रो. अश्विनी गर्ग ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन संगोष्ठी समन्वयक डाॅ. मानक जैन व प्रो. दीपिका शर्मा ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ तत्पश्चात् मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण द्वारा स्वागत किया गया। सीसीसी के निदेशक एस.सी.शर्मा ने अतिथियों का परिचय देते हुए सभी का वाचिक स्वागत किया। संगोष्ठी का परिचय देते हुए आयोजन सचिव डाॅ. मधु जैन ने विषय की उपयागिता एवं महत्वता पर प्रकाश डालते हुए संगोष्ठी के विभिन्न विषयों व बिन्दुओं की जानकारी दी। सीसीसी के चेयरमेन पूर्व सांसद रामजी भाई भावानी ने उपभोक्ताओं के शोषण व जागरूकता द्वारा बचाव पर उपयोगी जानकारी दी।

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