शास्त्रों में देवी उपासना पावन और मजबूत संकल्प शक्ति से ही मन और कर्म में संयम व संतुलन बनाकर जीवन से जुड़े हर मकसद को पूरा करने के लिए बेहद असरदार मानी गई है।
भय, संशय से मुक्त जीवन के लिये ही देवी उपासना के विशेष दिनों जैसे शुक्रवार, नवमी को विशेष देवी मंत्रों के ध्यान का महत्व बताया गया है। जानते हैं, ऐसा ही एक विशेष देवी मंत्र और देवी की सरल पूजा का उपाय -
- शुक्रवार के दिन सुबह व शाम स्नान के बाद दुर्गा प्रतिमा या नवदुर्गा की तस्वीर को लाल चंदन, अक्षत, सुहाग सामग्री, चुनरी, लाल फूल व दूध से बनी मिठाईयों का भोग लगाएं।
- देवी के सामने धूप व दीप जलाकर नीचे लिखा देवी मंत्र गहरी श्रद्धा और सुख-सफलता भरे जीवन की कामना के साथ स्मरण करें -
जगत्पूज्ये जगद्वन्द्ये सर्वशक्तिस्वरूपिणि।
सर्वात्मिकेशि कौमारि जगन्मातर्नमोऽस्तुते।।
- मंत्र स्मरण व पूजा के बाद माता की आरती कर दीप ज्योति व प्रसाद ग्रहण करें। साथ ही शुभ कर्म व विचारों का संकल्प लें।
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