शुक्रवार, 6 सितंबर 2013

अलीगढ़: रिश्वत के इंतजार में रखा रहा शव



अलीगढ़, जागरण संवाददाता। मानवता को शर्मसार करने वाली घटना में झारखंड की महिला की मौत के बाद छह सौ रुपये रिश्वत नहीं मिलने के कारण परिजनों को उसका शव नहीं सौंपा गया। इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय में करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चेते और महिला के परिजनों को उसका शव सौंपा गया।
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झारखंड के पाकुड़ जिला स्थित थाना अली छिपड़ा के घघरी गांव निवासी मरामई सोरेन [40] अपने देवर मोहन समेत आठ लोगों के साथ रोजगार की तलाश में 30 अगस्त को दिल्ली के लिए निकली थी। 31 की सुबह ट्रेन के लखनऊ पहुंचते ही मरामई को तेज बुखार चढ़ा और टुंडला में उसकी मौत हो गई। अलीगढ़ जीआरपी ने उसका शव ट्रेन से उतार लिया। जहां पूरी रात शव रेलवे स्टेशन पर ही पड़ा रहा। दो सितंबर को पोस्टमार्टम के बाद स्टॉफ ने परिजनों से छह सौ रुपये 'फीस' मांगी। परिजनों के पास महज तीन सौ रुपये थे। लेकिन कर्मचारियों ने बिना पैसे के शव देने से इन्कार कर दिया।

जानकारी मिलने पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक दल [रालोद] विधान मंडल दल के नेता ठाकुर दलवीर सिंह ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सचिव जगदेव सिंह से फोन पर बात की। इसके बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में परिजनों को शव सौंपा।

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