कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांगा समाधान

कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांगा समाधान



कुम्हेर  ग्राम पंचायत रारह एवं सांतरुक में बिजली व्यवस्था सुचारु कराने, पानी की पर्याप्त सप्लाई, रारह में 33 केवी जीएसएस के लिए प्रस्तावित जमीन स्वीकृत कराने तथा रारह उप तहसील घोषित करने एवं तत्कालीन जिला कलेक्टर कृष्ण कुणाल के निलंबन को बहाल कराने के लिए पंचायत समिति सदस्य कुसुम सिंह पत्नी मोहन रारह के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्री ज्ञापन जिला कलेक्टर गौरव गोयल को सौंपा और समस्याओं के समाधान की मांग की है।

पंचायत समिति सदस्य कुसुम सिंह रारह ने बताया कि ग्राम पंचायत रारह एवं सांतरुक में कई महीनों से बिजली आपूर्ति पूर्णत ठप है। मात्र दो या तीन घंटे रात में ही बिजली सप्लाई की जा रही है। इससे पूर्व में रारह में 21 से 22 घंटे बिजली दी जाती थी। उन्होंने बताया कि रारह, बुरावई, बघैया नगला, चौबा नगला, धौरमुई, सहनावली, माना का नगला, मौरोली आदि गांवों की पानी की सप्लाई ठप हो गई है। लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं। जबकि की ग्राम पंचायत रारह की आबादी 9 हजार से अधिक है। कुसुम सिंह ने बताया कि रारह में 33 केवी जीएसएस के लिए जमीन स्वीकृत कराने के लिए जमीन का प्रस्ताव जिला कलेक्टर के पास विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि नायब तहसीलदार मुख्यालय है, जिसको पदेन उप पंजीयक की शक्तियां प्राप्त नहीं हैं। रारह से कुम्हेर तहसील की दूरी 30 किलोमीटर से भी ज्यादा है। इसके अलावा गोपालगढ़ में दो समुदायों के बीच हुई हिंसा में बिना जांच रिपोर्ट आए ही तत्कालीन जिला कलेक्टर कृष्ण कुणाल को निलंबित कर किया गया और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई जो न्यायोचित नहीं है। इस अवसर पर मोहन रारह, सत्येन्द्र सांतरुक, प्रीतम सिंह, सुरेन्द्र पाराशर, राजेन्द्र सिंह, पुष्पेंन्द्र सिंह, रोशन सिंह, नंदकिशोर खटीक, लक्ष्मण सिंह, करतार सिंह, प्रवेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

पहाड़ी. ग्राम पंचायत के सचिव पर जातिवाद को फैलाने और पंचायत कर्मचारी को बीपीएल सूची में गलत तरीकों द्वारा लाभ पहुंचाने के मामले को लेकर कस्बेवासियों ने जिला कलेक्टर को नाम तहसीलदार को ज्ञापन देकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।ग्रामवासियों ने बताया कि ग्राम पंचायत में नौकरी कर रहा हरमुख माली जो पूर्व में चुंगी नाके के कर्मचारी पद पर कार्यरत थे। जिसको राज्य सरकार से वेतन मिलता है। ग्राम पंचायत सचिव चेतन स्वरुप की मिली भगत के चलते बीपीएल योजना में लाभांवित किया गया है। इसी तरह मूल जाति मालन जिसके पास जमीन व पक्का मकान है। इसको भी बीपीएल का लाभ दिलवाया गया। जिसके साथ ही सुशीला मालिन को आंगनबाड़ी में लगाया गया है। जिसकी पूर्व में पंचायत समिति में शिकायत भी की चुकी है। मगर संबंधित अधिकारी द्वारा न तो कोई जांच कराई और जांच अमल में लाई गई है। पत्र में सुखराम, स्वरुप सिंह, राजेश कुमार, बनवारी, राजू, गुरमीत, प्रकाश, सुंदर सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर थे।

टिप्पणियाँ