| इस बार नवरात्रा ९ की बजाय ८ दिन 16 नवंबर को घट स्थापना के साथ नवरात्रा शुरू, पंडितों के अनुसार तिथि क्षय होना शुभ नहीं |
शारदीय नवरात्रा का प्रारंभ इस बार घट स्थापना के साथ 16 अक्टूबर को होगा। इस बार एक तिथि टूटने के कारण नवरात्रा 8 दिन के ही होंगे और महानवमी 23 अक्टूबर को होगी। नवरात्रा के दौरान 18 अक्टूबर को चतुर्थी तिथि का क्षय हो रहा है।
शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि में तिथि का टूटना या क्षय होना शुभ नहीं माना जाता है। यह सभी के लिए अनिष्टकारी होता है। वहीं 23 अक्टूबर को शुक्र कन्या राशि यानी अपनी नीच की राशि में प्रवेश करेगा। शुक्र भौतिकता और विलासिता का ग्रह होने के कारण यह विलासिता की चीजों के दामों में भी बढ़ोत्तरी करवाएगा। ज्योतिषी पंडित दिनेश दिनकर के अनुसार नवरात्रा के दिन घटना अशुभ संकेत है जिसका लोगों पर ही नहीं बल्कि देश पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे देश में उठा पटक का माहौल बना रहता है।
पंडितों के अनुसार नवरात्रा में किसी तिथि का क्षय होना शुभ संकेत नहीं माना जाता है। चूंकि वृषभ और तुला राशि दोनों का स्वामी शुक्र है अत: इसके प्रभाव से इन दोनों ही राशि के लोग प्रताडि़त रहेंगे और आर्थिक पक्ष भी कमजोर रहेगा। लेकिन दूसरी ओर नवरात्रि का मंगलवार से शुरू होना और उसी दिन समापन दोनों ही श्रेष्ठ है। मंगलवार मां दुर्गा का प्रिय दिन है इसलिए नवरात्रा में विधि विधान से मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने वालों के सभी रोग दूर हो जाएंगे। नवरात्रा की साधना करना हर दृष्टि से शुभ होता है। साधना फलदायी होती है।
घट स्थापना का मुहूर्त
प्रात: 11 से दोपहर 1 बजे के मध्य लाभ अमृत बेला में घटस्थापना करना शुभ है। इसके अलावा प्रात: 8.02 से 11.19 बजे तक वृश्चिक लग्न के अंतर्गत देवी का पूजन किया जा सकता है।
शुक्र छोड़ेगा घर, कन्या राशि में करेगा प्रवेश
: मेष - उन्नति का कारक होगा जिससे धन लाभ का मार्ग प्रशस्त होगा।
: वृषभ - वाहन से दुर्घटना की संभावना है सचेत रहें।
: मिथुन - शुभ फलदायी होने के साथ ही सभी अड़चनें और बाधाएं दूर होंगी।
: कर्क - मिश्रित फलदायी रहेगा, अच्छे और बुरे परिणाम दोनों मिल सकते हैं।
: सिंह - विश्वास न करें, धोखा होगा।
: कन्या - आर्थिक स्थिति डांवाडोल रहेगी।
: तुला - परिवार में तनाव रहेगा। अनजान पर भरोसा न करें।
: वृश्चिक - शुभ फलदायी है, व्यापार और व्यवसाय में नए स्रोत प्राप्त होंगे।
: धनु - पुराने संपर्क से लाभ हो सकता है।
: मकर - मित्रों द्वारा लाभ प्राप्त होगा। नई वस्तु की खरीदारी भी करेंगे।
: कुंभ - परिवार में अधिक व्यस्त रहेंगे। नया काम भी शुरू कर सकते हैं।
: मीन - शोध की प्रवृत्ति हावी रहेगी। समय मिश्रित फलदायी रहेगा।
शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि में तिथि का टूटना या क्षय होना शुभ नहीं माना जाता है। यह सभी के लिए अनिष्टकारी होता है। वहीं 23 अक्टूबर को शुक्र कन्या राशि यानी अपनी नीच की राशि में प्रवेश करेगा। शुक्र भौतिकता और विलासिता का ग्रह होने के कारण यह विलासिता की चीजों के दामों में भी बढ़ोत्तरी करवाएगा। ज्योतिषी पंडित दिनेश दिनकर के अनुसार नवरात्रा के दिन घटना अशुभ संकेत है जिसका लोगों पर ही नहीं बल्कि देश पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे देश में उठा पटक का माहौल बना रहता है।
पंडितों के अनुसार नवरात्रा में किसी तिथि का क्षय होना शुभ संकेत नहीं माना जाता है। चूंकि वृषभ और तुला राशि दोनों का स्वामी शुक्र है अत: इसके प्रभाव से इन दोनों ही राशि के लोग प्रताडि़त रहेंगे और आर्थिक पक्ष भी कमजोर रहेगा। लेकिन दूसरी ओर नवरात्रि का मंगलवार से शुरू होना और उसी दिन समापन दोनों ही श्रेष्ठ है। मंगलवार मां दुर्गा का प्रिय दिन है इसलिए नवरात्रा में विधि विधान से मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने वालों के सभी रोग दूर हो जाएंगे। नवरात्रा की साधना करना हर दृष्टि से शुभ होता है। साधना फलदायी होती है।
घट स्थापना का मुहूर्त
प्रात: 11 से दोपहर 1 बजे के मध्य लाभ अमृत बेला में घटस्थापना करना शुभ है। इसके अलावा प्रात: 8.02 से 11.19 बजे तक वृश्चिक लग्न के अंतर्गत देवी का पूजन किया जा सकता है।
शुक्र छोड़ेगा घर, कन्या राशि में करेगा प्रवेश
: मेष - उन्नति का कारक होगा जिससे धन लाभ का मार्ग प्रशस्त होगा।
: वृषभ - वाहन से दुर्घटना की संभावना है सचेत रहें।
: मिथुन - शुभ फलदायी होने के साथ ही सभी अड़चनें और बाधाएं दूर होंगी।
: कर्क - मिश्रित फलदायी रहेगा, अच्छे और बुरे परिणाम दोनों मिल सकते हैं।
: सिंह - विश्वास न करें, धोखा होगा।
: कन्या - आर्थिक स्थिति डांवाडोल रहेगी।
: तुला - परिवार में तनाव रहेगा। अनजान पर भरोसा न करें।
: वृश्चिक - शुभ फलदायी है, व्यापार और व्यवसाय में नए स्रोत प्राप्त होंगे।
: धनु - पुराने संपर्क से लाभ हो सकता है।
: मकर - मित्रों द्वारा लाभ प्राप्त होगा। नई वस्तु की खरीदारी भी करेंगे।
: कुंभ - परिवार में अधिक व्यस्त रहेंगे। नया काम भी शुरू कर सकते हैं।
: मीन - शोध की प्रवृत्ति हावी रहेगी। समय मिश्रित फलदायी रहेगा।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें