पाक में विवाहिता पर जुल्म, बाल मुंडवाए

पाक में विवाहिता पर जुल्म, बाल मुंडवाए

सियालकोट। पाकिस्तान में एक महिला पर उसके ससुराल वालों के जुल्म का रोंगटे खडे कर देने वाला मामला सामने आया है जिसमें महिला की बेरहमी से पिटाई के बाद उसके बाल और भवें मुंडवा दी गई जबकि उसका कसूर सिर्फ इतना था कि उसने जेठ द्वारा जोर जबरदस्ती किए जाने का विरोध किया था।

इस मामले में सबसे दुखद मोड़ तब आया जब सायमा बीबी नामक इस महिला ने खुद पर हुए जुल्म की शिकायत फलोरा थाने में की लेकिन पुलिस ने उसकी मदद करने की बजाय उसकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। पुलिस ने मामले की प्राथमिकी जरूर दर्ज की लेकिन उसके जेठ के खिलाफ शारीरिक उत्पीडन का मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने सायमा के ससुराल वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उसके मामा मोहम्मद साखी को संपर्क करके यह मामला अदालत के बाहर सुलझा लेने को कहा।

सियालकोट की सायमा ने मीडिया को बताया कि उसका और उसके पति सरफराज का करीब एक महीना पहले परिवार वालों के साथ झगड़ा हो गया जिसके बाद उन्होंने घर छोड़ दिया और एक मित्र के घर पर रहने लगे। इसके कुछ दिन बाद उसके ससुराल पक्ष के दो गांवों के बडे बुजुर्ग उनके पास आए और उनके परिवार वालों के साथ समझौता कराने का आश्वासन देकर अपने साथ वापस ले आए। सायमा ने बताया कि ससुराल वापस लौटने के बाद उसकी सास अमीना उसे लगातार मारती पीटती थी और तरह-तरह से प्रताडित करती थी।

यहां तक कि वह उस पर सरफराज पर जादू टोना करने और परिवार के खिलाफ उसके कान भरने का आरोप लगाकर उसे दिन रात कोसती रहती थी। महिला ने बताया कि गत 17 दिसंबर को उसकी सास के साथ उसकी बहस हो गई जिसके बाद अमीना और सायमा के जेठ जुल्फिकार ने उसकी बेरहमी से पिटाई की। सायमा पर हुए जुल्म की इंतहा तो तब हो गई जब जुल्फिकार ने उसे बुरी तरह मारने पीटने के बाद उसके साथ जोर जबरदस्ती करने की कोशिश की और विरोध करने पर उसके बाल और भवें मुंडवा दी गईं।

हालांकि फलोरा थाने के अधिकारियों ने सायमा के आरोपों को नकारते हुए कहा कि जुल्फिकार को 18 दिसंबर को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अमीना को भी गिरफ्तार किया गया था लेकिन पसरूर के मजिस्ट्रेट जुल्फिकार हुसैन चौधरी के अनुरोध पर उसे जमानत दे दी गई। हालांकि जमानत दिए जाने का मतलब यह नहीं कि उसे आरोपों से बरी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सायमा के मामा ने जो शिकायत दर्ज कराई थी उसमें सिर्फ उसके बाल और भवें मुंडवाने की बात कही गई थी। उसमें जोर जबरदस्ती का कोई जिक्र नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत में होगा।

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