गैंगरेप का विरोध करने पर यूनिवर्सिटी ने बंद किया लड़कियों का खाना


चंडीगढ़/ गोहाना।गोहाना (सोनीपत) के भगत फूल सिंह (बीपीएस) महिला विश्वविद्यालय की आंदोलनरत छात्राओं को खाना तक नसीब नहीं हो रहा है। ये लड़कियां अपनी एक साथी छात्रा के साथ हुए गैंगरेप का विरोध कर रही हैं। घटना पर राजनीति तेज हो गई है, लेकिन लड़कियों की इंसाफ की गुहार अनसुनी ही है।
उत्‍तर भारत के इस सबसे पहले महिला विश्वविद्यालय में लॉ की पढ़ाई करने वाली लड़की को बुधवार की रात हॉस्‍टल के बाहर से उठा लिया गया था। चार लोग लड़की के साथ रात भर गैंगरेप करते रहे और सुबह लड़की को हॉस्‍टल के बाहर छोड़ दिया। इस विश्‍वविद्यालय में बीते तीन महीने में तीन लड़कियां खुदकुशी भी कर चुकी हैं।
गैंग रेप के आरोपियों को पकडऩे और विश्‍वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जांच की मांग पर लड़कियां आंदोलन पर बैठ गईं तो हॉस्‍टल प्रशासन ने उनका खाना बंद कर दिया। शनिवार को इनेलो के महासचिव अजय चौटाला आंदोलन कर रही छात्राओं के बीच पहुंचे और उनका साथ देने का भरोसा दिलाया। उन्‍होंने कहा कि इस तरह का जुल्म देश में न तो सुना है और न ही देखा है। उन्होंने इस मामले की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से कराने की मांग की है। चौटाला ने कहा कि जिस छात्रा का गैंग रेप हुआ है वह दलित है। एक तरफ हुड्डा सरकार दलितों संरक्षण देने के दावे कर रही है और दूसरी ओर दलितों की बेटियों से बलात्कार किए जा रहे हैं।
इस विश्‍वविद्यालय में बीते तीन माह में तीन छात्राएं आत्महत्या कर चुकी है। यह मामला विधानसभा में भी उठा था, लेकिन कुछ हुआ नहीं। लड़कियों का मानना है कि विश्‍वविद्यालय प्रशासन के रवैये के चलते ही यहां लड़कियों की जान और इज्‍जत खतरे में बनी रहती है। इसकी जांच के लिए वे आंदोलन पर बैठी हैं। लेकिन विवि प्रशासन ने सड़कों पर उतरी छात्राओं को फरमान जारी कर दिया वो आंदोलन छोड़ कर हॉस्टल में आएं तो ही खाना मिलेगा।
इस बीच गैंगरेपके आरोप में गिरफ्तार तीन आरोपियों को स्थानीय अदालत ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों में एक हॉस्‍टल का मेस चलाने वाला शख्‍स भी शामिल है।

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