इस्लामाबाद. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को इलाज के लिइए मजबूरी में दुबई ले जाना पड़ा क्योंकि पाकिस्तान में उनकी जान को खतरा था।
गिलानी ने संसद को बताया कि जरदारी को पाकिस्तान के किसी अस्पताल में भर्ती किए जाने पर उन पर हमला हो सकता था इसलिए सरकार और राष्ट्रपति के परिजनों ने जरदारी को दुबई जाकर इलाज कराने की सलाह दी और वह इस पर राजी हो गए।
गिलानी ने कहा, ‘साल की शुरुआत में जरदारी को इस्लामाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उस वक्त उन्हें कई धमकियां मिली थीं। इसी वजह से उन्होंने दुबई में इलाज कराने का फैसला किया। उनकी सेहत में सुधार है और वह जल्दी ही ठीक हो जाएंगे।’
पीएम ने कहा, ‘वह बीमार थे, उन्हें पाकिस्तान के अस्पतालों में अपनी जान का डर था इस वजह से वह पाकिस्तान के किसी अस्पताल में इलाज नहीं कराना चाहते थे। हमने और राष्ट्रपति के परिवार ने उन्हें दुबई जाने के लिए कहा।’
जरदारी को गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वह दुबई स्थित अपने घर में कुछ और दिन रहेंगे।
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