महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत अनियमितताएं रोकने एवं निरीक्षण में कौताही के साथ एक मुत
रिवाल्विंग फंड प्राप्त करने की प्रवृति को रोकने के लिए राज्य सरकार का गंभीर रवैया। सिरोही वैरा जैनपुरा

ग्राम पंचायत की तर्ज पर होगी नरेगा की जांच, दोषी कार्मिकों के खिलाफ एपफआईआर दर्ज करवाने के निर्दो।
बाड़मेर, 18 नवंबर। महात्मा गांधी नरेगा योजना में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने सिरोही ग्राम पंचायत की वेरा तैजपुरा की तर्ज पर राज्य में नरेगा कार्यों की जांच एवं अधिकारियों को निरीक्षण करने के निर्दो दिए है। ग्राम पंचायतों की जांच के दौरान विभिन्न पहलूओं का ध्यान को कहा है। इस संबंध में आयुक्त एवं भासन सचिव ईजीएस तन्मय कुमार ने समस्त जिला कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयकों को निर्दो जारी किए है।
राज्य सरकार के निर्दोानुसार अक्टूबर 2011 में परियोजना निदोक एवं पदेन उप सचिव ईजीएस रामनिवास मेहता के नेतृत्व में एक टीम गठित कर सिरोही ग्राम पंचायत की वेरा तेजपुरा के नरेगा कार्यों की जांच कराई गई थी। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के साथ फर्जी बिलों एवं रिकार्ड के जरिए राजकीय धन का दुरूपयोग करने पर तत्कालीन ग्रामसेवक मंगलसिंह देवड़ा, सरपंच श्रीमती रतीबाई, उनके पति धीराराम, कनिष्ठ अभियंता ओमप्रका बोहरा, विकास एवं कार्यक्रम अधिकारी संजय अमरावत के अलावा फर्जी बिल बनाने में सहयोग करने वाले निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ता सहित वर्तमान सरपंच श्रवणकुमार परिहार के खिलाफ अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक को पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने के निर्दो दिए गए है। इसके अलावा कनिष्ठ लेखाकारों के खिलाफ 16 सीसीए एवं समस्त विकास अधिकारियों के खिलाफ अनुासनात्म कार्यवाही करना प्रस्तावित किया गया है।
इस पर रहेगी विोष नजरः महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत जांच अथवा निरीक्षण करते समय विविध पहलूओं पर विोष नजर रहेगी। इसके तहत ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के निर्दों को उचित प्रकार से लागू नहीं करने, मौके के अनुसार तकमीने नहीं बनाने, मस्टररोल में कार्य पर प्रयुक्त सामग्री का इन्द्राज नहीं करने, दी गई राि का समय पर उपयोगिता/पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं होने, उन पर व्यय की गई राि का समायोजन नहीं होने, सामग्री बिलों का मस्टररोल एवं माप पुस्तिका में इन्द्राज नहीं करने, ग्राम पंचायत की पूर्व आडिट रिपोर्ट में उजागर तथ्यों को अनदेखा करने, मस्टररोल में प्रयुक्त सामग्री का प्रत्येक पखवाड़े में इन्द्राज नहीं करने जैसी गंभीर अनियमितताएं भामिल है। जांच के दौरान ग्राम पंचायत को वर्षवार जारी राि एवं समायोजन,स्वीकृत,पूर्ण,अपूर्ण एवं चालू नहीं हुए कार्यों, करवाए गए कार्यों का रेंडम निरीक्षण एवं रेंडम रूप से चयनित कार्यों की तकनीकी एवं भौतिक जांच की जाएगी। कार्यों पर किए गए व्यय का माप पुस्तिका एवं परिसंपति रजिस्टर में इन्द्राज की समीक्षा की जाएगी।
कार्यवाही का हो प्रसारप्रसारः राज्य सरकार ने जांच एवं निरीक्षण के दौरान अनियमितताओं एवं िथिलताओं के लिए दोषी कार्मिकों पर तत्काल ठोस कार्यवाही कर दंड का निर्धारण करने के साथ की गई कार्यवाही का व्यापक प्रसार करने के निर्दो दिए है। ताकि इस तरह का कृत्य करने की मां रखने वाले कार्मिकों को संदो मिल सके। किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता करने वाले अथवा वित्तीय अनियमितता करने की मां से कार्य करने वाले कार्मिकों के विरूद्व एफआईआर दर्ज करवाई जाए। जांच के दौरान अनियमितताओं के लिए जबाबदेही सुनिचत करने के साथ संबंधित के खिलाफ तत्काल कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
