तीन किशोरों का काल बना कोहरा ...कोहरे में भिड़ी कारें


तीन किशोरों का काल बना कोहरा


स्कूली बस गट्टे से टकराई, दो छात्राएं व एक छात्र की मृत्यु, अनियंत्रित होकर पलटी बस के नीचे दब गए थे तीनों बच्चे

कुचामन सिटी चारणावास से कुचामन आ रही निजी विद्यालय की एक बस कोहरे के कारण गुरुवार सुबह जोड़-पुरा गांव के पास गट्टे से टकराकर पलट गई जिससे तीन विद्यार्थियों की बस के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बस को आग लगा दी। इलाके में तनाव देखते हुए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। देर शाम तक यहां हालात सामान्य हो पाए।

पुलिस के अनुसार आर-एनटी विद्यालय की यह बस सुबह नौ बजे चारणावास से कुचामन आ रही थी। जोड़-पुरा स्थित सरकारी विद्यालय के पास बस अनियंत्रित होकर एक गट्टे से जा टकराई। बस के केबिन में बैठे सुरेंद्र मण्डा (18 ) पुत्र अर्जुनराम जाट जोड़-पुरा, कविता (18) पुत्री शिव भगवान मण्डा व सविता (15) पुत्री देबूराम जाट निवासी भंवरपुरा बस से बाहर आ गिरे। तीनों के संभलने से पहले ही बस पलटी खाकर उनके ऊपर आ गिरी। तीनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीण की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बचाव के लिए चीख पुकार कर रहे लगभग 40 बच्चों को पीछे का कांच तोड़कर बस से बाहर निकाला। इसी दौरान बस के नीचे बच्चों के दबे होने की जानकारी मिलते ही लोगों ने ट्रैक्टर की सहायता बस को ऊपर उठाकर तीनों को बाहर निकाला। तब तक सुरेंद्र, कविता व सविता दम तोड़ चुके थे। इस दुर्घटना में रोशन पुत्र लालाराम जाट निवासी जोड़-पुरा घायल हो गया। परिजनों की ओर से बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।

डीईओ पहुंची स्कूल

सूचना पर डीईओ माध्यमिक द्वितीय सुमित्रा पारीक ने विद्यालय पहुंचकर जानकारी जुटाई। डीईओ ने विद्यालय प्रबंधन से बस के मार्ग, छात्रों की संख्या, दुर्घटना में मारे गए व घायल हुए बच्चों की जानकारी लेते हुए विद्यालय में चल रही अद्र्धवार्षिक परीक्षा का अवलोकन किया। इस पर प्रबंधन ने जिला शिक्षा अधिकारी से अद्र्धवार्षिक परीक्षा स्थगित कर बाद में लिए जाने का आग्रह किया।

बस को लगाई आग

दुर्घटना के बाद आक्रोशित भीड़ मौके पर जमा हो गई। ग्रामीणों ने बस में तोडफ़ोड़ करते हुए आग लगा दी। मौके पर मौजूद दो तीन पुलिसकर्मियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया परंतु वह सफल नहीं हो सके। गुस्साए लोगों ने थानाधिकारी की उपस्थिति में ही दमकल पर पत्थर बरसाए, जिससे दमकल जलती बस के पास नहीं पहुंच सकी।


कोहरे में भिड़ी कारें, एक चालक की मौत, नोखा डिप्टी सहित चार घायल

नागौर  जोधपुर राजमार्ग पर टांकला गांव के पास गुरुवार सुबह कोहरदो कारों की आमने सामने की जोरदार टक्कर में एक कार के चालक की मौत हो गई जबकि चार लोग घायल हो गए। एक कार में सवार बीकानेर जिले के नोखा वृत्त के पुलिस उप अधीक्षक पहाड़ सिंह व उनका चालक कांस्टेबल भी घायल हुए हैं। दूसरी कार में मूलत: चूरू जिले रतनगढ़ के लोग थे, जो सूरत से गांव आ रहे थे।

पुलिस के अनुसार सुबह करीब साढ़े सात बजे नोखा वृत्ताधिकारी पहाड़ सिंह व उनका पुलिस चालक किशना राम कार से हाईकोर्ट में पेशी के लिए जोधपुर जा रहे थे। टांकला गांव के पास जोधपुर की ओर से आ रही एक कार ने पहाड़ सिंह की कार को टक्कर मार दी। हादसे में पहाड़ सिंह, कार का चालक कांस्टेबल किशना राम गंभीर रूप से घायल हो गए। सामने वाली कार के चालक महाराष्ट्र निवासी राजेश पाटील (35) की मौके पर ही मौत हो गई। इस कार में सवार रतनगढ़ (चूरू) के निवासी और हाल गुजरात के सूरत में रहने वाले नारायण सिंह व उनकी पत्नी सुधा घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर खींवसर थानाधिकारी भजनलाल मौके पर पहुंचे। घायलों को पहले नागौर के सरकारी अस्पताल, फिर भूतड़ा अस्पताल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद पहाड़ सिंह व कांस्टेबल किशना राम को जोधपुर रेफर कर दिया गया। डिप्टी पहाड़ सिंह के हाथ पैर व पसलियों में चोटें आई तो किशना राम के दाहिना हाथ व एक पैर फ्रेक्चर हो गया। सिर में भी चोटें आई है। नारायण सिंह व उनकी पत्नी के भी चोटें आई है।नोखा डिप्टी के घायल होने की सूचना पर एएसपी डॉ. रामदेव सिंह, नागौर डिप्टी सीपी शर्मा, नागौर थानाधिकारी जब्बर सिंह व पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा। डिप्टी के परिजन व नोखा थानाधिकारी भी नागौर आ गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को जोधपुर रेफर किया गया। डिप्टी की रिपोर्ट पर गुजरात की कार के चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

नहीं दिया मृत्यु प्रमाण पत्र

कार चालक राजेश पाटील की मौत के बाद शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। सुबह शव लेकर जैसे ही पुलिस नागौर पहुंची तो डिप्टी सीपी शर्मा ने पीएमओ डॉ. टीआर चौधरी से राजेश पाटील की मौत का प्रमाण पत्र देने की बात कही। पीएमओ ने डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया। इस वजह से पुलिस अधिकारियों में डॉक्टरों के रवैये के प्रति गहरा रोष देखा गया। फिलहाल पाटील के परिजनों का महाराष्ट्र से नागौर पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है।

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