शुक्रवार, 27 जनवरी 2012

भंवरीदेवी प्रकरण के कारण अटका बालोतरा का पानी!



 भंवरीदेवी प्रकरण के कारण अटका बालोतरा का पानी!

बालोतरा  दिग्गजों को सलाखें दिखाने वाले बहुचर्चित भंवरीदेवी प्रकरण की मार से बालोतरा क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा। वर्षों से मीठे पानी के इंतजार में बेचैन बालोतरा के वाशिंदों को उम्मेदसागर-धवा योजना से मीठे पानी की लाइन स्वीकृत होने से आस जगी थी। मगर नागाणा से बालोतरा तक पाइप लाइन बिछाने वाले ठेकेदार के भंवरी मामले में उलझने से कार्य कुछ समय से एकदम ढीला पड़ गया था। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अब इस कार्य को फिर से गति देने की कवायद में जुटा है। पर इसका असर यह जरूर हुआ कि जनवरी तक बालोतरा पहुंचने वाला पानी अब मार्च-अप्रेल तक पहुंच पाएगा। 

कहां व कैसे अटका कार्य: पोकरण-फलौदी-फलसूंड-बालोतरा नहरी पेयजल योजना में अभी काफी समय लगेगा यह तय हो जाने के बाद बालोतरा के वाशिंदों के लिए उम्मेदसागर-धवा-समदड़ी योजना से सीधी पाइप लाइन बिछाकर पानी पहुंचाने की योजना बनी। योजना के लिए 12.45 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए और अगस्त 2011 में कार्य भी शुरू हो गया। सब कुछ समय पर चल रहा था, कि भंवरी मामले की आंच पाइप लाइन बिछाने वाली फर्म डारा कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर पप्पूराम डारा पर भी गिरी। सूत्रों के अनुसार सीबीआई उसे पूछताछ के लिए ले गई तो वह घबरा कर कुछ समय के लिए भूमिगत हो गया । उसका अकाउंट सीज हो जाने के चलते समय पर पाइप भी नहीं पहुंचे और काम बालोतरा से महज साढ़े दस किलोमीटर दूरी पर पचपदरा तक पहुंचकर अटक गया।

निर्धारित समय से करीब ढाई महीने देरी से बालोतरा पहुंचेगा उम्मेदसागर-धवा नहरी परियोजना का पानी,भंवरी मामले में उलझा ठेकेदार लंबे समय तक रहा भूमिगत, अब पाइप की कमी बनी रोड़ा


॥पचपदरा तक पाइप बिछ गए हैं, जिसकी टेस्टिंग शीघ्र हो जाएगी। पाइप पहुंच जाए तो बालोतरा तक लाइन बिछा दी जाएगी। रेलवे से बात हो गई है, शीघ्र ही स्वीकृति मिल जाएगी तो लाइन को पटरी पार कराने में कोई परेशानी नहीं होगी।ञ्जञ्ज

धर्मेंद्रसिंह परिहार, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।

पचपदरा. पाइप लाइन पचपदरा तक पहुंची।



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