पिता की जमीन पर मांगा हक, हुक्का-पानी पर बैन लगा करने लगे अत्याचार


बालोतरा. पिता की जायदाद पर इकलौती बेटी ने हक जताया तो उसके रिश्तेदारों ने समाज से बहिष्कृत करा हुक्का पानी बंद करवा दिया। इतने में ही उनका मन नहीं भरा तो बेटी को यातनाएं देनी शुरू कर दी। न्याय के लिए आंबू देवी ने प्रशासन की चौखट पर बार-बार मिन्नतें की, मगर उसे कहीं से न्याय नहीं मिली तो उसने न्यायालय की शरण ली।

पचपदरा क्षेत्र के साजियाली गांव निवासी आंबू देवी अपने पिता की इकलौती बेटी है। उसके पिता हीराराम निवासी कोसरिया (बायतु) की छह साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद आंबू देवी ने हल्का पटवारी के समक्ष पेश होकर जमीन का म्यूटेशन अपने नाम दर्ज करने का दावा पेश किया।

इसकी भनक लगी तो रिश्तेदारों ने जमीन की खातिर जमीर बेच दिया ओर आंबू देवी के दुश्मन बन गए। पटवारी पर दबाव बनाकर जमीन का म्यूटेशन नहीं होने दिया। अभी कुछ ही दिन पहले जातीय पंचों को बुलाकर आंबू देवी के परिवार को समाज से बहिष्कृत करवा दिया। साथ ही तीस हजार रुपए के आर्थिक दंड से दंडित किया। जुल्मों की दास्तां यहीं खत्म नहीं हुई।

फिर रिश्तेदार एक राय होकर साजियाली पहुंचे ओर आंबू देवी के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद जब आंबू देवी पुलिस थाना पचपदरा पहुंची ओर अपनी फरियाद सुनाई। लेकिन वहां भी मामला दर्ज नहीं हुआ तो उसने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट में इस्तगासे के जरिए आंबू देवी ने तेरह जनों के खिलाफ परिवाद पेश किया। इसपर न्यायालय ने पुलिस थाना पचपदरा को जातीय पंचों समेत तेरह जनों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए।

तोड़ दिए रिश्ते, बिखर गए सपने

आंबू देवी का पति सूरताराम खाट पकड़े हुए है। वह लंबे अर्से से बीमार चल रहा है। उसके दो बेटे व एक बेटी है। बेटी का रिश्ता आकड़ली निवासी चूना राम के साथ तय कर रखा था। समाज के लोगों ने उसकी बेटी की सगाई तोड़ दी। परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी अकेली आंबू देवी पर है। वह पिछले एक सप्ताह से घर की चारदीवारी में बंद है।

आंबू देवी का मामला गंभीर है। इस संबंध में एसडीएम से रिपोर्ट मंगवाकर जमीन की हकदार बेटी के नाम म्यूटेशन भरने के निर्देश दिए जाएंगे। इस संबंध में पहले जानकारी नहीं मिली है।

- अरुण पुरोहित, एडीएम बाड़मेर।

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