तकनीकी मार्गदिर्का की पालना सुनिचत हो: राज्य के किसी भी जिले में नरेगा योजना में अनियमितताओं की पुनरावृति नहीं हो एवं निर्माण कार्यों पर उपयोग में ली गई सामग्री का पखवाड़ेवार मस्टररोल एवं माप पुस्तिका में इन्द्राज किए बिना कार्य पूर्ण बताकर मात्र उपयोगिता एवं पूर्णता प्रमाण पत्रों के आधार पर बाद में पंचायत समिति के कार्मिकों से मिलीभगत कर पिछली तारीखों में सामग्री के बिल लगाकर रिवोल्विंग फंड के स्थान पर एक मुत 3030 लाख रूपए की राि प्राप्त करने की गलत प्रवृति को रोकने की जरूरत है। जांच रिपोर्ट में महात्मा गांधी नरेगा की तकनीकी मार्गदिर्का 2010 के बिन्दू संख्या 7.2.1,10.2.10,11.6 एवं 11.12 की जिला कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयकों के जरिए पालना सुनिचत करवाना प्रस्तावित किया गया है।
कम खर्च करने वाली पंचायतों की जांचः इस बार महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत अधिक व्यय करने के साथ कम व्यय करने वाली ग्राम पंचायतों की भी जांच होगी। इसके लिए कुछ दिन पूर्व राज्य सरकार ने संबंधित ग्राम पंचायतों के नामों की सूची मांगी थी। अब तक अधिक व्यय करने वाली ग्राम पंचायतों की जांच होती रही है।
बिना माप भुगतान,कनिष्ठ तकनीकी सहायक का अनुबंध समाप्त
बाड़मेर, 18 नवंबर। महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत चौहटन पंचायत समिति की ग्राम पंचायत श्रीरामवाला में बिना माप के 20 मस्टररोलों में नियोजित श्रमिकों को 2 लाख 2 हजार 434 रूपए का भुगतान करने पर कनिष्ठ तकनीकी सहायक का अनुबंध समाप्त कर दिया गया है। इस मामले में दोषी ग्रामसेवक एवं पदेन सचिव के खिलाफ 17 सीसीए में नोटिस देने के साथ सरपंच के खिलाफ पंचायतीराज एक्ट में कार्यवाही के लिए संभागीय आयुक्त को लिखा गया है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं जिला कलेक्टर डा.वीना प्रधान ने ंबताया कि अधिषी अभियंता महात्मा गांधी नरेगा योजना की जांच में उजागर हुआ कि नाडी खुदाई खानू का तला पर 6 से 20 जून 2010 की अवधि के दौरान बिना माप किए भुगतान के लिए मस्टररोल भुगतान के लिए कनिष्ठ तकनीकी सहायक मोटाराम ने पारित किए है। मस्टररोल एवं माप पुस्तिका में कहीं भी कार्य का माप दर्ज नहीं किया गया। जांच के दौरान बिना माप के मस्टररोल पारित करने के बावजूद अलगअलग श्रमिकों को अलगअलग दर से मजदूरी का भुगतान किया गया। इस कार्य पर कुछ श्रमिकों को 100 रूपए तो कुछ को 30 रूपए प्रति दिन भुगतान किया गया। इस संबंध में 7 जुलाई एवं 25 अगस्त को नोटिस जारी कर जेटीए को अपना पक्ष रखने को कहा गया। लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके उपरांत 19 सितंबर को अपना पक्ष प्रस्तुत करते हुए जेटीए मोटाराम ने बताया कि उसने उक्त कार्य का माप पुस्तिका में इन्द्राज जल्दी भुगतान कराने के दबाव के कारण माप पुस्तिका में नहीं किया,बल्कि कच्चे कागज पर किया था। जो उसकी पेंट की जेब में होने के कारण धुल गया। उसने एमबी वापिस दिलाने की मांग रखी ताकि उस कार्य की माप उसमें दर्ज कर सके।
जिला कलेक्टर प्रधान के मुताबिक कनिष्ठ तकनीकी सहायक का जबाव विसंगतिपूर्ण होने के साथ आवयक परिस्थितियों में कच्चे कागज की अपेक्षा मस्टररोल पर माप अंकित करने का विकल्प खुला था। इसका उपयोग नहीं किया गया। साथ ही मस्टररोल में एमबी नंबर 301 अंकित किया गया है जो माप पुस्तिका भरने के बाद ही अंकित हो सकता है। एमबी नंबर पहले से अंकित करना संदेहजनक है। रिकार्ड के तथ्यों तथा मोटाराम के जबाव के आधार पर पाया गया है कि उसके अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन नहीं किया है। ऐसे में उसका अनुबंध धारा 6 एवं 7 के प्रावधानों के अनुसार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक छगनलाल श्रीमाली ने बताया कि इस मामले में संबंधित ग्रामसेवक को 17 सीसीए में नोटिस जारी किया गया है। साथ ही सरपंच के खिलाफ पंचायतीराज एक्ट में कार्यवाही के लिए संभागीय आयुक्त को लिखा गया है।
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