जोधपुर। सीबीआई ने 45 दिन बाद अपहृत एएनएम भंवरी को मृत मानकर सबूत जुटाने की कोशिश शुरू कर दी है। वहीं शहाबुद्दीन से बरामद किए साक्ष्यों की जांच के लिए शुक्रवार को फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री के वैज्ञानिकों को सर्किट हाउस बुलाया है। ये वैज्ञानिक इन वस्तुओं की जांच कर रहे हैं।
सीबीआई ने आरोपी शहाबुद्दीन और सोहनलाल से पूछताछ की थी तब उन्होंने भंवरी को दूसरी गैंग को जिंदा सौंपने की बात कही थी। इसलिए दूसरी गैंग के रूप में सामने आए विशनाराम व प्रदीप की तलाश आरंभ कराई। लेकिन पैंतालीस दिन बाद सीबीआई ने यह माना कि भंवरी जिंदा नहीं है इसलिए उसके सबूत जुटाने शुरू कर दिए।
इस बीच सोहनलाल व शहाबुद्दीन को पांच-पांच दिन का और रिमांड पर लिया गया तो उन्होंने कबूल कर लिया कि भंवर को उन्होंने ही खत्म कर दिया था। इस पर शहाबुद्दीन की निशानदेही पर फलौदी क्षेत्र से मोबाइल फोन, वीडियो कैमरा और सिम कार्ड आदि बरामद किए थे। शहाबुद्दीन की बोलेरो में भी भंवरी के बाल मिले थे। इन सभी सबूतों की जांच के लिए शुक्रवार दोपहर एक बजे एफएसएल के वैज्ञानिकों को बुलाया और इनकी जांच कराई जा रही है।
सीबीआई ने आरोपी शहाबुद्दीन और सोहनलाल से पूछताछ की थी तब उन्होंने भंवरी को दूसरी गैंग को जिंदा सौंपने की बात कही थी। इसलिए दूसरी गैंग के रूप में सामने आए विशनाराम व प्रदीप की तलाश आरंभ कराई। लेकिन पैंतालीस दिन बाद सीबीआई ने यह माना कि भंवरी जिंदा नहीं है इसलिए उसके सबूत जुटाने शुरू कर दिए।
इस बीच सोहनलाल व शहाबुद्दीन को पांच-पांच दिन का और रिमांड पर लिया गया तो उन्होंने कबूल कर लिया कि भंवर को उन्होंने ही खत्म कर दिया था। इस पर शहाबुद्दीन की निशानदेही पर फलौदी क्षेत्र से मोबाइल फोन, वीडियो कैमरा और सिम कार्ड आदि बरामद किए थे। शहाबुद्दीन की बोलेरो में भी भंवरी के बाल मिले थे। इन सभी सबूतों की जांच के लिए शुक्रवार दोपहर एक बजे एफएसएल के वैज्ञानिकों को बुलाया और इनकी जांच कराई जा रही है।

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