शनिवार, 21 जुलाई 2012

मरुधरा के महान संत इसरदास बारहट का जन्मोत्सव मनाया

 मरुधरा के महान संत इसरदास  बारहट का जन्मोत्सव मनाया 

हरिरस का पाठ घर घर में होय ....रुपाला 


बाड़मेर मरुधरा के महान संत और डींगल भाषा के महान कवी इसर्दास बारहट का ५५४ वा जन्मोत्सव उनकी जन्स्थाली भादरेस में शनिवार को आई श्री केंकू केसर गढ़वाड़ाके सानिध्य में मनाया गया ,संत इसर्दास के हज़ारो भक्त राजस्थान और गुजरात से समारोह में पंहुचे .समारोह में गुजरात से राज्यसभा सांसद पुरुषोतम रुपाला मुख्य आतिथ्य और पूर्व सांसद मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुआ .समारोह में क्षेत्रीय विधायक मेवाराम जैन ,बाड़मेर पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट ,अर्जुनदान देथा ,नाहर सिंह जसोल ,करनीदान देथा ,नारायण बारेठ योगेश बोगसा अखेदान देथा जैसलमेर पुलिस अधीक्षक ममता विश्नोई ने शिरकत की .समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पुरुषोतम रुपाला ने कहा की मरुधरा के महान संत इसर दास जी की पावन जन्म धरा पर आकर शकुन मिला ,उन्होब्ने कहा की गुजरात में इसर दास के भक्ति ग्रन्थ हरीरस को भगवद गीता ,रामायण ,के समकक्ष पूजा जाता हें घर घर में हरिरस की वाणियाँ होती हें ,उन्होंने कहाकि महात्माओ से जुड़े चमत्कारों के बार में अक्सर सुनते हें मगर इसर दास की की सची घटनाओ से सब रूबरू हें ,इसरदासजी के भक्ति गीतों को आज भी प्रातः वेला में भजनों की भांति सूना जाता हें ,इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व सांसद मानवेन्द्र सिंह ने कहा की यह इसरदासजी का ही चमत्कार हें की आज दो राज्यों का मिलन हुआ ,उन्होंने कहा की इसरदासजी जेसे संत सदियों में पैदा होते हें ,उनके प्रति लोगो की अगाध श्रधा उनके व्यक्तित्व को दर्शाती हें ,इसरदासजी की हरिरस और देवयान जेसे ग्रंथो की पूजा होती हें .उन्होंने कहा की इसरदासजी के हरिरस को सुन द्वारकाधीश भी प्रगट हो गए इससे ज्यादा इसरदासजी की भक्ति का प्रमाण क्या हो सकता हें.इस अवसर पर संत इसरदासजी के परिवार के सदस्य और बाड़मेर के पुलिस अधिक्ष राहुल बारहट ने कहा की समाज में आज विकास की जरूरत हें उन्होंने कहा की महात्मा इसरदास जी आदर्शो को अपना कर समाज में शिक्षा की अलख जगा सकते हें उन्होंने कहा की जरुरत हें एक व्यक्तित्व की जो लाखो लोगो की सोच को बदल सके ,राहुल ने कहा की चरण समाज को सरस्वती का वरदान प्राप्त हें ,इस अवसर पर बी बी सी के संवाददाता नारायण बारेठ ने कहा की आज़ादी के पेंसठ सालो में हमने बहूत विकास कर लिया ,धर्म की प्रति जीतनी आस्था लोगो में बड़ी उतनी ही संख्या जुर्म की बड़ी ,उन्होंने कहा की सवा सौ करोड़ का भारत पिछले पेंसठ सालो में कबीर ,मीरा ,विवेकानंद ,महात्मा गाँधी पैदा नहीं कर पाया यह दुर्भाग्य की बात हें इस अवसर परक्षेत्रीय विधायक मेवाराम जैन ने कहा की हमारा सौभाग्य हें की भादरेश की पावन धरा पर इसर्दास्जी जेसे संत ने जन्म लेकर विश्व में बाड़मेर को पहचान डी .उन्होंने कहा की इसरदास धाम के विकास के लिए वो हमेशा तत्पर हें . गुजरात से आये योगेश बोगसा ने कहा की इसारदासजी जेसे व्यक्तित्व सदियों में जन्म लेते हें ,भादरेश की पावन धरा पर इस महान सपूत ने जन्म लिया उनके प्रताप से भादरेश पुरे भारत को प्रकाश उपलब्ध करा रहा हें उन्होंने कहा की गुजरात में इसरदासजी के ग्रंथो की पुजा की जाती हें .उनके ग्रंथो का घर घर में पाठ किया जाता हें ,समारोह को नाहर सिंह जसोल ,राजवेस्ट के प्रबंधक कमलकांत रघुवीर सिंह बोगसा करनीदान देथा अर्जुन दान देथा ने भी संबोधित कर संत इसर्दास के जीवन पर प्रकाश डाला .समारोह को संबोधित करते हुए राजेन्द्र बारहट ने कहा की संत इसर्दास ने चारण कुल में जन्म लेकर अपनी कृतियों से विश्व भर में अमर हो गए उन्होंने कहा की डींगल भाषा के सरंक्षण की जरुरत महसूस की जा रही हें ,उन्होंने कहा राजस्थानी भाषा को संवेधानिक मान्यता के लिए सचे मनन से प्रयास करना होगा .समारोह से पूर्व संत इसरदास के मंदिर में आरती और प्रसाद विओत्रण का कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम में राजस्थानी भाषा के संभाग उप पाटवी चन्दन सिंह भाटी ,मेजर पर्वत सिंह , प्रियंका चौधरी ,म्रदुरेखा चौधरी ,तेजदान देथा ,अखेदान चरण सहित बड़ी तादाद में मौजिज लोग उपस्थित थे ,कार्यक्रम का सञ्चालन राजेन्द्र बारहट ने किया

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