ब्रसेल्स.यूरोप में चर्च बच्चों के यौन शोषण का अड्डा बनते जा रहे हैं? यह दावा किया है नीदरलैंड के एक स्वतंत्र आयोग ने। नीदरलैंड के पूर्व मंत्री विम डीटमैन की अगुवाई वाले एक स्वतंत्र जांच आयोग ने अपनी जांच में पाया है कि 1945 से अब तक 800 रोमन कैथोलिक पादरियों और कुछ अन्य लोगों द्वारा 20,000 बच्चों का यौन शोषण किया गया है। स्वतंत्र आयोग ने कहा है कि चर्च अपनी छवि बनाए रखने के लिए इस पर लगातार लीपापोती करता रहा है।
आयोग के मुताबिक 1945 से 1981 के बीच दस हजार से बीस हजार बच्चे कैथोलिक संस्थानों- जैसे अनाथालय, बोर्डिंग स्कूल और सेमिनरीज-में रहते हुए यौन शोषण के शिकार हुए। ये घटनाएं हल्की-फुल्की, गंभीर और अति गंभीर प्रकृति की थीं। इसके बावजूद अति गंभीर मामलों को भी दबाने-छिपाने की कोशिश की गई। आयोग ने शुक्रवार को कहा कि कैथोलिक पादरियों और सामान्य स्त्री-पुरुषों द्वारा किए गए यौन शोषण की चर्च ने अनदेखी की। इसके मुताबिक चर्च पर कम निगरानी और कम कार्रवाई का दोष बनता है।
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