मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा

जोधपुर। राजदादी अस्पताल में मंगलवार को एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। करीब दो घंटे तक अस्पताल में परिजनों का जमावड़ा रहा। इस दौरान मरीज का शव एंबुलेंस में रखा रहा। परिजनों का कहना था कि निजी अस्पताल में उपचार करने वाले डॉक्टर को लगातार फोन करने के बावजूद मरीज को देखने नहीं आए। 

साथ ही परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज के उपचार से जुड़े कागजातों में भी अस्पताल के कर्मचारियों ने कांट छांट की है। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों में शांति करवाई। लक्ष्मी नगर निवासी किशोरचंद बाफना को सोमवार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उनके पौत्र सौरभ बाफना ने मरीज का ब्लडप्रेशर कम था। शाम को डॉ. आरएस गहलोत ने एक बार आकर देखा। ललेकिन रात को तबीयत बिगड़ी तो लगातार फोन किए लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आया। रात को की गई ईसीजी पर सुबह का समय डाल दिया। डॉ. विजय बालानी की विजिट बताई गई जबकि वे आए ही नहीं। डॉ. गहलोत ने परिजनों को कह दिया कि वे केवल एक बार ही मरीज देखते हैं। सुबह हार्ट की तकलीफ होने पर जब ईको टेस्ट करवाने की आवश्यकता हुई तो बताया गया कि ईको केवल 12 बजे बाद ही होगा।
इस दौरान मरीज की मौत हो गई।इससे परिजन भड़क गए। इस संदर्भ में जब अस्पताल के प्रशासक डॉ. पीआर कुचेरिया से संपर्क करना चाहा, लेकिन वे दिल्ली में थे। अस्पताल के मैनेजर अमरसिंह का कहना था कि अस्पताल में ईको एक निश्चित समय पर ही होता है। उपचार के दस्तावेजों में कोई विशेष काट छांट नहीं थी। परिजनों को समझा दिया गया वे संतुष्ट होकर चले गए।

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