गुरुवार, 25 अक्तूबर 2012

फैजाबाद में दंगा: 40 दुकानों सहित पुलिस की 4 गाड़ियां आग के हवाले

फैजाबाद में दंगा: 40 दुकानों सहित पुलिस की 4 गाड़ियां आग के हवाले
फैजाबाद। बुधवार को फैजाबाद में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई मारपीट ने साम्प्रदायिक रंग ले लिया और देखते ही देखते गुस्‍साई भीड़ ने पुलिस की कई गाड़ियों और दर्जनों दुकानों में आग लगा दी। यही नहीं देर रात तक फैजाबाद सुलतानपुर रोड पर बीकापुर हजारों लोगों ने जाम लगा दिया। मामले में आईजी कानून व्‍यवस्‍था बद्री प्रसाद सिंह ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है, प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक जगमोहन यादव खुद कंट्रोल रूम संभाल रहे हैं और निर्देश दे रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि ए‍हतियातन 6 कंपनी फैजाबाद रवाना कर दी गई है, इसमें दो कंपनी सिविल पुलिस की है।


जानकारी के अनुसार फैजाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र में चौक के रकाबगंज मोहल्‍ले में मूर्ति विसर्जन के लिए ले जाई जा रही थी। इसी दौरान भीड़ में किसी महिला के साथ छेड़खानी की घटना हुई, जिसके बाद कुछ लोगों को भीड़ ने पीट दिया। मामला देखते ही देखते साम्‍प्रदायिक तनाव में तब्‍दील हो गया और जुलूस पर पत्‍थरबाजी शुरू हो गई। सूत्रों के अनुसार इस पत्‍थरबाजी में मूर्ति भी क्षतिग्रस्‍त हुई। उधर पास ही के छतरियाना मोहल्‍ला में हरठीदेवी मंदिर में भंडारा चल रहा था।



आरोप है कि यहां एक समुदाय के करीद दो दर्जन लोगों ने आगजनी करने की कोशिश की, जिसके बाद तनाव और तेजी से बढ़ गया। देखते ही देखते जुलूस की गुस्‍साई भीड़ ने आसपास की करीब 40 दुकानों को आग के हवाले कर दिया। यही नहीं रास्‍ते में तैनात चार पुलिस की गाड़ियों को भी फूंक डाला गया। उधर तनाव की जानकारी पूरे जिले में आग की तरह फैली, जिसके बाद रूदौली और भदरसा इलाके में चाकूबाजी की सूचना है। यही नहीं देर रात घटनाओं के विरोध में सैकड़ों लोगों ने फैजाबाद से सुलतानपुर रोड पर बीकापुर इलाके में जाम लगा दिया है।


उधर मामले में प्रदेश के आईजी कानून व्‍यवस्‍था बद्री प्रसाद सिंह का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्‍यवस्‍था जगमोहन यादव खुद कंट्रोल रूम से लीड कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि करीब 12 दुकानों में आगजनी की सूचना है। वहीं चार कंपनी पीएसी और 2 कंपनी सिविल पुलिस की अतिरिक्‍त तैनात कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार पांच साल पहले भी मूर्ति विसर्जन के दौरान इसी इलाके में बवाल हुआ था। यही नहीं इंटेलिजेंस ब्‍यूरों ने भी त्‍यौराहों के दौरान संवेदनशील जगहों पर बवाल भड़कने का अंदेशा जाहिर किया था।

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