जैसलमेर किशनगढ़ का किला सरंक्षण की दरकार


जैसलमेर  किशनगढ़ का किला  सरंक्षण की दरकार  


 जैसलमेर  इतिहासकारों के अनुसार सीमावर्ती इलाके में बना यह दुर्ग मुस्लिम शैली में बना हुआ है। इसका पुराना नाम दीनगढ़ था। इसका निर्माण महारावल मूलराज ने 1820 से 1876 ई. के मध्य करवाया था। 1965 के भारत पाक युद्ध में इस किले को खासा नुकसान पहुंचा था। इस किले में देवी की बड़ी बड़ी प्राचीन मूर्तियां भी है।

वर्तमान हालात : ईंटों का बना यह किलो पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इसके कई हिस्से ध्वस्त हो गए हैं और आगामी कुछ वर्षों बाद यह अपना अस्तित्व भी खो देगा। समय रहते इस किले को सर्वाधिक संरक्षण की दरकार है।

क्या हुआ और क्या हो सकता है : जानकार मानते हैं आज तक इस किले के संरक्षण के लिए एक भी कदम नहीं उठाया गया है। इसे पूरी तरह से संरक्षित कर सीमावर्ती क्षेत्र में भारतीय संस्कृति व सभ्यता के प्रतीक के रूप में हमेशा खड़ा रखा जा सकता है।


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