शनिवार, 21 नवंबर 2015

बाड़मेर, अधूरे कार्याें को पूर्ण कराने के साथ अधिकाधिक श्रमिक नियोजित करेंः नेहरा



बाड़मेर, अधूरे कार्याें को पूर्ण कराने के साथ अधिकाधिक श्रमिक नियोजित करेंः नेहरा

बाड़मेर, 21 नवंबर। विभिन्न विकास योजनाआंे के अधूरे कार्याें को पूर्ण करने के साथ मनरेगा मंे अधिकाधिक श्रमिक नियोजित किए जाएं। नए कार्याें की स्वीकृति के लिए ग्रामीण कार्य निर्देशिका 2015 के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर भिजवाएं। जिला कलक्टर एम.एल.नेहरा ने कलेक्ट्रेट कांफे्रस हाल मंे शनिवार को जिला परिषद की विभिन्न विकास योजनाआंे की समीक्षात्मक बैठक के दौरान यह बात कही।

जिला कलक्टर नेहरा ने कहा कि सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के स्पेशल प्रोजेक्ट के तहत चार गांवांे के विकास कार्याें के प्रस्ताव भिजवाएं। इसमंे मौजूदा संसाधनांे एवं आवश्यकता संबंधित विवरण शामिल किया जाए। उन्हांेने कहा कि इसमंे साफ्ट एक्टिविटी के रूप मंे हस्तशिल्प संबंधित प्रशिक्षण, मार्केटिंग, वर्क शेड निर्माण संबंधित गतिविधियांे को शामिल किया जा सकता है। नेहरा ने कहा कि सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के वर्ष 2016-16 की वार्षिक कार्य योजना के लिए निर्धारित प्रारूप मंे बेस लाइन सर्वे करवाएं। यह सर्वे बीस किमी के दायरे में किया जाना है। बैठक के दौरान सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम एवं अन्य विकास योजनाआंे के अधूरे कार्याें का पूर्ण विवरण, मौजूदा स्थिति एवं कार्य पूर्ण होने की स्थिति मंे उपयोगिता अथवा कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र भिजवाने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर नेहरा ने इंट्रीग्रेटेड वर्क मोनेटरिंग सिस्टम के जरिए विकास अधिकारियांे एवं अन्य कार्यकारी एजेंसियांे को विकास कार्याें की मोनेटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत श्रमिकांे को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत मस्टररोल पारित करवाने के साथ कार्यक्रम अधिकारी समय पर भुगतान संबंधित आदेश पारित करें।

अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक सुरेश कुमार दाधीच ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत समस्त पंचायत समितियांे मंे श्रमिक नियोजन बढ़ाया जाए। उन्हांेने कहा कि कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले कार्मिकांे के खिलाफ महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाए। इस दौरान पंचायत समितिवार श्रमिक नियोजन की समीक्षा करते हुए लक्ष्य प्राप्ति के बेकलाग को पूर्ण करने के लिए अधिकाधिक श्रमिकांे को नियोजित करने के निर्देश दिए गए। उन्हांेने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत मंे कार्य स्वीकृत होना चाहिए। अगर किसी ग्राम पंचायत मंे कार्य स्वीकृत नहीं है तो उसके लिए प्रस्ताव भिजवाएं। उन्हांेने कहा कि मस्टररोल जारी होने के बाद वर्क साइट से खाली वापिस नहीं आना चाहिए। समीक्षात्मक बैठक के दौरान सांसद क्षेत्र विकास कार्यक्रम, विधायक क्षेत्र विकास कार्यक्रम, मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना, इंदिरा आवास, मुख्यमंत्री बीपीएल आवास योजना, गुरू गोलवलकर जन भागीदारी विकास योजना, स्व विवेक, अन्य चिन्हित वर्ग आवास योजना, विधानसभा प्रश्न के साथ विभिन्न विकास योजनाआंे पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान पंचायत समिति भवन, ग्राम पंचायत भवन तथा ग्राम पंचायत स्तर पर खाद्य गोदाम, आंगनबाड़ी बनाने के लिए जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए। बैठक मंे परियोजना अधिकारी लेखा मंगलाराम विश्नोई, अधिशाषी अभियंता बाबूलाल सेठिया, लेखाधिकारी ताराचंद चैहान समेत विकास अधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

कार्याें मंे गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएः समीक्षात्मक बैठक के दौरान जलदाय विभाग के अधिकारियांे ने ग्राम पंचायतांे की ओर से बिछाई जाने वाली पाइप लाइनांे की गुणवत्ता अच्छी नहीं होने का मामला उठाया। उन्हांेने कहा कि पाइप बिछाते समय इसका तकनीकी परीक्षण भी नहीं कराया जाता है। इस पर जिला कलक्टर नेहरा ने जलदाय विभाग के अनापति प्रमाण पत्र के बिना किसी तरह का पाइप लाइन संबंधित कार्य स्वीकृत नहीं करने के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि गुणवत्ता युक्त कार्य करवाने के साथ पाइपांे की इंजीनियरिंग कालेज से जांच कराई जाए।

अधूरे कार्य पूर्ण करने के निर्देशः बैठक के दौरान महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत वर्ष 2009-10 के अधूरे कार्य नवंबर तथा वर्ष 2010-11 के अधूरे कार्य दिसंबर माह तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीण कार्य निर्देशिका के अनुसार प्रस्ताव भेजेः ग्रामीण विकास योजनाआंे के स्वीकृति के लिए भेजे जाने वाले प्रस्ताव ग्रामीण कार्य निर्देशिका 2015 के अनुसार भिजवाने के निर्देश दिए गए। ताकि समय पर कार्याें की स्वीकृतियां जारी की जा सके। ग्रामीण कार्य निर्देशिका ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की बेवसाइट पर उपलब्ध है।

अटल सेवा केन्द्र खुले रखने के निर्देशः बैठक के दौरान जिला कलक्टर नेहरा ने विकास अधिकारियांे को निर्देशित किया कि वे ग्रामसेवकांे को आवश्यक रूप से पाबंद करें कि अटल सेवा केन्द्र खुले रहे। साथ ही अटल सेवा केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाआंे का लाभ ग्रामीणों को मिले।

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