राजस्थान के लिए कहा जाता है कि यहां के चप्पे-चप्पे पर थर्मोपोली के निशान है। राजस्थान को यहां के बहादुर राजपूत राजाओं की जन्मस्थली के रूप में भी जाना जाता है। ऎसे ही योद्धाओं में एक उदयपुर के शासक महाराणा प्रताप का नाम अदि्वतीय है।
महाराणा प्रताप का जन्म आज ही के दिन 9 मई 1540 को उदयपुर के महाराणा उदयसिंह के यहां हुआ था। उन्होंने अपने पूरे जीवन काल में कभी मुगलों की अधीनता स्वीक ार नहीं की बल्कि घास की रोटियां खाते हुए भी अपनी धरती की आजादी के लिए लड़ते रहे।
हल्दीघाटी के युद्ध में उन्होंने अकबर से लोहा लिया परन्तु वह जीत नहीं सके। इसके बाद उन्होंने गुरिल्ला युद्ध पद्धति का सहारा लेते हुए मुगल सेना को कई बार शिकस्त देते हुए राजस्थान के बहुत बड़े हिस्से को मुगलों से आजाद करवा लिया था।
सन 1597 में शिकार खेलते हुए चोट लग जाने से उनके घाव हो गए जिसके चलते उनकी 19 जनवरी 1597 को मृत्यु हो गई। आज भी राजस्थान में युवाओं को जोश दिलाने के लिए उनकी बहादुरी और खुद्दारी के किस्से सुनाए जाते हैं।
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