नाडी में दे दी खनन लीज!

नाडी में दे दी खनन लीज!
बाड़मेर। खान विभाग बाड़मेर ने सीमेण्टेड नाडी क्षेत्र में माइनिंग लीज (खनन पट्टा) जारी करने का कारनामा कर दिखाया है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार सार्वजनिक स्थल यथा मंदिर, मकान, रेलवे लाइन, सड़क, पाइप लाइन, तालाब, बांध, जलग्रहण, वन क्षेत्र में माइनिंग लीज दिया जाना प्रतिबंधित है।

खान विभाग बाड़मेर ने गुड़ामालानी तहसील के मांगता गांव में खनन पट्टा संख्या 264/07 जारी किया। ग्रेनाइट खनिज के लिए तीन हेक्टेयर में जारी यह पट्टा सज्जनराज पुत्र शायरचंद के नाम से स्वीकृत हुआ। सीमा ज्ञान मे एक पिलर पहाड़ी की ढलान पर, दूसरा, तीसरा व चौथा पिलर रेतीली भूमि पर बताया गया है। सीमा ज्ञान के दौरान सीमांकन करने वाले खनन विभाग के अधिकारी ने एक व्यक्ति का निजी टांका दर्शाया है, लेकिन यहां स्थित नाडी को नजरअंदाज कर दिया है। गुगल अर्थ मेप में स्पष्ट दर्शाया गया है कि जिस तीन हेक्टेयर में खनन लीज जारी की गई है, उस क्षेत्र के भीतर नाडी मौजूद है।

यह नाडी सरकारी योजना के अंतर्गत सीमेण्टेड करवाई गई है। नाडी का केचमेण्ट एरिया भी माइनिंग लीज में ही है। लीज के सीमाज्ञान के दौरान नाडी व कैचमेण्ट एरिया को नजर अंदाज करने का कारनामा किए गए बिना लीज दिया जाना संभव नहीं हो पाता। लिहाजा सीमाज्ञान के दौरान नाडी को हजम कर लिया गया है। खान विभाग की गाइडलाइन के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र यथा जलग्रहण एरिया इत्यादि के पैंतालीस मीटर के दायरे में लीज नहीं दी जा सकती। जबकि इस मामले में नाडी व कैचमेण्ट एरिया माइनिंग लीज में ही आ गए हैं।

रिपोर्ट में बताया-कोई आपत्ति नहीं
खान विभाग की सीमा ज्ञान संबंधी रिपोर्ट में बताया कि उपरोक्त सीमांकित क्षेत्र में एवं आस पास कोई सार्वजनिक स्थल जैसे मंदिर, मकान, रेलवे लाइन, सड़क, पाइप लाइन, तालाब बांध इत्यादि नहीं है। उक्त क्षेत्र जलग्रहण व वन क्षेत्र में नहीं पड़ता है। इस क्षेत्र में खान आवंटन में कोई आपत्ति नहीं है। सीमाज्ञान संबंधी रिपोर्ट में खान विभाग के अधिकारी का नाम लिखा गया है, लेकिन उसके हस्ताक्षर नहीं है। हल्का पटवारी व लीज प्राप्तकर्ता के हस्ताक्षर है।

मामले की जांच करवाएंगे
ऎसा कोई मामला जानकारी में नहीं है। यदि इस संबंध में कोई शिकायत आएगी तो जांच करवाएंगे और नियमानुसार कार्यवाही करेंगे।
-पूर्णमल सिंघाडिया,सहायक खनि अभियंता, खान विभाग बाड़मेर

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