निलंबित तहसीलदार सहित चार गिरफ्तार
फलौदी फलौदी तहसील क्षेत्र में करोड़ों रुपए कीमत की जमीनों को जाली दस्तावेजों के आधार पर खरीद फरोख्त करने के मामले में पुलिस ने बुधवार को भोपालगढ़ के तत्कालीन तहसीलदार व उप पंजीयक महेश कुमार शर्मा, तत्कालीन नायब तहसीलदार इंद्रसिंह राजपुरोहित, वरिष्ठ लिपिक हीरालाल जाटव और कानासर हल्का के तत्कालीन पटवारी हनुमानाराम विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकरण में पुलिस अब तक कुल 43 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 14 लाख 70 हजार रुपए नकद, एक बोलेरो व एक इनोवा गाड़ी जब्त कर चुकी है। इस मामले में पुलिस को अब भी करीब एक दर्जन आरोपियों की तलाश है।
एएसपी (फलौदी) केसरसिंह ने बताया कि करीब आठ माह पूर्व फलौदी उपखण्ड के कई गांवों में भूमाफिया गिरोह ने जाली दस्तावेजों के आधार पर छह हजार बीघा से अधिक भूमि का बेचान व हस्तांतरण महाराष्ट्र की कंपनी मैत्रेय सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड विरार और मैत्रेय प्लांटर्स एंड स्ट्रक्चर्स को कर दिया। बाद में इन जमीनों के असली मालिकों को पता लगा। लोगों की शिकायत पर भोपालगढ़ थाने में 6118 बीघा 18 बिस्वा जमीन के फर्जी बेचान के संबंध में कुल 31 मामले दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार अलग- अलग स्थानों पर इस तरह से करीब 6 करोड़ 53 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा हुआ। वहीं 7 प्रकरण जोधपुर कमिश्नरेट के उदय मंदिर व महामंदिर थानों में दर्ज हुए। भोपालगढ़ में दर्ज प्रकरणों की जांच में सामने आया कि फर्जी इकरारनामों के माध्यम से एक गिरोह ने भूमि का बेचान किया। इसका सरगना कुख्यात आरोपी जालोड़ा निवासी विशनाराम है। इस प्रकरण में तत्कालीन तहसीलदार व उप पंजीयक महेश कुमार, तत्कालीन नायब तहसीलदार इंद्रसिंह, वरिष्ठ लिपिक हीरालाल और कानासर हल्का के तत्कालीन पटवारी हनुमानाराम को गिरफ्तार कर लिया।
फलौदी फलौदी तहसील क्षेत्र में करोड़ों रुपए कीमत की जमीनों को जाली दस्तावेजों के आधार पर खरीद फरोख्त करने के मामले में पुलिस ने बुधवार को भोपालगढ़ के तत्कालीन तहसीलदार व उप पंजीयक महेश कुमार शर्मा, तत्कालीन नायब तहसीलदार इंद्रसिंह राजपुरोहित, वरिष्ठ लिपिक हीरालाल जाटव और कानासर हल्का के तत्कालीन पटवारी हनुमानाराम विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकरण में पुलिस अब तक कुल 43 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 14 लाख 70 हजार रुपए नकद, एक बोलेरो व एक इनोवा गाड़ी जब्त कर चुकी है। इस मामले में पुलिस को अब भी करीब एक दर्जन आरोपियों की तलाश है।
एएसपी (फलौदी) केसरसिंह ने बताया कि करीब आठ माह पूर्व फलौदी उपखण्ड के कई गांवों में भूमाफिया गिरोह ने जाली दस्तावेजों के आधार पर छह हजार बीघा से अधिक भूमि का बेचान व हस्तांतरण महाराष्ट्र की कंपनी मैत्रेय सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड विरार और मैत्रेय प्लांटर्स एंड स्ट्रक्चर्स को कर दिया। बाद में इन जमीनों के असली मालिकों को पता लगा। लोगों की शिकायत पर भोपालगढ़ थाने में 6118 बीघा 18 बिस्वा जमीन के फर्जी बेचान के संबंध में कुल 31 मामले दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार अलग- अलग स्थानों पर इस तरह से करीब 6 करोड़ 53 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा हुआ। वहीं 7 प्रकरण जोधपुर कमिश्नरेट के उदय मंदिर व महामंदिर थानों में दर्ज हुए। भोपालगढ़ में दर्ज प्रकरणों की जांच में सामने आया कि फर्जी इकरारनामों के माध्यम से एक गिरोह ने भूमि का बेचान किया। इसका सरगना कुख्यात आरोपी जालोड़ा निवासी विशनाराम है। इस प्रकरण में तत्कालीन तहसीलदार व उप पंजीयक महेश कुमार, तत्कालीन नायब तहसीलदार इंद्रसिंह, वरिष्ठ लिपिक हीरालाल और कानासर हल्का के तत्कालीन पटवारी हनुमानाराम को गिरफ्तार कर लिया।

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